Windows को Maya OS करेगा रिप्लेस! जानें भारत के देसी ऑपरेटिंग सिस्टम के बारे में

सभी कंप्यूटर्स में OS को बदलने जा रहा है। जल्द ही इनमें विंडोज की जगह Maya OS दिखाई दिया जाने लगेगा।
रक्षा मंत्रालय ने अपने साइबर सिक्योरिटी सिस्टम में एक बड़े बदलाव की घोषणा की है। ये अपने सभी कंप्यूटर्स में OS को बदलने जा रहा है। जल्द ही इनमें विंडोज की जगह Maya OS दिखाई दिया जाने लगेगा। रक्षा मंत्रालय ने ये फैसला इसलिए लिया है क्योंकि, पिछले कुछ समय में मैलवेयर और रैंसमवेयर हमलों का खतरा ज्यादा बढ़ गया था।
अब आपको बताते हैं कि, आखिर ये Maya OS क्या है? और ये कैसे इस तरह के अटैक्स से बचाएगा।
Maya OS क्या है?
Maya OS एक नया ऑपरेटिंग सिस्टम है जो उबंटू पर आधारित है। ये फ्री और ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर का इस्तेमाला करता है। इसे रक्षा मंत्रालय ने डेवलप किया है। इसमें कई सरकारी एजेंसियों ने मदद की है। इस ओएस का मुख्य उद्देश्य ये है कि इसमें विंडोज के जैसा इंटरफेस है और कैपेबिलिटी है। इसमें चक्रव्यूह नामक एक सुविधा भी दी गई है जो एक एंड-पॉइंट एंटी मैलवेयर और एंटीवायरल सॉफ्टवेयर है। ये यूजर और इंटरनेट के बीच में एक वर्चुअल लेयर बनाता है। इससे हैकर्स, यूजर्स का कोई भी निजी और सेंसिटिव डाटा चोरी नहीं कर पाएंगे।
उबंटू के बारे में आपने सुना जरूर होगा। ये दुनिया में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले लिनक्स डिस्ट्रीब्यूशन में से एक है। इसे हाई लेवल सिक्योरिटी के लिए जाना जाता है। विंडोज में मैलवेयर का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। लेकिन उबंटू में ये खतरा ना के बराबर है। उबंटू एक फ्री और ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर है।
Maya OS किसने बनाया है?
Maya OS को बनाने का निर्णय 2021 में लिया गया था। इसके बारे में तब सोचा गया था जब भारत को बाहर से साइबर अटैक्स का सामना करना पड़ा था। इस परेशानी से निपटने के लिए रक्षा मंत्रालय ने अपना खुद का OS बनाने का फैसला किया है। इस ओएस के लिए कहा गया है कि ये माइक्रोसॉफ्ट विंडोज से ज्यादा सिक्योर होगा। इसके लिए भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनियां और शैक्षणिक संस्थानों के साथ साझेदारी की गई है। इस OS को नेवी, आर्मी और एयर फोर्स ने टेस्ट किया है।
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