Commonwealth Games में पाकिस्तान की फजीहत, Boxer Kudratullah लापता, क्या खिलाड़ियों के लिए विदेश भागना एक New Trend है?

Qudratullah
प्रतिरूप फोटो
Insta: Qudrat Ullah
Ankit Jaiswal । Aug 4 2026 9:35PM

राष्ट्रमंडल खेल 2026 के दौरान मुक्केबाज कुदरतुल्लाह का लापता होना पाकिस्तानी खेल प्रशासन में व्याप्त गहरे प्रबंधकीय संकट और सुरक्षा विफलता का स्पष्ट विश्लेषण प्रस्तुत करता है। यह बार-बार होने वाली घटना न केवल फातिमा ज़हरा की ऐतिहासिक सफलता को धूमिल करती है बल्कि अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर पाकिस्तान मुक्केबाजी महासंघ की जवाबदेही और नीतियों पर भी कड़े सवाल उठाती है।

राष्ट्रमंडल खेल 2026 खत्म होने के बाद पाकिस्तान का खेल प्रशासन एक बार फिर विवादों में घिर गया है। खबर है कि पाकिस्तान के मुक्केबाज कुदरतुल्लाह ग्लासगो में टीम होटल से कथित रूप से लापता हो गए हैं। इस घटना ने पाकिस्तान मुक्केबाजी महासंघ और पाकिस्तान ओलंपिक संघ की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खास बात यह है कि इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के दौरान पाकिस्तान के खिलाड़ियों के गायब होने के मामले सामने आ चुके हैं।

मौजूद जानकारी के अनुसार, कुदरतुल्लाह अपने मुकाबले पूरे करने के बाद टीम होटल से लापता हो गए। पाकिस्तान ओलंपिक संघ से जुड़े एक सूत्र के मुताबिक, इस मामले ने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया है क्योंकि खिलाड़ी का पासपोर्ट टीम प्रबंधक के पास बताया जा रहा था। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि कड़े यात्रा नियमों के बावजूद वह टीम से अलग कैसे हो गए।

बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान के किसी मुक्केबाज के लापता होने की खबर सामने आई हो। वर्ष 2022 में बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान भी पाकिस्तान के मुक्केबाज सुलेमान बलोच और नज़ीरुल्लाह खान कथित रूप से टीम से अलग हो गए थे। उस समय भी बताया गया था कि उनके पासपोर्ट टीम प्रबंधन के पास ही थे।

इसके बाद वर्ष 2024 में इटली के बुस्टो अर्सिजियो में आयोजित विश्व ओलंपिक मुक्केबाजी क्वालीफायर के दौरान भी एक विवाद सामने आया था। उस प्रतियोगिता में एशियाई स्वर्ण पदक विजेता जोहैब रशीद पर अपने साथी खिलाड़ी की विदेशी मुद्रा और कीमती सामान चोरी करने के बाद लापता होने का आरोप लगा था। इन घटनाओं ने पाकिस्तान के खेल प्रबंधन की व्यवस्था पर लगातार सवाल खड़े किए हैं।

गौरतलब है कि इस बार का विवाद पाकिस्तान की महिला मुक्केबाज फातिमा ज़हरा की ऐतिहासिक उपलब्धि पर भी भारी पड़ गया है। फातिमा ज़हरा ने महिलाओं के 60 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वह राष्ट्रमंडल खेलों में मुक्केबाजी में पदक जीतने वाली पाकिस्तान की पहली महिला खिलाड़ी बनीं। मुक्केबाजी के नियमों के अनुसार दोनों सेमीफाइनल में हारने वाले खिलाड़ियों को कांस्य पदक दिया जाता है। फातिमा ज़हरा का सफर कनाडा की मेरी-बाथूल अल-अहमदियाह के खिलाफ सेमीफाइनल में हार के साथ समाप्त हुआ था।

उनकी इस उपलब्धि को देखते हुए उन्हें समापन समारोह में पाकिस्तान का ध्वजवाहक भी चुना गया। हालांकि कुदरतुल्लाह के लापता होने की खबर के कारण उनकी ऐतिहासिक सफलता अपेक्षित चर्चा नहीं बटोर सकी।

पाकिस्तान इस राष्ट्रमंडल खेल में केवल एक कांस्य पदक ही जीत सका, जो हाल के वर्षों में उसका सबसे कमजोर प्रदर्शन माना जा रहा है। अब कुदरतुल्लाह के मामले की जांच जारी है और पाकिस्तान ओलंपिक संघ तथा पाकिस्तान मुक्केबाजी महासंघ पर यह स्पष्ट करने का दबाव बढ़ गया है कि कड़े यात्रा प्रबंधों के बावजूद एक और खिलाड़ी टीम से अलग कैसे हो गया। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर खिलाड़ियों की सुरक्षा, प्रबंधन और जवाबदेही को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।

All the updates here:

अन्य न्यूज़