अब चीन ने बढ़ाया दोस्ती का हाथ, ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान भारत आ सकते हैं शी जिनपिंग

अब चीन ने बढ़ाया दोस्ती का हाथ, ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान भारत आ सकते हैं शी जिनपिंग

चीन ने कहा कि वह पांच उभरती अर्थव्यवस्थाओं के संगठन ब्रिक्स में सहयोग को मजबूत करने के लिए नयी दिल्ली के साथ मिलकर काम करेगा। उल्लेखनीय है कि भारत इस साल ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका के संगठन ब्रिक्स की अध्यक्षता करेगा।

करीब 11 महीने से सीमा विवाद को लेकर भारत और चीन के बीच में भारी तनाव चल रहा है। हालांकि, तनाव को कम करने के लिए दोनों देशों के बीच रक्षा और कूटनीतिक चैनल के जरिए बातचीत जारी है। पूर्वी लद्दाख में मई में दोनों देशों की सेनाओं के बीच जबरदस्त टकराव की स्थिति हो गई थी। हालांकि, अब रिश्तों को सामान्य करने की कोशिश दोनों देशों की ओर से लगातार जारी है। पैंगोंग झील और अन्य जगहों पर डिसइंगेजमेंट की रिपोर्ट के बीच अब चीन के तेवर भी बदल रहे हैं। विस्तारवादी सोच रखने वाला चीन अब सहयोग और मानवता की बात कर रहा है। चीन ने तो यह कह कर हैरान कर दिया कि वह भारत में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन का समर्थन करता है और सदस्य देशों के साथ मिलकर विभिन्न क्षेत्रों में मजबूत सहयोग बनाना चाहता है। 

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इन सबके बीच सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण यह हो गया है कि जैसे ही भारत में ब्रिक्स का आयोजन होगा, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग यहां आ सकते हैं। जाहिर सी बात है कि एलएसी विवाद के बाद दोनों देशों के बीच उपजे तनाव के दौरान शी जिनपिंग का भारत आना काफी महत्वपूर्ण हो जाता है। इतना ही नहीं, सूत्र तो यह भी दावा कर रहे हैं कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी मुलाकात भी संभव है। यह मुलाकात द्विपक्षीय रह सकती है। चीन ने तो साफ तौर पर एक बयान जारी कर यह कह दिया है कि वह ब्रिक्स को बहुत ज्यादा महत्व देता है और रणनीतिक साझेदारी को बढ़ाने का पक्षधर है। चीन ने यह भी दावा किया है कि वह ब्रिक्स देशों के बीच एकजुटता और सहयोग को और भी मजबूत करेगा। 

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चीन ने कहा कि वह पांच उभरती अर्थव्यवस्थाओं के संगठन ब्रिक्स में सहयोग को मजबूत करने के लिए नयी दिल्ली के साथ मिलकर काम करेगा। उल्लेखनीय है कि भारत इस साल ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका के संगठन ब्रिक्स की अध्यक्षता करेगा। भारत की तैयारी ब्रिक्स वार्षिक सम्मेलन की मेजबानी करने की है। विदेशमंत्री एस जयशंकर ने 19 फरवरी को नयी दिल्ली स्थित सुषमा स्वराज भवन स्थित ब्रिक्स सचिवालय में भारत का ब्रिक्स-2021 वेबसाइट की शरुआत की थी। इस साल ब्रिक्स की अध्यक्षता भारत द्वारा संभालने को लेकर पूछे गए सवाल पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा बीजिंग, नयी दिल्ली की मेजबानी में शिखर सम्मेलन आयोजित कराने का समर्थन करेगा। वांग ने कहा, ‘‘ उभरती अर्थव्यवस्थाओं एवं विकासशील देशों के के वैश्विक प्रभाव के साथ ब्रिक्स सहयोग की प्रणाली है। हाल के वर्षों में वृहद एकजुटता एवं गहरी व्यवहारिक सहयोग और वृहत्तर प्रभाव देखने को मिला है।’’ 

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उन्होंने कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय मामलों में ब्रिक्स अब सकारात्मक, स्थिर एवं सृजनात्मक शक्ति है।’’ वांग ने कहा, ‘‘हम दृढ़ एकजुट एवं सहयोग के लिए रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम इस साल सम्मेलन की मेजबानी करने के लिए भारत का समर्थन करेंगे एंव अन्य सदस्यों के साथ संवाद को मजबूत करने, सहयोग के तीन स्तंभों को दृढ़ करने, ब्रिक्स के तहत अधिक प्रगति करने एवं ब्रिक्स प्लस सहयोग बढ़ाने के लिए, कोविड-19 को हराने, आर्थिक विकास बहाल करने एवं वैश्विक शासन में सुधार करने के लिए काम करेंगे। हालांकि, वांग ने स्पष्ट नहीं किया इस साल होने वाले सम्मेलन में राष्ट्रपति शी चिनफिंग शामिल होंगे या नहीं।





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