क्या OTT प्लेटफॉर्म्स का हो रहा दुरुपयोग? मिर्जापुर और तांडव जैसी वेब सीरीज समाज को दे रही कैसा संदेश

क्या OTT प्लेटफॉर्म्स का हो रहा दुरुपयोग? मिर्जापुर और तांडव जैसी वेब सीरीज समाज को दे रही कैसा संदेश

बॉलीवुड एक्टर सैफ अली खान की वेब सीरीज तांडव के खिलाफ पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हो रहा है। वेब सीरीज में दिखाए गये कुछ विवादित सीन को लेकर वेब सीरीज को बैन करने की मांग हो रही है। कई राज्यों में वेब सीरीज तांडव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।

वेब सीरीज तांडव को लेकर देशभर में विवाद जारी है। कई राज्यों में तांडव के निर्माता और स्टार कास्ट पर एफआईआर दर्ज भी करा दिए गए है। हिंदू संगठनों का आरोप है कि इस वेब सीरीज के जरिए धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का काम किया गया है। दूसरी ओर यह भी आरोप लग रहे है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर कुछ भी परोसा जा रहा है और सरकार कुछ कार्रवाई नहीं कर रही है। इसी विषय पर प्रभासाक्षी के सप्ताहिक कार्यक्रम चाय पर समीक्षा में चर्चा की गई। चर्चा के दौरान प्रभासाक्षी के संपादक नीरज कुमार दुबे ने कहा कि किसी भी फिल्म या वेब सीरीज के निर्माण के दौरान इस बात का ध्यान जरूर रखा जाना चाहिए कि वह किसी के भावनाओं को आहत ना कर रहा हो। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि पहले फिल्में समाज का आईना होती थीं लेकिन अब फिल्म और वेब सीरीज के जरिए बच्चों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है जो कि आने वाले दिनों में समाज के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। सबसे बड़ा सवाल तो यही है ना कि क्या मिर्जापुर और तांडव जैसी वेब सीरीज में जो चीजें दिखाई गई है, समाज में कुछ वैसा ही होता है? इन वेब सीरीज का समाज पर किस तरह का असर पड़ रहा है, यह भी सोचने की जरूरत है। कुछ भी दिखाना कमाई का जरिया हो सकता है पर वह हमेशा समाज के लिए सही होगा इस पर संशय है। 

शिकायत पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जायेगी

महाराष्ट्र पुलिस को विवादास्पद वेब श्रृंखला ‘‘तांडव’’ के बारे में एक शिकायत मिली है। राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने यह जानकारी दी। देशमुख ने यहां पत्रकारों से बातचीत में मांग की कि केन्द्र सरकार को ‘ओवर द टॉप (ओटीटी) मंचों पर सामग्री को विनियमित करने के लिए एक कानून लाना चाहिए। अमेजन प्राइम वीडियो की श्रृंखला ‘‘तांडव’’ पर धार्मिक भावनाओं को भड़काने के आरोप लगाये गये है और इसके खिलाफ कुछ राज्यों में कई प्राथमिकी दर्ज हुई है। इसके निर्माताओं ने मंगलवार को विवादास्पद वेब श्रृंखला में बदलावों को लागू करने पर सहमति जताई थी।

ओटीटी प्लेटफॉर्म पर कानूनी लगाम बेहद जरूरी

तांडव वेब सीरीज और अन्य कई ऐसी सीरीजों ने हिंदू धर्म की आस्था और धार्मिक भावनाओं को एक बार फिर जानबूझ कर चोट पहुंचायी है। इस सीरीज में भगवान शिवजी को एक अत्याधुनिक पुरूष के रूप में आड़ी तिरछी रेखाओं का चेहरा बनाये हुए दिखाया गया है जिसमें उनके मजाक उड़ाने की बात किसी से छिपी नहीं है। सभी जानते हैं कि भगवान शिवजी का स्थान हिंदू धर्म में स्वीकार किये गये एकमात्र पूर्ण, सर्वशक्तिमान, सर्वव्याप्त एवं अविनाशी ब्रह्म के तीन रूपों- अर्थात् ब्रह्मा, विष्णु एवं महेश या शिव में से एक तथा उन्हीं के समान सर्वोच्च एवं पवित्रतम है। हिंदू धर्म के अनुसार तीनों ईश्वर एक ही ब्रह्म के तीन रूप हैं जहाँ सृष्टि के निर्माणकर्ता ब्रह्माजी, पालनकर्ता विष्णुजी तथा संहारकर्ता शिवजी अनादि काल से स्थापित हैं। अतः भारत तथा संपूर्ण विश्व में रह रहे लाखों करोड़ों हिंदुओं की कालातीत आस्था के प्रतीक ऐसे सर्वोच्च एवं सर्वशक्तिमान पूर्ण ब्रह्म को एक साधारण नाटकीय रूप में दिखाना निश्चय ही उनका मजाक उड़ाना तथा उन आस्थावान हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं पर गंभीर कुठाराघात करना नहीं है तो और क्या है। इसी प्रकार से ओटीटी प्लेटफॉर्म पर कई अन्य वेब सीरीज दिखाई जा रही हैं जिनमें अभद्रता और अश्लीलता का नंगा नाच दर्शकों को दिखाया जा रहा है जिनका लक्ष्य कहीं न कहीं हिंदुओं की सामाजिक व्यवस्था तथा धार्मिक कर्मकाण्ड आदि का उपहास करना ही होता है।

विरोध प्रदर्शन जारी

बॉलीवुड एक्टर सैफ अली खान की वेब सीरीज तांडव के खिलाफ पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हो रहा है। वेब सीरीज में दिखाए गये कुछ विवादित सीन को लेकर वेब सीरीज को बैन करने की मांग हो रही है। कई राज्यों में वेब सीरीज तांडव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। मामले की जांच करने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस के 4 सदस्य मुंबई भी पहुंच चुके हैं। लगातार बढ़ते विवाद के बाद तांडव के निर्देशक अली अब्बस जफर ने पूरी टीम की तरफ से माफी भी मांगी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक नोट जारी किया जिसमें उन्होंने कहा कि अगर गैर-इरादतन किसी की हमने भावनाओं को आहत किया है तो हम बिना शर्त माफी मांगते हैं। मुंबई सहित कई राज्यों में तांडव के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है। 

तांडव के निर्माताओं ने मांगी माफी

अमेजन प्राइम वीडियो पर प्रसारित तांडव वेब सीरीज के एक दृश्य को लेकर शुरू हुए विवाद के मामले में इसके निर्माताओं ने सोमवार को बिना शर्त माफी मांगी और कहा कि उनका किसी की भावनाओं को चोट पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था। वेब सीरीज के एक एपिसोड में कथित तौर पर ‘‘धार्मिक भावनाएं’’ आहत होने की शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई गई थी। ‘तांडव’ के कास्ट एवं क्रू की ओर से जारी आधिकारिक वक्तव्य में कहा गया, ‘‘वेब सीरीज तांडव पर दर्शकों की प्रतिक्रिया पर हम करीब से नजर रख रहे हैं और आज एक चर्चा के दौरान सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने हमें बताया कि उन्हें वेब सीरीज के विभिन्न पहलुओं को लेकर बड़ी संख्या में शिकायतें और अर्जियां मिली हैं जो इसकी सामग्री द्वारा लोगों की भावनाओं को आहत करने संबंधी गंभीर चिंताओं और आशंकाओं के बारे में हैं।’’ 

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सूचना प्रसारण मंत्रालय ले सकता है एक्शन

लॉकडाउन के दौरान ओटीटी प्लेटफॉर्म मनोरंजन के क्षेत्र में तीसरे पर्दे के तौर पर उभरा है। इस प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने वाली फिल्मों या वेब सीरीजों का सेंसर नहीं किया जाता, यानी कि ओटीटी के लिए किसी तरह का कोई सेंसर बोर्ड नहीं है जिसके कारण ओटीटी के काफी कंटेंट विवादों में घिरे रहते हैं। पिछले साल अनुष्का शर्मा के प्रोडक्शन हाउस में बनीं वेब सीरीज पाताल लोक अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई थी। जिसमें पालतू कुतिया का नाम सावित्री रखा गया था जिसे लेकर काफी विवाद हो गया था। अब सैफ अली खान की हाल ही में रिलीज हुई वेब सीरीज 'तांडव' को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कुछ हिंदू संगठनों ने सैफ अली खान की फिल्म 'ताडंव' पर पूजनीय देवी-देवताओं का अपमान करने का आरोप लगाया है। लगातार ओटीटी प्लेटफॉर्म पर विवादित कंटेंट आने के बाद आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय अलर्ट हो गया है। वह जल्द ही ओटीटी के लिए नयी गाइडलाइंस जारी करेगा।

- अंकित सिंह