Madhubala Death Anniversary: Madhubala की Tragic Life, बेपनाह खूबसूरती, टूटा दिल... 36 की उम्र में क्यों अकेली रह गईं

बॉलीवुड के सुनहरे दौर की अभिनेत्री रहीं मधुबाला का 23 फरवरी को निधन हो गया था। हर तरह की फिल्मों में मधुबाला ने अपनी खूबसूरती और अदाकारी का जलवा बिखेरा। उनकी खूबसूरती के चलते मधुबाला को 'वीनस ऑफ हिंदी सिनेमा' कहा गया।
आज ही के दिन यानी की 23 फरवरी को अभिनेत्री मधुबाला की मृत्यु हो गई थी। मधुबाला को 'वीनस ऑफ इंडियन सिनेमा' कै टैग मिला था। लेकिन उनका जीवन आसान नहीं था। मधुबाला उस दौर की ऐसी अभिनेत्री थीं, जिनकी खूबसूरती, अदाकारी और चेहरे की मासूमियत को हॉलीवुड वाले भी भुनाना चाहते थे। मधुबाला को ऑस्कर विनर डायरेक्टर से फिल्म ऑफर हुई थी, लेकिन एक्ट्रेस ने इस फिल्म को ठुकरा दिया था। तो आइए जानते हैं उनकी डेथ एनिवर्सरी के मौके मधुबाला के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...
जन्म और परिवार
दिल्ली में 14 फरवरी 1933 को मधुबाला का जन्म हुआ था। उनका असली नाम मुमताज जहां देहलवी था। इनके पिता का नाम अताउल्लाह खान था, जोकि पेशावर की एक तंबाकू फैक्ट्री के काम करते थे। लेकिन बाद में वह मुंबई आ गए। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। ऐसे में सिर्फ 9 साल की उम्र से ही मधुबाला को काम करना पड़ा।
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बाल कलाकार के रूप में किया काम
मधुबाला ने फिल्म 'बसंत' में बाल कलाकार के रूप में काम किया था। इस दौरान उनको बेबी मुमताज के नाम से जाना जाता था। बेबी मुमताज की मासूमियत और अदाकारी ने दर्शकों का दिल जीत लिया था। बाल कलाकार के रूप में शुरू हुए मधुबाला के सफर ने आगे चलकर उनको बॉलीवुड का सितारा बना दिया था। मधुबाला ने महज 12 साल की उम्र में ड्राइविंग सीख ली थी। जो उस दौर में एक साहसिक कदम माना जाता था।
हॉलीवुड का ऑफर
मधुबाला की चर्चा न सिर्फ देश बल्कि विदेशों में भी देखने को मिली थी। उस दौर में यह कम होता था कि किसी इंडियन एक्ट्रेस को विदेशों से फिल्मों के ऑफर मिलते हों। लेकिन ऑस्कर विनर डायरेक्टर फ्रैंक कैप्रा ने मधुबाला को अमेरिका में बड़े बजट की फिल्मों का ऑफर भेजा था। यह फिल्म एक्ट्रेस को हॉलीवुड में जबरदस्त पॉपुलैरिटी दिला सकता था। लेकिन मधुबाला ने इस ऑफर को ठुकरा दिया था।
मधुबाला की फिल्में
बता दें कि मधुबाला ने अपने 22 साल के करियर में करीब 70 फिल्मों में काम किया है। साल 1947 में आई फिल्म 'नील कमल' में उनका नाम बदलकर मधुबाला कर दिया गया था। 1950 के दशक में एक्ट्रेस ने कई सफल फिल्में दीं। जिनमें से 'फागुन', 'महल', 'हावड़ा ब्रिज', 'काला पानी' और 'चलती का नाम गाड़ी' आदि शामिल है। उनको 'वीनस ऑफ इंडियन सिनेमा' कै टैग मिला था। लेकिन उनका जीवन आसान नहीं था।
सबसे बड़ी पहचान
अभिनेत्री की कामयाबी की सबसे बड़ी पहचान फिल्म 'मुगल-ए-आजम' बनी थी। यह हिंदी सिनेमा की ऐतिहासिक फिल्मों में गिनी जाती है। इस फिल्म की शूटिंग के दौरान मधुबाला दिल की बीमारी से जूझ रही थीं। लेकिन इसके बाद भी उन्होंने शूट पूरे किए, कई बार उनकी तबियत सेट पर बिगड़ जाती थी। लेकिन मधुबाला ने कभी अपना काम बीच में नहीं छोड़ा।
दिलीप कुमार से हुईं अलग
मधुबाला की पर्सनल लाउफ में काफी उठापटक मची रही। उनकी लव स्टोरी पहले अभिनेता दिलीप कुमार और बाद में किशोर कुमार के साथ चर्चिक रहीं। अभिनेता दिलीप कुमार से मधुबाला का रिश्ता गहरा था, लेकिन परिवार के कारण दोनों में अलगाव हो गया। बाद में मधुबाला ने किशोर कुमार से शादी की थी। लेकिन बताया जाता है कि आखिरी समय में मधुबाला एकदम अकेली रह गई थीं।
मृत्यु
1960 के दशक में मधुबाला की सेहत बिगड़ने लगीं। जांच कराने पर पता चला कि उनके दिल में छेद है। वहीं लंदन के डॉक्टरों ने सर्जरी करने से मना कर दिया। इस बीमारी के कारण धीरे-धीरे मधुबाला का करियर सीमित होने लगा था। वहीं 23 फरवरी 1969 को 36 साल की उम्र में मधुबाला ने इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया था।
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