टोक्यो ओलंपिक में बजरंग पूनिया ने जीता कांस्य पदक, कजाकिस्तान के दौलत के खिलाफ लगाया दमदार दांव

टोक्यो ओलंपिक में बजरंग पूनिया ने जीता कांस्य पदक, कजाकिस्तान के दौलत के खिलाफ लगाया दमदार दांव

पहले हॉफ में बजरंग पूनिया ने 2 प्वाइंट हासिल किया। बजरंग पूनिया ने कांस्य पदक के लिए खेले गए मुकाबले में अच्छी पकड़ बनाकर रखी लेकिन दौलत ने भी दमदार दांव लगाए।

टोक्यो। टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारतीय पहलवान बजरंग पूनिया का मुकाबला शनिवार को कजाकिस्तान के पहलवान दौलत नियाजबेकोव के साथ हुआ। 65 किलो भारवर्ग में बजरंग पूनिया की शुरुआत शानदार हुई। पहले हॉफ में बजरंग पूनिया ने 2 प्वाइंट हासिल किया। बजरंग पूनिया ने कांस्य पदक के लिए खेले गए मुकाबले में अच्छी पकड़ बनाकर रखी लेकिन दौलत ने भी दमदार दांव लगाए।   

इस मुकाबले को बजरंग पूनिया ने 8-0 से अपने नाम कर लिया। इसी के साथ भारत ने साल 2012 के ओलंपिक खेलों में पदक जीतने की बराबरी कर ली है। बजरंग के पदक जीतने के साथ ही भारत ने टोक्यो ओलंपिक में छठवां पदक हासिल कर लिया है। अब सभी की निगाहें नीरज चोपड़ा पर है।

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केडी जाधव भारत को कुश्ती में पदक दिलाने वाले पहले पहलवान थे जिन्होंने 1952 के हेलसिंकी ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था। उसके बाद सुशील ने बीजिंग में कांस्य और लंदन में रजत पदक हासिल किया। सुशील ओलंपिक में दो व्यक्तिगत स्पर्धा के पदक जीतने वाले अकेले भारतीय थे लेकिन बैडमिंटन खिलाड़ी पी वी सिंधू ने कांस्य जीतकर बराबरी की। लंदन ओलंपिक में योगेश्वर दत्त ने भी कांस्य पदक जीता था। वहीं साक्षी मलिक ने रियो ओलंपिक 2016 में कांस्य पदक हासिल किया था।