• मीराबाई चानू ने ट्रेनिंग के दौरान पिज्जा से बना ली थी दूरी, मेडल जीतने के बाद अब ख्वाहिशें करेंगी पूरी!

देश की बेटी मीराबाई चानू सोमवार को अपने देश लौट रही है और उनके स्वागत के लिए देश इंतजार भी कर रहा है। आपको जानकार हैरानी होगी लेकिन मीराबाई चानू ने लंबे समय से पिज्जा से दुरी बना रखी थी ताकि वह अपने खेलों पर पूरा ध्यान दे सके।

तोक्यो ओलंपिक में देश के लिए पहला सिल्वर पदक हासिल करने वाली मीराबाई चानू ने दुनियाभर के भारतीयों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी है। भारत की मीराबाई चानू ने देश का परचम लहराते हुए 49 किलोग्राम के प्रतिस्पर्धा में सिल्वर मेडल हासिल किया। इसके बाद से उन्हें लगातार बधाइयां मिल रही हैं। सिल्वर मेडल जीतने के बाद जब मीराबई चानू से पूछा गया कि अब उनका आगे का क्या प्लान है तो उन्होंने कहा कि वह पिज्जा खाना चाहती हैं। उनका यह बयान सुनने के बाद से डोमिनोज ने मीराबाई चानू को जीवनभर के लिए फ्री पिज्जा देने की पेशकश की है। इसी के साथ ही डोमीनोज ने शनिवार को ट्विटर पर यह घोषणा की कि वे ओलंपिक रजत पदक विजेता को अपने पूरे जीवन के लिए मुफ्त पिज्जा की पेशकश करेंगे। डोमीनोज ने ट्वीट करते हुए लिखा कि, पदक घर लाने के लिए आपको बधाई! आपने एक अरब से अधिक भारतीयों के सपनों को साकार किया और हम आपको जीवनभर के लिए फ्री डोमिनोज पिज्जा देने की पेशकश कर रहे हैं। फिर से बधाई!  

कई सालों से नहीं खाया था पिज्जा!

देश की बेटी मीराबाई चानू सोमवार को अपने देश लौट रही है और उनके स्वागत के लिए देश इंतजार भी कर रहा है। आपको जानकार हैरानी होगी लेकिन मीराबाई चानू ने लंबे समय से पिज्जा से दुरी बना रखी थी ताकि वह अपने खेलों पर पूरा ध्यान दे सके। जब उनसे पूछा गया कि वह देश जाकर सबसे पहला काम क्या करेंगी तो उनका जवाब था - सबसे पहले घर जाकर पेट भर पिज्जा खाउंगी। आपको बता दें कि चानू खुद को पिज्जा खाने से रोक नहीं पाती है इसलिए जीत के बाद उन्होंने पिज्जा खाने की ख्वाहिश जताई!

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इसके साथ ही रेस्टोरेंट चेन ने कहा कि, वह नहीं चाहते कि मीराबाई चानू पिज्जा खाने के लिए इतंजार करें। वहीं आपको बता दें कि शनिवार को मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने घोषणा की कि राज्य सरकार भारोत्तोलक मीराबाई चानू को 1 करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार देगी। मीराबाई चानू ने साई द्वारा आयोजित एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि, पदक जीतने का मेरा सपना पूरा हो गया है। मैंने रियो ओलंपिक में अपनी हार के बाद सीखा, अपनी तकनीक बदली और कड़ी मेहनत की। मेरी जीत निश्चित रूप से चीजों को बदल देगी क्योंकि भारोत्तोलन में बहुत सी लड़कियां भाग नहीं लेती हैं। मीराबाई चानू ने अपनी इच्छा जताते हुए कहा कि, मैं चाहती हूं की हर लड़की भारोत्तोलन को एक खेल के रूप में ले। आगे के टूर्नामेंट में, मैं चाहती हूं कि लड़कियों की अधिकतम भागीदारी होनी चाहिए। मुझे लगता है कि अब और लड़कियां भारोत्तोलन के खेल को अपनाएंगी,"।