Harmanpreet Kaur के कप्तानी छोड़ने पर बोली BCCI, भारतीय क्रिकेट में हमेशा खास रहेगा योगदान

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर के पद छोड़ने के बाद बीसीसीआई ने उनके नेतृत्व की सराहना की है। बोर्ड ने कहा कि 2025 में पहली बार जीता गया महिला विश्व कप उनकी कप्तानी की सबसे बड़ी उपलब्धि रहेगा। हरमनप्रीत ने स्पष्ट किया है कि वह एक खिलाड़ी के तौर पर भारत के लिए खेलना जारी रखेंगी।
(फाइल तस्वीरों के साथ) नयी दिल्ली, छह अक्टूबर हरमनप्रीत कौर के भारतीय महिला क्रिकेट (बीसीसीआई) टीम की कप्तानी छोड़ने के बाद बीसीसीआई ने मंगलवार को कहा कि 2025 महिला विश्व कप की ऐतिहासिक जीत उनके कप्तानी करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि रहेगी। बोर्ड ने कहा कि भारतीय क्रिकेट में उनके योगदान का इतिहास में हमेशा “खास स्थान” रहेगा। बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने भारतीय महिला क्रिकेट के विकास के अहम दौर में हरमनप्रीत के नेतृत्व की सराहना की।
उन्होंने यह भी खुशी जताई कि 37 वर्षीय हरमनप्रीत आगे भी खिलाड़ी के तौर पर भारत का प्रतिनिधित्व करती रहेंगी। मन्हास ने कहा, “कप्तान के रूप में हरमनप्रीत कौर का योगदान भारतीय क्रिकेट के इतिहास में हमेशा खास रहेगा। 2025 विश्व कप की जीत निश्चित रूप से उनकी कप्तानी की सबसे बड़ी उपलब्धि थी।” हरमनप्रीत ने 2016 में भारतीय टी20 टीम की कप्तानी संभाली थी।
2022 में उन्हें वनडे और टेस्ट टीम की पूर्णकालिक कप्तानी भी मिल गई थी। पिछले साल भारत को पहली बार महिला वनडे विश्व कप जिताने और पिछले महीने नागोया में लगातार दूसरी बार एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक दिलाने के बाद उन्होंने कप्तानी छोड़ने का फैसला किया। बीसीसीआई को भेजे संदेश में हरमनप्रीत ने कहा कि अब कप्तानी की जिम्मेदारी किसी और को सौंपने का सही समय है, लेकिन भारतीय क्रिकेट के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पहले जैसी ही रहेगी।
उन्होंने कहा, “भारत की कप्तानी करना मेरे जीवन के सबसे बड़े सम्मान और गौरव में से एक रहा है। काफी सोच-विचार के बाद मुझे लगता है कि अब जिम्मेदारी सौंपने और टीम को नए नेतृत्व में आगे बढ़ने देने का सही समय है।” पूर्व कप्तान ने साफ किया कि वह खिलाड़ी के रूप में भारत के लिए खेलना जारी रखना चाहती हैं और टीम की सफलता में योगदान देती रहेंगी। हरमनप्रीत की कप्तानी का सबसे यादगार पल 2025 विश्व कप में आया, जब भारत ने नवी मुंबई में फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से हराकर पहली बार महिला वनडे विश्व कप का खिताब जीता।
सेमीफाइनल में भी उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 89 रन की शानदार पारी खेली थी और जेमिमा रोड्रिग्स के साथ 167 रन की मैच जीताने वाली साझेदारी की थी। उनकी कप्तानी की शुरुआत एक दशक से भी पहले हुई थी। 2012 महिला टी20 एशिया कप के फाइनल में उन्होंने पहली बार भारत की कप्तानी की थी।
नियमित टी20 कप्तान बनने के बाद उन्होंने मिताली राज के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने पर वनडे और टेस्ट की कप्तानी भी संभाली। हरमनप्रीत के नेतृत्व में भारत 2020 महिला टी20 विश्व कप के फाइनल में पहुंचा, 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीता और उसी साल पहली बार एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक हासिल किया। टीम ने पिछले महीने नागोया में इस खिताब का सफलतापूर्वक बचाव भी किया।
इस साल हरमनप्रीत ने महिला क्रिकेट में सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया। वह 200 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली पहली खिलाड़ी और 150 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में कप्तानी करने वाली पहली खिलाड़ी भी बनीं। कप्तान बनने से काफी पहले ही हरमनप्रीत भारत की प्रमुख मैच विजेता खिलाड़ियों में शामिल हो चुकी थीं।
2017 महिला विश्व कप सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनकी नाबाद 171 रन की पारी आज भी उनके करियर की सबसे यादगार पारियों में गिनी जाती है। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि कप्तान के तौर पर हरमनप्रीत कौर ने जो उपलब्धियां हासिल की हैं, खासकर टीम को विश्व कप जीत तक पहुंचाने की उनकी पूरी यात्रा पर उन्हें बेहद गर्व होना चाहिए। सैकिया ने कहा, ‘‘ हरमनप्रीत ने कई बार निराशा का सामना करने के बावजूद टीम और उसकी क्षमता पर भरोसा बनाए रखा।
यही वजह है कि 2025 में भारत की विश्व कप जीत और भी खास बन गई।’’ उन्होंने कहा, “आप कई वर्षों से इस सफर का हिस्सा थीं और आखिरकार आपको भारत को पहली बार महिला क्रिकेट विश्व कप जिताने वाली कप्तान बनने का मौका मिला। यह भारतीय क्रिकेट के महान पलों में हमेशा याद किया जाएगा।” सैकिया ने कप्तानी छोड़ने के बाद भी खिलाड़ी के रूप में भारत के लिए खेलते रहने के हरमनप्रीत के फैसले की सराहना की। उन्होंने कहा कि टीम के युवा खिलाड़ियों के लिए हरमनप्रीत का अनुभव और उनका प्रभाव आगे भी काफी महत्वपूर्ण रहेगा।
उन्होंने कहा , ‘‘हरमनप्रीत ने यह फैसला काफी सोच-समझकर लिया है। उन्होंने ऐसे समय में कप्तानी की जिम्मेदारी किसी और को सौंपने का फैसला किया, जब उन्हें लगा कि टीम नए नेतृत्व के साथ आगे बढ़ने के लिए तैयार है।’’ हरमनप्रीत ने कहा कि वह आगे भी भारत की जर्सी पहनकर खेलना और टीम के नए नेतृत्व का समर्थन करना चाहती हैं। उन्होंने कहा, “मैं भारत की जर्सी में इस सफर को जारी रखने और उसी गर्व, विनम्रता और प्रतिबद्धता के साथ भारतीय क्रिकेट में योगदान देने के लिए उत्सुक हूं, जिसे मैंने हमेशा अपने साथ रखा है।
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