FIFA World Cup 2026: Argentina और Messi पर पक्षपात के आरोप, ऑनलाइन याचिका में उठी टूर्नामेंट से बाहर करने की मांग

अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच होने वाला सेमीफाइनल मुकाबला हैंड ऑफ गॉड जैसी पुरानी यादों और वर्तमान पक्षपात के दावों के कारण एक मनोवैज्ञानिक युद्ध में तब्दील हो गया है। करोड़ों लोगों द्वारा अर्जेंटीना को बाहर करने की मांग के बीच इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन ने टीम का ध्यान केवल तकनीकी प्रदर्शन पर केंद्रित रखने की बात कही है। यह मुकाबला न केवल फुटबॉल इतिहास की पुरानी कड़वाहटों को परखने का मंच है बल्कि गोल्डन बूट की रेस में मेसी और केन के लिए भी बेहद अहम है।
विश्व कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल से पहले अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच मुकाबले को लेकर उत्साह अपने चरम पर है। हालांकि मैच शुरू होने से पहले एक नया विवाद भी सामने आ गया है। सोशल मीडिया और विभिन्न ऑनलाइन मंचों पर अर्जेंटीना को लेकर रेफरी पक्षपात के आरोप लगाए जा रहे हैं। इसी बीच एक ऑनलाइन याचिका भी तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें अर्जेंटीना को विश्व कप से बाहर करने की मांग की गई है। हालांकि इन आरोपों या याचिका में किए गए दावों की किसी आधिकारिक संस्था या फीफा की ओर से पुष्टि नहीं की गई है।
मौजूद जानकारी के अनुसार अर्जेंटीना आउट नाम से चलाए जा रहे एक ऑनलाइन अभियान में दावा किया गया है कि फीफा और कुछ रेफरी अर्जेंटीना तथा उसके कप्तान लियोनेल मेसी के प्रति पक्षपात कर रहे हैं। इसी आधार पर टीम को टूर्नामेंट से बाहर करने की मांग की गई है। रिपोर्टों के मुताबिक बुधवार शाम तक इस ऑनलाइन याचिका पर एक करोड़ से अधिक हस्ताक्षर किए जाने का दावा किया गया है। हालांकि यह संख्या स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हो सकी है और फीफा ने भी इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
बता दें कि विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में रेफरी के फैसलों को लेकर समय-समय पर विवाद सामने आते रहे हैं। कई बार हारने वाली टीमों के समर्थक निर्णायक फैसलों पर सवाल उठाते हैं। लेकिन किसी भी आरोप को सही मानने से पहले आधिकारिक जांच या संबंधित संस्था की पुष्टि का इंतजार करना जरूरी होता है।
गौरतलब है कि मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच फुटबॉल इतिहास की सबसे चर्चित प्रतिद्वंद्विताओं में से एक मानी जाती है। दोनों देशों के बीच खेले गए मुकाबलों में कई यादगार घटनाएं हुई हैं। इसके अलावा दक्षिण अटलांटिक महासागर में स्थित फॉकलैंड द्वीप, जिसे स्पेनिश भाषा में माल्विनास कहा जाता है, को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से राजनीतिक विवाद भी रहा है, जिसका असर कई बार खेल के माहौल में भी देखने को मिला है।
यह मुकाबला वर्ष 1986 के विश्व कप की यादें भी ताजा करता है, जब अर्जेंटीना के महान खिलाड़ी डिएगो माराडोना ने इंग्लैंड के खिलाफ विवादित "हैंड ऑफ गॉड" गोल किया था। उस मैच में अर्जेंटीना ने 2-1 से जीत दर्ज की थी और वह मुकाबला आज भी फुटबॉल इतिहास के सबसे चर्चित मैचों में गिना जाता है।
दूसरी ओर इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन ने कहा है कि उनकी टीम किसी भी बाहरी विवाद से प्रभावित नहीं होगी। उनके अनुसार अर्जेंटीना एक मजबूत और अनुभवी टीम है, जो रणनीतिक खेल खेलने में माहिर है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी केवल मैदान पर प्रदर्शन पर ध्यान देंगे और भावनात्मक या राजनीतिक चर्चाओं को अपने खेल पर हावी नहीं होने देंगे। साथ ही उन्होंने माना कि अर्जेंटीना जैसी टीम खेल की गति को नियंत्रित करना और दबाव बनाना अच्छी तरह जानती है।
गौरतलब है कि हैरी केन इस विश्व कप में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों की दौड़ में लियोनेल मेसी और किलियन एम्बाप्पे को चुनौती दे रहे हैं। ऐसे में सेमीफाइनल मुकाबला केवल फाइनल में पहुंचने की लड़ाई ही नहीं, बल्कि व्यक्तिगत उपलब्धियों के लिहाज से भी बेहद अहम माना जा रहा है। दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों की नजर अब इस हाई-वोल्टेज मुकाबले पर टिकी हुई है, जहां मैदान के भीतर का प्रदर्शन ही अंतिम फैसला करेगा कि फाइनल का टिकट किस टीम को मिलेगा।
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