Asian Games Archery: भारतीय महिला टीम ने दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर जीता पहला स्वर्ण पदक

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भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने शुक्रवार को एशियाई खेलों के फाइनल में दस बार की ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर इतिहास रचा। अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहोड़ की तिकड़ी ने विपरीत परिस्थितियों में शानदार प्रदर्शन किया। वहीं मिश्रित रिकर्व स्पर्धा में कुमकुम और धीरज बोम्मादेवरा की जोड़ी ने रजत पदक जीता।

नागोया, दो अक्टूबर भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने शुक्रवार को दबाव के बीच शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 बार की ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर एशियाई खेलों में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता। अनुभवी अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और 17 वर्षीय कुमकुम मोहोड़ ने तेज हवा के कारण चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच धैर्य बनाए रखते हुए मौजूदा चैंपियन दक्षिण कोरिया को पछाड़कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इसके बाद कुमकुम ने धीरज बोम्मादेवरा के साथ मिलकर मिश्रित रिकर्व टीम स्पर्धा में भी ऐतिहासिक रजत पदक हासिल किया।

फाइनल में भारतीय जोड़ी को चीन के हाथों 3-5 (34-38, 35-37, 37-36, 37-37) से हार का सामना करना पड़ा। पूरे दिन शानदार प्रदर्शन कर रही कुमकुम फाइनल में अपने सर्वश्रेष्ठ लय में नहीं दिखीं। उन्होंने केवल एक बार 10 अंक हासिल किए, जबकि कई बार आठ और एक बार सात अंक भी हासिल किए।

वहीं चीन की मेंगकी ली ने पांच बार 10 अंक हासिल कर अपनी टीम की जीत पक्की की। महिला रिकर्व टीम की यह जीत उसके लगातार बेहतर होते प्रदर्शन का परिणाम है। भारतीय टीम ने मई में शंघाई में पांच साल के इंतजार को खत्म करते हुए विश्व कप स्वर्ण पदक जीता था।

उस खिताबी सफर में भी भारत ने सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को हराया था। शंघाई में स्वर्ण जीतने वाली भारतीय टीम में इस बार भी लगभग वही खिलाड़ी थीं। पूर्व विश्व नंबर एक दीपिका कुमारी की जगह कीर्ति को टीम में शामिल किया गया।

दीपिका चयन ट्रायल के जरिए एशियाई खेलों के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी थीं। दक्षिण कोरिया के खिलाफ फाइनल में शुरुआती दो सेट बेहद करीबी रहे। दोनों सेट क्रमश: 54-54 और 56-56 की बराबरी पर समाप्त हुए।

इसके बाद तोक्यो ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता टीम की सदस्य कांग चेयंग के साथ ओ येजिन और ली युनजी वाली कोरियाई टीम तीसरे सेट में लड़खड़ा गई। उसके तीरंदाजों ने लगातार तीन बार आठ अंक हासिल किए और कुल 52 अंक ही बना सके। भारत ने मौके का फायदा उठाते हुए 55 अंक जुटाए और सेट जीतकर 4-2 की बढ़त बना ली।

चौथे सेट में दक्षिण कोरिया ने 54 अंक बनाए। भारत की ओर से कीर्ति ने शुरुआत में आठ अंक हासिल किए, लेकिन समीक्षा के बाद उनके तीर को नौ अंक दिया गया, जिससे भारत का स्कोर भी 54 हो गया। इस सेट में दोनों टीमों का स्कोर बराबर रहने के बावजूद भारत ने मैच अपने नाम किया और मजबूत दक्षिण कोरियाई टीम को हराकर ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीत लिया।

इससे पहले भारतीय महिला टीम ने सेमीफाइनल में चीन को 5-1 से हराकर पहली बार एशियाई खेलों के महिला रिकर्व फाइनल में जगह बनाई थी। कुमकुम और धीरज ने इससे पहले मिश्रित रिकर्व स्पर्धा के सेमीफाइनल में जापान को 5-3 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था। भारतीय जोड़ी ने धीमी शुरुआत करते हुए पहला सेट 37-38 से गंवाया, लेकिन दूसरे सेट में बराबरी हासिल की।

इसके बाद तीसरा सेट जीतकर भारत ने स्कोर 3-3 कर दिया। चौथे सेट में जापान की ओर से सात अंक का एक खराब निशाना भारतीय जोड़ी के लिए निर्णायक साबित हुआ। धीरज और कुमकुम ने 37-35 से सेट जीतकर रिकर्व मिश्रित टीम स्पर्धा में पहली बार एशियाई खेलों के फाइनल में भारत की जगह पक्की की।

महिला रिकर्व टीम का स्वर्ण एशियाई खेलों में भारत का तीरंदाजी में चौथा स्वर्ण है। इससे पहले पुरुष कंपाउंड, महिला कंपाउंड और मिश्रित कंपाउंड टीमों ने भी स्वर्ण पदक जीते थे। भारतीय महिला रिकर्व टीम ने 2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था।

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