Yaas Cyclone Update: ओडिशा और पश्चिम बंगाल में तूफान के ज्यादा गंभीर होने की आशंका

Yaas Cyclone Update: ओडिशा और पश्चिम बंगाल में तूफान के ज्यादा गंभीर होने की आशंका

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने सोमवार को केंद्र सरकार को सूचित किया कि राज्य भीषण चक्रवाती तूफान ‘यास’ से निपटने के लिए तैयार है, जो 26 मई को बालासोर के निकट दस्तक दे सकता है।

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने सोमवार को केंद्र सरकार को सूचित किया कि राज्य भीषण चक्रवाती तूफान ‘यास’ से निपटने के लिए तैयार है, जो 26 मई को बालासोर के निकट दस्तक दे सकता है। पटनायक ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ वार्ता के दौरान यह बात कही जो चक्रवात की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री से कहा, ‘‘हम पूरी तरह तैयार हैं और हमारे अधिकारी केंद्र सरकार के अधिकारियों के संपर्क में हैं। जरूरतों को लेकर हम आपको सूचित करेंगे।’’ शाह ने ट्विटर पर कहा, ‘‘मैंने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, विभिन्न अस्पतालों में बिजली बैक अप की व्यवस्था करने और राज्य में ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्रों में सुरक्षा के निर्देश जारी किए हैं।’’ ओडिशा सरकार ने निचले इलाकों और बालासोर, भद्रक, केंद्रपाड़ा तथा जगतसिंहपुर जिलों से करीब एक लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया है। इन जिलों में चक्रवात का खतरा ज्यादा है।

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 पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार ने चक्रवात यास से निपटने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए हैं, जो राज्य के 20 जिलों को प्रभावित कर सकता है। एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, बनर्जी ने कहा कि राज्य किसी भी नुकसान से बचने के लिए कम से कम 10 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने का लक्ष्य बना रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘अभी तक हमें जो जानकारी मिली है उसके अनुसार चक्रवात यास का प्रभाव अम्फान से कहीं अधिक होने वाला है। यह पश्चिम बंगाल के कम से कम 20 जिलों को प्रभावित करने वाला है। कोलकाता, उत्तर और दक्षिण 24 परगना तथा पूर्व मेदिनीपुर जिले गंभीर रूप से प्रभावित होंगे।’’ उन्होंने कहा कि हावड़ा, हुगली, बांकुरा, बीरभूम, नदिया, पश्चिम और पूर्व बर्धमान, पश्चिम मेदिनीपुर, मुर्शिदाबाद, झारग्राम, पुरुलिया जिले भी चक्रवात से प्रभावित होंगे।

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 बनर्जी ने कहा कि मालदा, उत्तर और दक्षिण दिनाजपुर, दार्जिलिंग और कलिम्पोंग में बारिश की आशंका है। उन्होंने कहा कि यह आपदा 72 घंटे तक रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा, राज्य सरकार ने तटीय क्षेत्रों में सभी प्रकार के पर्यटन के साथ-साथ समुद्र में मछली पकड़ने की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। उन्होंने कहा, जिला प्रशासन और पुलिस को किसी भी तरह की जान-माल की हानि को रोकने के लिए निर्देशों का उल्लंघन करने वालों से सख्ती से निपटने के लिए कहा गया है। बनर्जी ने कहा कि विशेषज्ञों द्वारा अनुमानित तबाही को ध्यान में रखते हुए कम से कम 51 आपदा प्रबंधन टीमों को तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि 13 स्थानों पर फेरी सेवाएं बंद कर दी गई हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य के पास राहत सामग्री का पर्याप्त भंडार है जिसे प्रखंड स्तर पर तैयार रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा, मंगलवार से हम राज्य सचिवालय के नियंत्रण कक्ष से अगले 48 घंटे तक निगरानी जारी रखेंगे। जिला और अनुमंडल स्तर पर भी नियंत्रण कक्ष चालू कर दिए गए हैं। बनर्जी ने कहा कि अस्पतालों और टीका केंद्रों के लिए व्यापक योजनाएं अपनाई गई हैं। सभी प्रकार की दवाओं को तैयार रखने को कहा गया है। कोलकाता बंदरगाह ने कहा कि वह 25 मई से चक्रवात के थमने तक सभी गतिविधियों को स्थगित कर देगा। कोलकाता हवाईअड्डे के अधिकारियों ने कहा कि चक्रवात के मद्देनजर किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सभी एहतियाती कदम उठाए गए हैं।





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