AFC Asian Cup: Australia में नई कोच के साथ भारत की अग्निपरीक्षा, World Cup पर नजरें

एएफसी महिला एशियन कप 2026 में मेजबान ऑस्ट्रेलिया पर सैम केर की स्वर्णिम पीढ़ी के लिए घरेलू मैदान पर खिताब जीतने का दबाव है, वहीं भारत नई कोच के नेतृत्व में एक नई शुरुआत कर रहा है। चुनौतियों के बावजूद, भारतीय महिला फुटबॉल टीम का लक्ष्य वियतनाम और जापान जैसे मजबूत विरोधियों को पार कर नॉकआउट चरण में पहुंचना है।
करीब तीन साल पहले विश्व कप की मेजबानी कर चुकी ऑस्ट्रेलिया एक बार फिर बड़े फुटबॉल आयोजन के लिए तैयार है। इस बार मौका एएफसी महिला एशियन कप का है, जो रविवार से पर्थ, सिडनी और गोल्ड कोस्ट में शुरू होगा। अगले 20 दिनों तक चलने वाले इस टूर्नामेंट में 12 टीमें 27 मुकाबलों के जरिए एशियाई चैंपियन का फैसला करेंगी और साथ ही 2027 महिला विश्व कप और 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक की राह भी तय होगी।
गौरतलब है कि मेजबान ऑस्ट्रेलिया के लिए यह टूर्नामेंट बेहद खास माना जा रहा है। स्टार खिलाड़ी सैम केर की अगुआई वाली टीम की स्वर्णिम पीढ़ी के लिए घरेलू मैदान पर बड़ा खिताब जीतने का यह शायद आखिरी मौका हो सकता है। 2023 विश्व कप के सेमीफाइनल में इंग्लैंड से हार के बाद टीम की वरिष्ठ खिलाड़ियों ने संकेत दिए थे कि अगला विश्व कप उनके लिए संभव नहीं होगा। ऐसे में घरेलू दर्शकों के सामने ट्रॉफी उठाने का दबाव भी साफ नजर आएगा।
दूसरी ओर भारत के लिए यह प्रतियोगिता खुद को नए स्तर पर स्थापित करने का अवसर है। बता दें कि भारत ने क्वालीफायर के जरिए जगह बनाई और यह उपलब्धि टीम के आत्मविश्वास को नई दिशा देने वाली रही है। नई मुख्य कोच अमेलिया वाल्वेर्दे, जो कोस्टा रिका को विश्व कप तक ले जा चुकी हैं, ने पहले ही कहा है कि टीम के पास सही मिश्रण और सही सोच है। मौजूद जानकारी के अनुसार भारतीय टीम में युवा जोश और अनुभव का संतुलन है। 2022 संस्करण में शामिल सात खिलाड़ी फिर से टीम में हैं, जबकि छह नए चेहरे पहली बार इस मंच पर उतरेंगे।
हालांकि तैयारी के दौरान कुछ चुनौतियां भी सामने आईं। अंजू तमांग की चोट टीम के लिए बड़ा झटका रही, वहीं मनीषा कल्याण क्लब प्रतिबद्धताओं के कारण तैयारी शिविर का बड़ा हिस्सा मिस कर बैठीं। इसके बावजूद टीम प्रबंधन को भरोसा है कि खिलाड़ी मुकाबले के लिए तैयार हैं।
भारत 4 मार्च को वियतनाम के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगा। वियतनाम हाल के वर्षों में लगातार अच्छा प्रदर्शन करता आया है और 2022 में क्वार्टरफाइनल तक पहुंचा था। इसके बाद भारत का सामना दो बार की चैंपियन जापान से होगा, जो फीफा रैंकिंग में शीर्ष टीमों में शामिल है। जापान की कई खिलाड़ी इंग्लैंड लीग में खेलती हैं, जिससे उनकी प्रतिस्पर्धात्मक धार और मजबूत मानी जाती है। 10 मार्च को भारत चीनी ताइपे से भिड़ेगा। फीफा रैंकिंग में 67वें स्थान पर मौजूद भारत के लिए नॉकआउट चरण में पहुंचना बड़ी उपलब्धि होगी।
बता दें कि टूर्नामेंट के सेमीफाइनलिस्ट और क्वार्टरफाइनल में हारने वाली टीमों के बीच प्ले-ऑफ जीतने वाली दो टीमें सीधे 2027 विश्व कप के लिए क्वालीफाई करेंगी। बाकी टीमों को इंटर-कॉन्टिनेंटल प्ले-ऑफ का रास्ता अपनाना होगा। यही टीमें 2028 ओलंपिक की दौड़ में भी बनी रहेंगी।
मौजूदा चैंपियन चीन इस बार पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कोच एंटे मिलिसिच के मार्गदर्शन में उतरेगा। दक्षिण कोरिया, जिसने हर संस्करण में भाग लिया है, अब तक खिताब से दूर रहा है और इस बार उस कमी को पूरा करना चाहेगा। वहीं उत्तर कोरिया की वापसी यह दिखाती है कि महिला फुटबॉल में निरंतर निवेश किस तरह किसी देश को फिर से शीर्ष स्तर पर ला सकता है।
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