FIFA World Cup 2026 | फोलारिन बालोगुन के डबल गोल से अमेरिका की धमाकेदार शुरुआत, पराग्वे को 4-1 से रौंदकर रचा इतिहास

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रेनू तिवारी । Jun 13 2026 10:18AM

फोलारिन बालोगुन ने पहले हाफ में दो गोल किए जिससे अमेरिका ने अपनी घरेलू धरती में 32 वर्षों में पहली बार खेले जा रहे फुटबाल विश्व कप में पराग्वे पर 4-1 की धमाकेदार जीत के साथ अपने अभियान की शानदार शुरुआत की। अमेरिका की विश्व कप में यह सबसे बड़ी जीत है।

घरेलू धरती पर 32 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद खेल रहे अमेरिका ने फुटबॉल विश्व कप में अपने अभियान का ऐसा शानदार आगाज़ किया है जिसे इतिहास हमेशा याद रखेगा। नए कोच मॉरीशियो पोचेटीनो के मार्गदर्शन में खेलते हुए अमेरिकी टीम ने पराग्वे को 4-1 से करारी शिकस्त दी। यह विश्व कप के इतिहास में अमेरिका की अब तक की सबसे बड़ी जीत है। इस मुकाबले को देखने के लिए स्टेडियम में 70,492 दर्शक मौजूद थे, जो टीम के आक्रामक खेल को देखकर मंत्रमुग्ध हो गए।

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अमेरिका की विश्व कप में यह सबसे बड़ी जीत है। इससे पहले उसने इस टूर्नामेंट में कभी तीन से अधिक गोल नहीं किए थे। यही नहीं अमेरिकी टीम ने पहले हाफ में तीन गोल दागे जो विश्व कप में उसका रिकॉर्ड है। क्रिश्चियन पुलिसिच ने पहले हाफ में शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए दो गोल करने में मदद की। अमेरिका ने शुरू से ही आक्रामक रवैया अपनाया लेकिन उसने खाता आत्मघाती गोल से खोला था।

बालोगुन ने 31वें और पहले हाफ के इंजरी टाइम में गोल करके अमेरिका को मध्यांतर तक 3-0 से आगे रखा था। दूसरे हाफ के इंजरी टाइम के आखिरी क्षणों में जियो रेना ने एक और गोल दागा। इस तरह से अमेरिकी टीम ने विश्व कप के किसी मैच में पहली बार चार गोल किए। अमेरिका ने चार साल पहले कतर में खेले गए विश्व कप में अपने चार मैचों में कुल मिलाकर केवल तीन गोल किए थे। नए कोच मॉरीशियो पोचेटीनो के मार्गदर्शन में अलग शैली में खेल रही अमेरिका की टीम ने अपने खेल से स्टेडियम में मौजूद 70,492 दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

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पुलिसिच को उनके बाएं पैर की पिंडली के पिछले हिस्से में चोट लगने और उसके बाद कुछ जकड़न महसूस होने के बाद एहतियात के तौर पर हाफ टाइम के बाद मैदान पर नहीं उतारा गया और उनकी जगह सेबेस्टियन बर्हाल्टर ने ली। पुलिसिच ने कहा, ‘‘सकारात्मक सोच रखें। मुझे नहीं लगता कि इसमें कुछ खास है।’’ पराग्वे की तरफ से एकमात्र गोल मॉरीसियो ने 73वें मिनट में किया, लेकिन 16 साल में अपना पहला विश्व कप खेल रही दक्षिण अमेरिका की यह टीम शुरू में पिछड़ने के बाद किसी भी समय वापसी नहीं कर पाई।

पुलिसिच के शानदार खेल की बदौलत डेमियन बोबाडिला ने सातवें मिनट में आत्मघाती गोल कर दिया। इसके बाद बालोगुन ने 31वें मिनट में और फिर पहले हाफ के इंजरी टाइम के पांचवें मिनट में गोल दागा। न्यूयॉर्क में जन्मे और लंदन में पले-बढ़े स्ट्राइकर बालोगुन ने विश्व कप में पदार्पण करते हुए 1930 के बाद टूर्नामेंट में किसी अमेरिकी खिलाड़ी द्वारा एक से अधिक गोल करने का कारनामा किया। बालोगुन ने इंग्लैंड की तरफ से खेलने की बजाय तीन साल पहले अमेरिका का प्रतिनिधित्व करने का विकल्प चुना था।

अगर वह इंग्लैंड की तरफ से खेलना चाहते तो हो सकता था कि उन्हें टीम में जगह नहीं मिलती। लेकिन अब वह अमेरिका के फुटबॉल नायक बन गए हैं। पुलिसिच ने अमेरिका के पहले दो गोल में अहम भूमिका निभाई। एसी मिलान की तरफ से खेलने वाले इस प्रतिभाशाली खिलाड़ी ने सातवें मिनट में चतुराई से दो डिफेंडरों को चकमा दिया और वेस्टन मैककेनी को पास दिया, जिनका शॉट पराग्वे के मिडफील्डर बोबाडिला के पांव से लगकर गोल में चला गया।

उन्होंने बालोगुन के पहले गोल में भी मदद की। इसके बाद पहले हाफ के इंजरी टाइम में मलिक टिलमैन ने तेजी से दौड़ रहे बालोगुन को एक लंबा पास दिया, जिन्होंने जगह बनाने के लिए थोड़ा रुककर ऊपरी कोने में एक शानदार शॉट लगाकर दर्शकों में जबरदस्त जोश भर दिया। हॉलीवुड से 10 मील दक्षिण में खेले गए इस मैच को देखने के लिए अमेरिका की कई हस्तियां पहुंची थी। इनमें टॉम क्रूज़, जॉर्ज लुकास, बिल गेट्स, हाले बेरी, लियोनार्डो डिकैप्रियो और करीम अब्दुल-जबार भी शामिल थे।

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