अब चीन ने बढ़ाया दोस्ती का हाथ, ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान भारत आ सकते हैं शी जिनपिंग

  •  अंकित सिंह
  •  फरवरी 23, 2021   13:54
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अब चीन ने बढ़ाया दोस्ती का हाथ, ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान भारत आ सकते हैं शी जिनपिंग

चीन ने कहा कि वह पांच उभरती अर्थव्यवस्थाओं के संगठन ब्रिक्स में सहयोग को मजबूत करने के लिए नयी दिल्ली के साथ मिलकर काम करेगा। उल्लेखनीय है कि भारत इस साल ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका के संगठन ब्रिक्स की अध्यक्षता करेगा।

करीब 11 महीने से सीमा विवाद को लेकर भारत और चीन के बीच में भारी तनाव चल रहा है। हालांकि, तनाव को कम करने के लिए दोनों देशों के बीच रक्षा और कूटनीतिक चैनल के जरिए बातचीत जारी है। पूर्वी लद्दाख में मई में दोनों देशों की सेनाओं के बीच जबरदस्त टकराव की स्थिति हो गई थी। हालांकि, अब रिश्तों को सामान्य करने की कोशिश दोनों देशों की ओर से लगातार जारी है। पैंगोंग झील और अन्य जगहों पर डिसइंगेजमेंट की रिपोर्ट के बीच अब चीन के तेवर भी बदल रहे हैं। विस्तारवादी सोच रखने वाला चीन अब सहयोग और मानवता की बात कर रहा है। चीन ने तो यह कह कर हैरान कर दिया कि वह भारत में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन का समर्थन करता है और सदस्य देशों के साथ मिलकर विभिन्न क्षेत्रों में मजबूत सहयोग बनाना चाहता है। 

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इन सबके बीच सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण यह हो गया है कि जैसे ही भारत में ब्रिक्स का आयोजन होगा, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग यहां आ सकते हैं। जाहिर सी बात है कि एलएसी विवाद के बाद दोनों देशों के बीच उपजे तनाव के दौरान शी जिनपिंग का भारत आना काफी महत्वपूर्ण हो जाता है। इतना ही नहीं, सूत्र तो यह भी दावा कर रहे हैं कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी मुलाकात भी संभव है। यह मुलाकात द्विपक्षीय रह सकती है। चीन ने तो साफ तौर पर एक बयान जारी कर यह कह दिया है कि वह ब्रिक्स को बहुत ज्यादा महत्व देता है और रणनीतिक साझेदारी को बढ़ाने का पक्षधर है। चीन ने यह भी दावा किया है कि वह ब्रिक्स देशों के बीच एकजुटता और सहयोग को और भी मजबूत करेगा। 

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चीन ने कहा कि वह पांच उभरती अर्थव्यवस्थाओं के संगठन ब्रिक्स में सहयोग को मजबूत करने के लिए नयी दिल्ली के साथ मिलकर काम करेगा। उल्लेखनीय है कि भारत इस साल ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका के संगठन ब्रिक्स की अध्यक्षता करेगा। भारत की तैयारी ब्रिक्स वार्षिक सम्मेलन की मेजबानी करने की है। विदेशमंत्री एस जयशंकर ने 19 फरवरी को नयी दिल्ली स्थित सुषमा स्वराज भवन स्थित ब्रिक्स सचिवालय में भारत का ब्रिक्स-2021 वेबसाइट की शरुआत की थी। इस साल ब्रिक्स की अध्यक्षता भारत द्वारा संभालने को लेकर पूछे गए सवाल पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा बीजिंग, नयी दिल्ली की मेजबानी में शिखर सम्मेलन आयोजित कराने का समर्थन करेगा। वांग ने कहा, ‘‘ उभरती अर्थव्यवस्थाओं एवं विकासशील देशों के के वैश्विक प्रभाव के साथ ब्रिक्स सहयोग की प्रणाली है। हाल के वर्षों में वृहद एकजुटता एवं गहरी व्यवहारिक सहयोग और वृहत्तर प्रभाव देखने को मिला है।’’ 

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उन्होंने कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय मामलों में ब्रिक्स अब सकारात्मक, स्थिर एवं सृजनात्मक शक्ति है।’’ वांग ने कहा, ‘‘हम दृढ़ एकजुट एवं सहयोग के लिए रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम इस साल सम्मेलन की मेजबानी करने के लिए भारत का समर्थन करेंगे एंव अन्य सदस्यों के साथ संवाद को मजबूत करने, सहयोग के तीन स्तंभों को दृढ़ करने, ब्रिक्स के तहत अधिक प्रगति करने एवं ब्रिक्स प्लस सहयोग बढ़ाने के लिए, कोविड-19 को हराने, आर्थिक विकास बहाल करने एवं वैश्विक शासन में सुधार करने के लिए काम करेंगे। हालांकि, वांग ने स्पष्ट नहीं किया इस साल होने वाले सम्मेलन में राष्ट्रपति शी चिनफिंग शामिल होंगे या नहीं।





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मन की बात कार्यक्रम में बोले PM मोदी, जल सिर्फ जीवन ही नहीं, आस्था और विकास की धारा भी है

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 28, 2021   12:11
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मन की बात कार्यक्रम में बोले PM मोदी, जल सिर्फ जीवन ही नहीं, आस्था और विकास की धारा भी है

आकाशवाणी के ‘‘मन की बात’’ कार्यक्रम की 74वीं कड़ी में अपने विचार साझा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दुनिया के हर समाज में नदी के साथ जुड़ी हुई कोई-न-कोई परम्परा होती ही है और नदी तट पर अनेक सभ्यताएं भी विकसित हुई हैं।

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने जल को जीवन के साथ ही आस्था का प्रतीक और विकास की धारा करार देते हुए रविवार को देशवासियों से इसका संरक्षण करने का आह्वान किया। आकाशवाणी के ‘‘मन की बात’’ कार्यक्रम की 74वीं कड़ी में अपने विचार साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण के लिए केंद्र सरकार इस साल ‘‘विश्व जल दिवस’’ से 100 दिनों का अभियान भी शुरू करेगी। मोदी ने कहा कि दुनिया के हर समाज में नदी के साथ जुड़ी हुई कोई-न-कोई परम्परा होती ही है और नदी तट पर अनेक सभ्यताएं भी विकसित हुई हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति क्योंकि हजारों वर्ष पुरानी है इसलिए इसका विस्तार देश में और ज्यादा मिलता है। 

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उन्होंने कहा, “भारत में कोई ऐसा दिन नहीं होगा जब देश के किसी-न-किसी कोने में पानी से जुड़ा कोई उत्सव न हो। माघ के दिनों में तो लोग अपना घर-परिवार, सुख-सुविधा छोड़कर पूरे महीने नदियों के किनारे कल्पवास करने जाते हैं। इस बार हरिद्वार में कुंभ भी हो रहा है। जल हमारे लिये जीवन भी है, आस्था भी है और विकास की धारा भी है।” पानी को पारस से भी ज्यादा महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पारस के स्पर्श से लोहा, सोने में परिवर्तित हो जाता है वैसे ही पानी का स्पर्श जीवन और विकास के लिये जरुरी है।

उन्होंने कहा, ‘‘पानी के संरक्षण के लिये, हमें, अभी से ही प्रयास शुरू कर देने चाहिए।’’ आगामी 22 मार्च को मनाए जाने वाले विश्व जल दिवस का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण सिर्फ सरकार की नहीं बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी है और इसे देश के नागरिकों को समझना होगा। उन्होंने अपने आसपास के जलस्त्रोतों की सफाई के लिये और वर्षा जल के संचयन के लिये देशवासियों से 100 दिन का कोई अभियान शुरू कने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, ‘‘इसी सोच के साथ अब से कुछ दिन बाद जल शक्ति मंत्रालय द्वारा भी जल शक्ति अभियान- ‘कैच द् रैन’ भी शुरू किया जा रहा है। इस अभियान का मूल मन्त्र है पानी जब भी और जहां भी गिरे उसे बचाएं।’’ 

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उन्होंने कहा, “हम अभी से जुटेंगे और पहले से तैयार जल संचयन के तंत्र को दुरुस्त करवा लेंगे तथा गांवों में, तालाबों में, पोखरों की सफाई करवा लेंगे, जलस्त्रोतों तक जा रहे पानी के रास्ते की रुकावटें दूर कर लेंगे तो ज्यादा से ज्यादा वर्षा जल का संचयन कर पायेंगे।” प्रधानमंत्री ने संत रविदास जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि भी दी और कहा कि आज भी उनके ज्ञान, हमारा पथप्रदर्शन करता है उन्होंने कहा, “हमारे युवाओं को एक और बात संत रविदास जी से जरूर सीखनी चाहिए। युवाओं को कोई भी काम करने के लिये, खुद को पुराने तौर तरीकों में बांधना नहीं चाहिए। आप, अपने जीवन को खुद ही तय करिए।





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ISRO को मिली एक और कामयाबी, PSLV-C51 ने अमेजोनिया-1 समेत 19 उपग्रहों को लेकर भरी उड़ान

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 28, 2021   11:41
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ISRO को मिली एक और कामयाबी, PSLV-C51 ने अमेजोनिया-1 समेत 19 उपग्रहों को लेकर भरी उड़ान

प्रक्षेपण के करीब 18 मिनट बाद प्राथमिक उपग्रह अमेजोनिया-1 के कक्षा में स्थापित किए जाने की संभावना है, जबकि अन्य 18 उपग्रह अगले दो घंटों में कक्षाओं में भेजे जाएंगे।

श्रीहरिकोटा। ब्राजील के अमेजोनिया-1 और 18 अन्य उपग्रहों को लेकर भारत के पीएसएलवी (ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान) सी-51 ने रविवार को यहां श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से उड़ान भरी। करीब 26 घंटे की उल्टी गिनती पूरी होने के बाद पीएसएलवी-सी51 ने चेन्नई से करीब 100 किलोमीटर दूर स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के प्रथम लॉन्च पैड से सुबह करीब 10 बजकर 24 मिनट पर उड़ान भरी।

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प्रक्षेपण के करीब 18 मिनट बाद प्राथमिक उपग्रह अमेजोनिया-1 के कक्षा में स्थापित किए जाने की संभावना है, जबकि अन्य 18 उपग्रह अगले दो घंटों में कक्षाओं में भेजे जाएंगे। इन उपग्रहों में चेन्नई की स्पेस किड्ज़ इंडिया (एसकेआई) का उपग्रह भी शामिल है। इस अंतरिक्ष यान के शीर्ष पैनल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर उकेरी गई है। 





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देश में कोरोना के मामलों में तेजी से हो रही वृद्धि, 16,752 नए मामले दर्ज, 113 मरीजों की मौत

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 28, 2021   11:01
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देश में कोरोना के मामलों में तेजी से हो रही वृद्धि, 16,752 नए मामले दर्ज, 113 मरीजों की मौत

आंकड़ों के मुताबिक, संक्रमण का इलाज करा रहे मरीजों की संख्या बढ़कर 1,64,511 पहुंच गई है जो कुल मामलों का 1.48 प्रतिशत है। देश में अबतक कुल 1,07,75,169 मरीज संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं।

नयी दिल्ली। भारत में बीते 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 16,752 नए मरीजों की पुष्टि हुई है जो पिछले 30 दिनों में सबसे ज्यादा हैं। इसके बाद संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 1,10,96,731 हो गई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सुबह आठ बजे तक के अद्यतन आंकड़ों के मुताबिक, 113 और संक्रमितों की मौत के बाद महामारी से जान गंवाने वालों की संख्या 1,57,051 पहुंच गई है। देश में 29 जनवरी को 18,855 नए मामले आए थे। 

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आंकड़ों के मुताबिक, संक्रमण का इलाज करा रहे मरीजों की संख्या बढ़कर 1,64,511 पहुंच गई है जो कुल मामलों का 1.48 प्रतिशत है। देश में अबतक कुल 1,07,75,169 मरीज संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं। इसके बाद संक्रमण से मुक्त होने की दर 97.10 फीसदी है। कोरोना वायरस संक्रमण से मृत्यु दर 1.42 प्रतिशत है। देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितम्बर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। 

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वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितम्बर को 50 लाख, 28 सितम्बर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवम्बर को 90 लाख और 19 दिसम्बर को एक करोड़ के पार चले गए थे। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के मुताबिक, 27 फरवरी तक 21,62,31,106 नमूनों की जांच की गई है। शनिवार को ही 7,95,723 नमूनों का परीक्षण किया गया है।





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