जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा देगा उत्तर प्रदेश के विकास को नई उड़ान

जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा देगा उत्तर प्रदेश के विकास को नई उड़ान

नोएडा के जेवर में बन रहे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के साथ ही उत्तर प्रदेश को विकास की जो नई सौगातें मिलने जा रही हैं उनमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बनने वाले फूड पार्क, एपेरेल पार्क, आईटी पार्क, मेडिसिन पार्क आदि तो हैं ही साथ ही पड़ोस में ही फिल्म सिटी का निर्माण भी किया जाना है।

नोएडा के जेवर क्षेत्र में बनने जा रहे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का निर्माण अपने आप में एक ऐतिहासिक कदम है। कुछ वर्षों पहले जेवर तक आने के लिए सही रास्ते नहीं थे लेकिन समय का और विकास का पहिया कुछ ऐसे घूमा कि आज हर रास्ता जेवर की ओर जा रहा है। जेवर में बनने वाले नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का शिलान्यास स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करने वाले हैं। माना जा रहा है कि 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले इस हवाई अड्डे से विमान उड़ान भरने लगेंगे। यह हवाई अड्डा भारत का ही नहीं बल्कि दुनिया का भी सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनने जा रहा है क्योंकि आगामी चालीस से पचास साल की जरूरतों का ख्याल रखते हुए इस हवाई अड्डे का निर्माण हो रहा है। इस हवाई अड्डे से कैसे उत्तर प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी जरा कुछ बिंदुओं के माध्यम से इसे समझने का प्रयास करते हैं-

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- आने वाले समय में जेवर के आसपास 20 हजार होटलों की जरूरत पड़ेगी, जिससे बिजनेस बढ़ेगा

- शिलान्यास से पहले ही नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का दायरा 1200 हेक्टेयर और बढ़ गया है

- नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का दायरा अब पांच हजार हेक्टेयर से बढ़कर 6200 हेक्टेयर हो गया है

- नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का पूरा निर्माण तीन चरणों में पूरा होना है

- नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण के पहले चरण में दो उपचरण भी शामिल हैं जिसमें से पहले उपचरण का काम प्रारंभ हो गया है

- ज्यूरिख इंटरनैशनल एयरपोर्ट कंपनी को नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण का ठेका मिला है

- पहले चरण में नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दो रनवे बनेंगे, नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कुल पांच रनवे का निर्माण होगा

- दूसरे उपचरण में एक रनवे और एमआरओ सेंटर बनाया जायेगा

- नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से सालाना 7 करोड़ लोग करेंगे यात्रा

- नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 38.5 मीटर ऊंचा होगा एटीसी टावर

- नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का निर्माण 40 से 50 साल तक की जरूरतों के हिसाब से किया जायेगा और जरूरत के मुताबिक इसका विस्तारीकरण किया जाएगा

- नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यात्रियों के लिए प्रवेश और निकास द्वार पश्चिम और यमुना एक्सप्रेसवे की तरफ बनाया जाएगा

- नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लॉजिस्टिक के लिए प्रवेश और निकास द्वार पूर्व में बनाने की योजना है

- नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के दूसरे चरण में एयरक्राफ्ट मैनटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉलिंग (एमआरओ) सेंटर बनाया जाएगा

एमआरओ क्या होता है इससे क्या लाभ होगा ?

हम आपको बता दें कि देश में अभी विमानों के रखरखाव का काम नागपुर में होता है। यमुना प्राधिकरण की तरफ से जिस एमआरओ सेंटर की योजना बनायी गयी है उसके मुताबिक यह देश का सबसे बड़ा एमआरओ सेंटर होगा। नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास एमआरओ सेंटर बन जाने के बाद विमानों की सर्विस विदेश में कराने की जरूरत नहीं होगी। इससे समय और पैसे की तो बचत होगी ही साथ ही यह आमदनी का नया जरिया भी बनेगा और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे क्योंकि एमआरओ सेंटर बन जाने से इससे संबंधित उद्योग भी यहां लगाये जाएंगे।

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अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनने से और क्या फायदे हैं?

यही नहीं, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के साथ ही उत्तर प्रदेश को विकास की जो नई सौगातें मिलने जा रही हैं उनमें यहां बनने वाले फूड पार्क, एपेरेल पार्क, आईटी पार्क, मेडिसिन पार्क, फार्मा हर्बल पार्क आदि तो हैं ही साथ ही पड़ोस में ही फिल्म सिटी का निर्माण भी किया जाना है जिससे खासतौर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सूरत पूरी तरह बदल जायेगी। अभी यहाँ के युवक बाहर जाते हैं काम करने के लिए जल्द ही ऐसा भी समय आयेगा जब बाहर से यहाँ लोग बड़ी संख्या में रोजगार के लिए आएंगे। इन सबका निश्चित तौर पर राजनीतिक लाभ सत्तारुढ़ दल को मिलेगा ही क्योंकि यहाँ रहने वालों से बात करने पर साफ पता चलता है कि अब तक उनसे वादे ही किये गये थे लेकिन पहली बार उन वादों को धरातल पर उतरते हुए यह लोग देख रहे हैं।

लोगों की सोच बदल रही है

विकास की इन सौगातों ने लोगों के जीवन स्तर को ही नहीं सुधारा है बल्कि जाति और धर्म के आधार पर मतदान करने की सोच से भी उबारा है। लोकतंत्र की जननी भारत का मतदाता यदि विकास के नाम पर मतदान करने जा रहा है तो यह निश्चित ही एक बड़ा बदलाव है। लेकिन इस बदलाव को लाने के लिए बहुत से लोगों ने बड़ी मेहनत की है। इनमें प्रमुख नाम है जेवर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह का। भाजपा विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह की बड़ी कामयाबी रही कि वह अपने क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे जैसी बड़ी परियोजना ले आये। लेकिन इस परियोजना को साकार करना इतना आसान नहीं रहा। भूमि अधिग्रहण सबसे बड़ी चुनौती थी जिसे आसान करने के लिए ठाकुर धीरेंद्र सिंह ने स्थानीय लोगों से बातचीत की और सबको रजामंद कर इस परियोजना की राह आसान की। 

बहरहाल, यह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा योगी सरकार की भी बड़ी कामयाबी कही जायेगी क्योंकि पिछले लगभग पाँच सालों में कनेक्टिविटी बढ़ाने पर और परिवहन के साधनों को बढ़ाने और यात्रा सुगम बनाने की ओर जो ध्यान दिया गया है उससे प्रदेश के कोने-कोने तक विकास पहुँच रहा है।

-नीरज कुमार दुबे