भारतीय गेंदबाजों के धमाल के बाद बारिश ने बढ़ाया इंतजार, रिजर्व डे पर होगा मैच का फैसला

  •  अंकित सिंह
  •  जुलाई 10, 2019   00:28
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भारतीय गेंदबाजों के धमाल के बाद बारिश ने बढ़ाया इंतजार, रिजर्व डे पर होगा मैच का फैसला

अंपायरों ने भारी बारिश के कारण आउटफील्ड गीली होने से मैच रिजर्व दिन को पूरा करने का फैसला किया। सेमीफाइनल और फाइनल के लिये रिजर्व दिन रखा गया है लेकिन इसमें मैच नये सिरे से शुरू नहीं होगा।

मैनचेस्टर। भारतीय गेंदबाजों ने अपनी मारक क्षमता और अनुशासित गेंदबाजी का शानदार नमूना पेश करके विश्व कप के पहले सेमीफाइनल में मंगलवार को यहां न्यूजीलैंड पर अपनी टीम का पलड़ा भारी रखा लेकिन बारिश के खलल के कारण मैच पूरा नहीं हो पाया और अब यह आगे बुधवार को खेला जाएगा। न्यूजीलैंड ने जब 46.1 ओवर में पांच विकेट पर 211 रन ही बनाये थे तभी बारिश आ गयी जिसके बाद दिन में आगे का खेल नहीं हो पाया। अंपायरों ने भारी बारिश के कारण आउटफील्ड गीली होने से मैच रिजर्व दिन को पूरा करने का फैसला किया। सेमीफाइनल और फाइनल के लिये रिजर्व दिन रखा गया है लेकिन इसमें मैच नये सिरे से शुरू नहीं होगा। इस तरह से बुधवार को न्यूजीलैंड बाकी बचे 3.5 ओवर खेलेगा और उसके बाद भारतीय पारी शुरू होगी। अगर कल भी बारिश खलल डालती है और न्यूजीलैंड आगे बल्लेबाजी नहीं कर पाता है तो डकवर्थ लुईस पद्वति से भारत को 46 ओवरों में 237 रन बनाने होंगे। यदि केवल 20 ओवर का खेल संभव होता है तो भारत के सामने 148 रन क लक्ष्य होगा। बुधवार को भी मैच पूरा नहीं होने की दशा में भारत लीग चरण में अधिक अंक हासिल करने के कारण फाइनल में पहुंच जाएगा।

बारिश आने से पहले हालांकि भारतीय गेंदबाजों ने समां बांध रखा था। न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलिमयसन (95 गेंदों पर 67) ने हेनरी निकोल्स (51 गेंदों पर 28) के साथ दूसरे विकेट के लिये 68 और रोस टेलर (नाबाद 67) के साथ तीसरे विकेट के लिये 65 रन की दो अर्धशतकीय साझेदारियां की लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने सही समय पर विकेट निकाले। जसप्रीत बुमराह (25 रन देकर एक) और भुवनेश्वर कुमार (30 रन देकर एक) ने शुरू से ही कसी हुई गेंदबाजी करके न्यूजीलैंड पर दबाव बनाया। बीच के ओवरों में रविंद्र जडेजा (34 रन देकर एक) ने यह भूमिका बखूबी निभायी। हार्दिक पंड्या (55 रन देकर एक) और युजवेंद्र चहल (63 रन देकर एक) ने भी अच्छी गेंदबाजी की भले ही आखिरी ओवरों में रन देने के कारण उनका गेंदबाजी विश्लेषण आकर्षक नहीं रहा। गेंद शुरू में स्विंग ले रही थी तथा बुमराह और भुवनेश्वर ने बल्लेबाजों पर अच्छी तरह से दबाव बनाया। विराट कोहली टास गंवा बैठे और इसके बाद पहले गेंदबाजी करते हुए उन्होंने पहली गेंद पर अपना रेफरल भी गंवा दिया।  मार्टिन गुप्टिल (एक) इसका फायदा नहीं उठा पाये और बुमराह ने चौथे ओवर में उन्हें कोहली के हाथों कैच कराकर स्कोर एक विकेट पर एक रन कर दिया। न्यूजीलैंड पहले पावरप्ले तक वह 27 रन तक ही पहुंच पाया जो इस विश्व कप में पहले दस ओवरों में किसी भी टीम का न्यूनतम स्कोर है। 

निकोल्स भले ही 18 ओवर से अधिक समय तक क्रीज पर रहे लेकिन इस बीच तेज और स्पिन मिश्रित आक्रमण के सामने उन्हें लगातार संघर्ष करना पड़ा। विलियमसन और निकोल्स जब पारी संवार रहे थे तब जडेजा ने ‘विकेट टु विकेट’ गेंद करके बल्लेबाजों को परेशानी में रखा। बायें हाथ के इस स्पिनर ने अंदर आती गेंद पर निकोल्स को चकमा देकर उनका मिडिल स्टंप थर्राया और उन्हें लंबी पारी नहीं खेलने दी। पहले 25 ओवरों में स्कोर दो विकेट 83 रन था। इस बीच भारतीय गेंदबाजों ने 150 में से 102 गेंदों पर रन नहीं दिये थे जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि गेंदबाज कितने हावी थे। इस बीच 14वें ओवर के बाद 28वें ओवर में गेंद ने सीमा रेखा के दर्शन किये। बुमराह 32वें ओवर में दूसरे स्पैल के लिये आये। उन्हें आते ही टेलर (तब 22 रन) का विकेट का मिल जाता लेकिन विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी ने कैच छोड़ दिया। बल्लेबाजों पर हालांकि रन बनाने का दबाव था और ऐसे में विलियमसन ने कदमों का इस्तेमाल किये बिना चहल की गेंद बैकवर्ड प्वाइंट पर खेली लेकिन वह बल्ले का बाहरी किनारा लेकर जडेजा के सुरक्षित हाथों में चली गयी। 

कीवी कप्तान ने छह चौके लगाये और इस बीच न्यूजीलैंड की तरफ से किसी एक विश्व कप में सर्वाधिक रन (548) बनाने वाले बल्लेबाज बने। उनका स्थान लेने के लिये उतरे जिम्मी नीशाम (12) ने भी हवा में गेंद लहरायी। न्यूजीलैंड की पारी का पहला छक्का 44वें ओवर में टेलर ने चहल की गेंद पर लगाया जिससे उन्होंने अपना 50वां वनडे अर्धशतक भी पूरा किया। भुवनेश्वर ने कोलिन डि ग्रैंडहोम (16) को विकेट के पीछे कैच कराकर कीवी टीम को डेथ ओवरों के शुरू में बड़ा झटका दिया।बारिश के कारण जब खेल रोका गया तब टेलर के साथ टॉम लैथम तीन रन पर खेल रहे थे। टेलर ने अब तक अपनी पारी में तीन चौके और एक छक्का लगाया है। 







भारत के महान लेग स्पिनर भागवत चंद्रशेखर अस्पताल में भर्ती, हालत में सुधार

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 18, 2021   12:40
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भारत के महान लेग स्पिनर भागवत चंद्रशेखर अस्पताल में भर्ती, हालत में सुधार

महान लेग स्पिनर चंद्रशेखर को हल्का स्ट्रोक आने के बाद अस्पताल में भार्ती कराया गया। उनकी अभी हालत में सुधार है। भारत के 75 वर्षीय इस पूर्व स्पिनर को थकान और उसके कारण जबान लड़खड़ाने के कारण शुक्रवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

बेंगलुरू। भारत के पूर्व क्रिकेटर बी एस चंद्रशेखर को हल्का स्ट्रोक आने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया हालांकि उनके परिवार ने सोमवार को बताया कि उनकी स्थिति में सुधार आया है और अगले कुछ दिन में उन्हें छुट्टी मिल जायेगी। उनकी पत्नी संध्या चंद्रशेखर भागवत ने कहा ,‘‘ उनकी हालत में सुधार आया है।वह बुधवार या गुरूवार को घर लौट आयेंगे।’’ भारत के 75 वर्षीय इस पूर्व स्पिनर को थकान और उसके कारण जबान लड़खड़ाने के कारण शुक्रवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

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डॉक्टरों की सलाह पर उनका न्यूरोलॉजी में उपचार कराया गया। उन्हें एस्टर आर वी अस्पताल में आपात चिकित्सा ईकाई में रखा गया था। उनकी पत्नी ने बताया कि अब वह सामान्य वार्ड में हैं और उनकी फिजियोथेरेपी चल रही है। संध्या ने कहा ,‘‘ उनके दिमाग में किसी तरह का अवरोध है। यह बहुत ही हलका स्ट्रोक था। वह एक या दो सप्ताह में पूरी तरह से ठीक हो जायेंगे। कोई जानलेवा बीमारी नहीं है। उनके प्रशंसकों को बता दीजिये कि वह ठीक है। वह मजबूत इच्छाशक्ति वाले हैं।’’ चंद्रशेखर ने अपने 16 साल के कैरियर में 58 टेस्ट में 242 विकेट लिये। बिशन सिंह बेदी, ईरापल्ली प्रसन्ना और एस वेंकटराघवन के साथ भारत की मशहूर स्पिन चौकड़ी का हिस्सा रहे चंद्रशेखर साठ और सत्तर के दशक में खेले थे। उन्हें 1972 में पद्मश्री और अर्जुन पुरस्कार मिला था।





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ऑस्ट्रेलियाई ओपन: 47 खिलाड़ियों को भेजा गया कड़े पृथकवास पर, खिलाड़ियों में बढ़ी नाराजगी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 17, 2021   15:39
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ऑस्ट्रेलियाई ओपन: 47 खिलाड़ियों को भेजा गया कड़े पृथकवास पर, खिलाड़ियों में बढ़ी नाराजगी

चार कोविड-19 पॉजिटिव मामले आने के बाद ऑस्ट्रेलियाई ओपन के लिये पहुंचे खिलाड़ी कड़े पृथकवास पर है।अन्य खिलाड़ियों को अपने कमरे से निकलकर प्रत्येक दिन पांच घंटे अभ्यास की अनुमति होगी जबकि करीबी संपर्क वाले खिलाड़ियों के साथ ऐसा नहीं होगा और वे कमरों से बाहर नहीं निकल पायेंगे।

मेलबर्न।ऑस्ट्रेलियाई ओपन टेनिस टूर्नामेंट के लिये दो विशेष विमानों से यहां पहुंचे 47 खिलाड़ियों को कड़े पृथकवास पर भेज दिया गया है क्योंकि इन उड़ान में कोरोना वायरस के चार मामले पॉजीटिव पाये गये हैं। कुछ खिलाड़ी इस बात से भी नाराज थे कि उन्हें पॉजिटिव आये लोगों के साथ फ्लाइट में मौजूद होने की वजह से ही ‘करीबी संपर्क’ श्रेणी में रख दिया गया है जिससे उन्हें अन्य खिलाड़ियों की तुलना में सख्त पृथकवास में रहना होगा।

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अन्य खिलाड़ियों को अपने कमरे से निकलकर प्रत्येक दिन पांच घंटे अभ्यास की अनुमति होगी जबकि करीबी संपर्क वाले खिलाड़ियों के साथ ऐसा नहीं होगा और वे कमरों से बाहर नहीं निकल पायेंगे। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि सभी खिलाड़ियों को पहले ही जोखिम के बारे में चेतावनी दे दी गयी है। और इन नियमों को तोड़ने के संबंध में भी खिलाड़ियों को चेताया गया है। अगर पृथकवास के नियमों का उल्लंघन होता है तो उन्हें भारी जुर्माने के साथ और अधिक सुरक्षित पृथकवास परिसर में भेज दिया जायेगा जहां उनके होटल के कमरों के दरवाजों के बाहर पुलिस तैनात होगी। शनिवार को तीन पॉजिटिव मामलों की घोषणा की गयी थी और विक्टोरिया की कोविड-19 पृथकवास आयुक्त एम्मा कासार ने रविवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि इसमें एक चौथा पॉजिटिव मामला भी सामने आया है। अभी तक कोई भी खिलाड़ी पॉजिटिव नहीं मिला है। लास एंजिल्स की फ्लाइट में एक क्रू सदस्य, एक कोच और टीवी प्रसारण टीम के एक सदस्य को पॉजिटिव पाया गया। एक अन्य मामला अबुधाबी से पहुंची उड़ान में के एक कोच के पॉजिटिव आने का है। टूर्नामेंट के आयोजकों ने बताया कि लास एंजिल्स और अबुधाबी से यहां पहुंची उड़ान में ये मामले पाये गये हैं।

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अधिकारियों ने कहा कि लास एंजिल्स से आये विशेष विमान में कोविड-19 के तीन मामले पाये गये। एक मामला अबुधाबी से यहां पहुंचे विमान में मिला। इन चारों को आस्ट्रेलिया की फ्लाइट लेने से पहले जांच में नेगेटिव पाया गया था। इन चारों को होटल में रखा गया है। कनाडा की स्टार खिलाड़ी बियांका आंद्रीस्कू के कोच सिल्वेन ब्रूनीयु ने कहा है कि उन्हें अबुधाबी से यहां पहुंचने पर कोविड-19 के लिये पॉजीटिव पाया गया। उन्होंने कहा, ‘‘मेरी टीम के अन्य सदस्यों का परीक्षण परिणाम नेगेटिव आया है। ’’ दो बार की ओपन चैम्पियन विक्टोरिया अजारेंका और 2014 अमेरिकी ओपन के उप विजेता केई निशिकोरी लास एंजिल्स की फ्लाइट में थे। इससे पहले अधिकारियों ने कहा कि लास एंजिल्स से आने वाले सभी यात्रियों को 14 दिन तक होटल में कड़े पृथकवास पर भेज दिया गया है। टेनिस आस्ट्रेलिया ने पुष्टि की कि लास एंजिल्स से पहुंचे विमान में 24 और अबुधाबी से आये विमान में 23 खिलाड़ी थे।





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इस साल तोक्यो ओलंपिक होगा या नहीं? अब संयुक्त राष्ट्र लेगी फैसला

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 17, 2021   10:47
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इस साल तोक्यो ओलंपिक होगा या नहीं? अब संयुक्त राष्ट्र लेगी फैसला

आईओसी के पूर्व उपाध्यक्ष ने कहा कि, संयुक्त राष्ट्र तोक्यो ओलंपिक के बारे में फैसला कर सकता है।आईओसी और स्थानीय आयोजकों ने कहा कि इस बार ओलंपिक खेल स्थगित नहीं किये जा सकते हैं। अगर इनका आयोजन नहीं हो पाता है तो फिर इन्हें रद्द कर दिया जाएगा।

सिडनी। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के पूर्व उपाध्यक्ष केविन गोस्पर का मानना है कि एक साल के लिये स्थगित किये गये तोक्यो ओलंपिक का भाग्य का फैसला करने में संयुक्त राष्ट्र अपनी भूमिका निभा सकता है। ओलंपिक खेलों का उद्घाटन 23 जुलाई को हाना है लेकिन तोक्यो, जापान और विश्व भर में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के कारण इसके आयोजन को लेकर आशंकाएं व्यक्त की जा रही हैं। गोस्पर अब भी आईओसी के मानद सदस्य हैं और उन्होंने आस्ट्रेलिया के राष्ट्रीय प्रसारक के साथ बातचीत में यह सुझाव दिया।

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उन्होंने एबीसी के एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘अगर आप यह पता करने के लिये तीसरे पक्ष के पास जाते हैं कि वैश्विक कोविड महामारी और उसके प्रभाव के कारण यह केवल खेल या राष्ट्रीय हित से जुड़ा मसला नहीं है तो तब यह मामला संयुक्त राष्ट्र के पास जा सकता है और खेलों के आयोजन का फैसला करने में उसे मध्यस्थ के रूप में शामिल किया जा सकता है। ’’ आईओसी और स्थानीय आयोजकों ने कहा कि इस बार ओलंपिक खेल स्थगित नहीं किये जा सकते हैं। अगर इनका आयोजन नहीं हो पाता है तो फिर इन्हें रद्द कर दिया जाएगा।





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