Commonwealth Boxing: Preeti Pawar जाम्बिया की म्वापे को हराकर फाइनल में पहुंचीं

ग्लास्गो में चल रहे राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय मुक्केबाज Preeti Pawar ने जाम्बिया की कैथरीन म्वापे को 5-0 से हराकर 54 किग्रा वर्ग के फाइनल में जगह बना ली है। भिवानी की 22 वर्षीय एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता प्रीति ने मुकाबले में शुरू से अंत तक अपना वर्चस्व बनाए रखा। अब स्वर्ण पदक के मुकाबले में उनका सामना कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो से होगा।
भारतीय मुक्केबाज प्रीति पवार (54 किग्रा) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जाम्बिया की कैथरीन म्वापे को 5-0 से पराजित कर शुक्रवार को राष्ट्रमंडल खेलों के फाइनल में जगह बना ली। भिवानी की एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता 22 वर्षीय प्रीति ने मुकाबले के दौरान शुरू से अंत तक दबदबा बनाए रखा। उन्होंने बांयी ओर से सटीक पंच और प्रभावी जवाबी हमले के दम पर म्वापे को लगातार दबाव में रखा।
फाइनल में प्रीति के सामने स्कारलेट डेलगाडो की चुनौती होगी। कनाडा की इस मुक्केबाज ने एक अन्य सेमीफाइनल में इंग्लैंड की लॉरेन मैकी को 4-1 से हराया। प्रीति ने जीत के बाद पीटीआई से कहा, मैं बहुत खुश हूं कि जिस तरह की तैयारी की थी, उसे रिंग में उतारने में सफल रही।
अब मेरा पूरा ध्यान स्वर्ण पदक जीतने पर है और मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूंगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ मैं किसी भी प्रतिद्वंद्वी को हल्के में नहीं लेती। अपने कोच के साथ हर मुकाबले की पूरी तैयारी करती हूं और खुशी है कि उन योजनाओं को अमल में ला पा रही हूं।’’ म्वापे पूरे मुकाबले में प्रभावी पंच लगाने के लिए जूझती रहीं, जबकि प्रीति के संयोजित पंच का उनके पास कोई जवाब नहीं था। पहले दो राउंड में जाम्बिया की मुक्केबाज को तीन बार ‘एट काउंट’ का सामना करना पड़ा, जो भारतीय मुक्केबाज के एकतरफा वर्चस्व का प्रमाण रहा।
दूसरे राउंड में प्रीति के प्रदर्शन से प्रभावित सभी पांच निर्णायकों ने उन्हें 10-8 का स्कोर दिया। अंतिम राउंड में म्वापे मुकाबले में वापसी की कोशिश करने के बजाय प्रीति के आक्रामक हमलों से बचती नजर आईं।
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