टीम इंडिया को मुश्किल में डाल सकते हैं धोनी, जानिए वजह क्या है ?

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टीम इंडिया का विजयक्रम अभी तक टूटा नहीं है लेकिन टीम के कुछ खिलाड़ियों का मौजूद प्रदर्शन आगे आने वाले मुकाबलों में परेशानी का सबब बन सकता है।

नई दिल्ली। वर्ल्ड कप अभियान को आगे बढ़ाते हुए टीम इंडिया ने अपने छठे मुकाबले को भी जीत लिया। वेस्ट इंडीज के खिलाफ खेले गए इस मुकाबले में भारत ने 125 रन के विशाल अंतर से जीत दर्ज की और मैन ऑफ द मैच बने कप्तान विराट कोहली। हालांकि अफगानिस्तान के खिलाफ हैट्रिक लेने वाले मोहम्मद शमी ने विंडीज के विकेट चटकाए, जिसमें सबसे खतरनाक कहे जा रहे क्रिस गेल, शाई होप और हेटमायर के विकेट अहम थे।

टीम इंडिया का विजयक्रम अभी तक टूटा नहीं है लेकिन टीम के कुछ खिलाड़ियों का मौजूद प्रदर्शन आगे आने वाले मुकाबलों में परेशानी का सबब बन सकता है। बात अगर हम विकेटकीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह की करें तो उनका प्रदर्शन पिछले दो मैच से टीम को मुश्किल में डालता हुआ दिखाई दिया, हालांकि गेंदबाजों के बेहतर प्रदर्शन की बदौलत टीम ने अफगानिस्तान और वेस्ट इंडीज दोनों ही मुकाबलों में जीत दर्ज की। 

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आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2019 के प्वाइंट टेबल में भारत फिलहाल 11 अंकों के साथ दूसरों स्थान पर है। जबकि ऑस्ट्रेलिया 12 अंक के साथ पहले पायदान पर विराजमान है। अब तक टीम इंडिया का सफर तो शानदार रहा लेकिन विश्व कप हासिल करने वाले अनुभवी पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का खेल आने वाले समय में भारतीय टीम के लिए चिंता का विषय बन सकता है, इसके अतिरिक्त नंबर चार की पोजिशन के लिए अनुभवी बल्लेबाज का न होना भी परेशानी में डाल सकता है।

अफगानिस्तान के खिलाफ महेंद्र सिंह धोनी ने 52 गेंदों पर महज 28 रन बनाए वो भी 3 चौकों की मदद से। इस वक्त धोनी का स्ट्राइक रेट 53.85 का था और विंडीज के खिलाफ तो उनका प्रदर्शन और कमतर हो गया। इस दौरान 56 रन की पारी खेलते हुए धोनी ने 26 रन 45 गेंदों पर बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 57.78 का रहा। जबकि धोनी ने अगले 30 रन 187.50 के स्ट्राइक रेट के साथ महज 16 गेंदों में ही जड़ दिए। 

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महेंद्र सिंह धोनी द्वारा खेली गई इन पारियों की वजह से टीम इंडिया की पारी काफी ज्यादा धीमी हो गई और टीम 300 रन के स्कोर तक नहीं पहुंच पाई। सबसे ज्यादा मुश्किल तो 30 ओवरों के बाद देखी गई जब बल्लेबाजों ने अपना खेल बेहद धीमा कर दिया। अगर धोनी ने आने वाले समय में भी ऐसा प्रदर्शन किया तो टीम इंडिया विशाल स्कोर नहीं बना पाएगी और उसका फायदा विरोधियों को मिल सकता है।

धोनी की पारी को देखते हुए वीवीएस लक्ष्मण ने कहा कि शुरुआत में धोनी का स्ट्राइक रेट 45 से 50 का होता है, जिसकी वजह से साथी खिलाड़ी पर प्रेशर पड़ता है। ठीक है कि आप फिनिश अच्छा करते हैं लेकिन शुरुआत में आप अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं खासकर कि स्पिनर्स के खिलाफ... लक्ष्मण ने आगे कहा कि धोनी को किसी न किसी दिन अपनी इस धीमी शुरुआत का पछतावा भी जरूर होगा। यह उनका वो एरिया है जिस पर उन्हें अभी काम करने की जरूरत है। 

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नंबर चार पर नहीं चल पा रहे विजय शंकर

शिखर धवन के टीम से बाहर होने की वजह से नंबर चार पर खेल रहे लोकेश राहुल से ओपन कराया गया, जिसकी वजह से चार नंबर पर सभी ने विजय शंकर को खेलते हुए देखा। पाकिस्तान के खिलाफ मैच को छोड़ दिया जाए तो शंकर ने अब तक कुछ खास प्रदर्शन नहीं किया है। इसी वजह से सोशल मीडिया में दिनेश कार्तिक का नाम जोरों से घूम रहा है और यह कहा जा रहा है कि मुश्किल परिस्थितियों में टीम को जीत हासिल कराने वाले कार्तिक को आखिर चार नंबर पर क्यों नहीं लाया जा रहा। नंबर चार के लिए भारत के पास बतौर खिलाड़ी दिनेश कार्तिक और ऋषभ पंत का आप्शन मौजूद है। ऋषभ पंत की बात की जाए तो उन्होंने इंग्लैंड की सरजमीं पर उसके खिलाफ शतकीय पारी खेलकर टीम की स्थिति को मजबूत किया था इसलिए टीम प्रबंधन और कोच को इन दोनों खिलाड़ियों के बारे में विचार करना चाहिए।

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