FIFA चुनाव से पहले एशियाई देशों का समर्थन जुटाने Japan दौरे पर जाएंगे Gianni Infantino

फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो मार्च में होने वाले चुनाव से पहले एशियाई फुटबॉल परिसंघ का समर्थन जुटाने जापान जा रहे हैं। उन्होंने विश्व कप से जुड़े 4.2 अरब डॉलर के रद्द प्रस्ताव पर फीफा परिषद से माफी मांगी थी। अब तक 211 सदस्य देशों में से 87 देश उनके समर्थन का संकेत दे चुके हैं।
फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो एक बार फिर अपने पद पर बने रहने की तैयारी में जुटे हैं। इसी सिलसिले में उनका चुनावी अभियान इस सप्ताह जापान पहुंचेगा, जहां बुधवार को टोक्यो में एशियाई फुटबॉल परिसंघ के अधिकारियों के साथ उनकी बैठक होनी है। मार्च में होने वाले अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले एशियाई देशों का समर्थन उनके लिए काफी अहम माना जा रहा है।
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था फीफा में इन्फेंटिनो के फैसलों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पिछले सप्ताह स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख में उन्होंने फीफा की 37 सदस्यीय परिषद के सामने अपनी गलतियों के लिए माफी मांगी थी। यह विवाद विश्व कप से जुड़े 4.2 अरब डॉलर के एक प्रस्ताव को लेकर था, जिसे बाद में रद्द कर दिया गया। इस योजना के तहत विश्व कप से जुड़े कारोबार को बेचने और उसके संचालन के लिए अलग कंपनी बनाने की तैयारी थी।
फीफा परिषद संस्था का प्रमुख फैसला लेने वाला निकाय है, जिसमें दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों के फुटबॉल अधिकारी शामिल हैं। जापान में होने वाली बैठक टोक्यो के एक पांच सितारा होटल में रखी गई है। इसमें मीडिया की पहुंच काफी सीमित रहने की संभावना है। बताया जा रहा है कि एशियाई फुटबॉल परिसंघ के अध्यक्ष शेख सलमान बिन इब्राहिम अल खलीफा ने शुरुआत में इन्फेंटिनो की योजना का विरोध किया था। हालांकि, द एथलेटिक की रिपोर्ट के अनुसार, अब उनके और इन्फेंटिनो के बीच दूरी कुछ कम हो सकती है।
विवाद के बाद इन्फेंटिनो ने फीफा के फैसले लेने की प्रक्रिया की खुली और समीक्षा कराने की पेशकश भी की है। लेकिन इस प्रस्ताव से आलोचकों की चिंताएं कितनी दूर होंगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
एसोसिएटेड प्रेस की ओर से जुटाए गए समर्थन के आंकड़ों के मुताबिक, इन्फेंटिनो मार्च में होने वाले चुनाव में जीत के लिए जरूरी समर्थन के करीब पहुंच चुके हैं। फीफा के कुल 211 सदस्य देशों में से 87 ने सार्वजनिक बयानों या अपने क्षेत्रीय फुटबॉल संगठनों के समर्थन के जरिए उनके पक्ष में संकेत दिए हैं। हालांकि, उन्हें जीत के लिए साधारण बहुमत हासिल करना होगा। एशिया के कुछ देशों के वोट इस मुकाबले में निर्णायक हो सकते हैं।
एशियाई फुटबॉल परिसंघ ने विश्व कप से जुड़े प्रस्ताव पर पहले आलोचना जताई थी, लेकिन उसके सदस्य देशों की राय एक जैसी नहीं है। 2022 विश्व कप की मेजबानी करने वाले कतर ने इन्फेंटिनो का समर्थन किया है, जबकि जॉर्डन ने उनके विरोध का रुख अपनाया है। फीफा परिषद की अगली बैठक 16 दिसंबर को कतर की राजधानी दोहा में होनी है।
गौरतलब है कि 1974 के बाद से फीफा का कोई भी मौजूदा अध्यक्ष चुनाव हारकर पद से नहीं हटा है। इन्फेंटिनो के खिलाफ चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों को 18 नवंबर तक अपना नाम देना होगा। नियमों के मुताबिक, उम्मीदवार को पिछले 5 वर्षों में कम से कम 2 वर्ष फुटबॉल से सक्रिय रूप से जुड़ा होना चाहिए और कम से कम 5 सदस्य देशों का समर्थन भी हासिल करना होगा।
पैसिफिक यूनिवर्सिटी के राजनीतिक विशेषज्ञ और पूर्व पेशेवर फुटबॉल खिलाड़ी जूल्स बॉयकॉफ ने एसोसिएटेड प्रेस से कहा कि फीफा दुनिया भर के फुटबॉल संगठनों को बड़ी रकम बांटता है, जिससे उसके नेतृत्व को समर्थन मिल सकता है। उनके मुताबिक, इन पैसों का मकसद फुटबॉल का विकास होना चाहिए, लेकिन खर्च की निगरानी सीमित है। ऐसे में फीफा के कामकाज में बड़े बदलाव की जरूरत है और अध्यक्ष चुनाव के साथ संस्था की पारदर्शिता का सवाल भी अहम बना हुआ है।
अन्य न्यूज़













