पिथौरागढ़ आये हैं तो चौकोरी जरूर जाएं, खूबसूरती आपका मन मोह लेगी

By सुषमा तिवारी | Publish Date: Aug 20 2018 4:22PM
पिथौरागढ़ आये हैं तो चौकोरी जरूर जाएं, खूबसूरती आपका मन मोह लेगी
Image Source: Google

दिल्ली से 530 किमी दूर उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले की बेरीनाग तहसील में स्थित चौकोरी एक छोटा सा पहाड़ी नगर है। इसकी ऊंचाई समुद्र तल से 2010 मीटर है। चौकोरी के उत्तर में तिब्बत और दक्षिण में तराई क्षेत्र है।

दिल्ली से 530 किमी दूर उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले की बेरीनाग तहसील में स्थित चौकोरी एक छोटा सा पहाड़ी नगर है। इसकी ऊंचाई समुद्र तल से 2010 मीटर है। चौकोरी के उत्तर में तिब्बत और दक्षिण में तराई क्षेत्र है। यह जगह भी पश्चिमी हिमालय की पर्वत श्रृंखला के पास स्थित है।
भाजपा को जिताए
 
कहते हैं देखने में सभी हिल स्टेशन एक जैसा होता है लेकिन हर पहाड़ की अपनी खूबसूरती होती है अगर बात चौकोरी की जाए तो उनकी बात ही अलग है एक तरफ जहां हरियाली से लकदक ऊंचे पहाड़ है तो दूसरी ओर बर्फ से ढकी पहाड़ियां। सूरज की लालिमा इन बर्फ से ढके पहाड़ों पर पड़ती है तो लगता है मानों हम स्वर्ण देश में आ गए हैं। यहां का हर नजारा दिल को सुकून पहुंचाता है। शांत शीतल हवा शरीर में नई सुफूर्ति का संचार करती है। चौकारी की खूबसूरती को बयां करती।
 


चौकोरी की सुंदरता में मक्के के खेत और फल चार चांद लगाते हैं। चौकोरी में आने वाले यात्री उल्का देवी मंदिर में आकर नतमस्त हो सकते हैं। पिथौरागढ़-चंडक मोटर मार्ग पर टूरिस्ट रेस्टहाउस के पास यह मंदिर स्थित है। इसी तरह घनसेरा देवी मंदिर में विभिन्न भगवानों की पत्थर पर बनी सुंदर नक्काशी देखी जा सकती है।
 
पटल भुवनेश्वर
पास के गाँव भुवनेश्वर में समुद्रतल से 1350मी. ऊपर स्थित पटल भुवनेश्वर, एक गुफा में बना हुआ मंदिर है। चूंकि प्राथमिक रूप से यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है, लेकिन ऐसा माना जाता है कि इस गुफा में 33करोड़ देवी-देवताओं का निवास है।
 


गंगोलीहाट 
गंगोलीहाट जगह हाट कलिका मंदिर नामक सिद्धपीठ के लिये प्रसिद्ध है। इस सिद्ध पीठ की स्थापना आदिगुरू शंकराचार्य द्वारा की गयी। हाट कलिका देवी रणभूमि में गए जवानों की रक्षक मानी जाती है। 
 
धरमघर


धरमघर चौकोरी से 9 किमी दूर है। गांधी जी के पगचिन्हों पर चलने वाली सरला बहन ने अपनी जिन्दगी के अन्तिम कुछ पल यहां पर ही गुजारे थे। धरमनगर में हिमदर्शन के नाम सरला बहन का एक कुटीर है। यहां से हिमालय पर्वत के चोटियों का नजारा दिखाई देता है।
 
कामाक्ष मंदिर और केदार मंदिर
कामाक्ष मंदिर और केदार मंदिर चौकोरी के अन्य प्रसिद्ध तीर्थ हैं। इस सुंदर हिल स्टेशन पर आने वाले यात्रियों को गर्मियों अथवा सर्दियों के शुरुआती महीनों में आने का सुझाव दिया जाता है।
 
चौकोरी का मौसम
चौकोरी की जलवायु गर्म और शीतोष्ण है। चौकोरी  में सर्दियों में गर्मियों से बहुत कम वर्षा होती है। कोपेन-गीजर के अनुसार Cwb जलवायु का वर्गीकरण है। चौकोरी का औसत वार्षिक तापमान 14.5 है. 1523 मिमी औसत वार्षिक वर्षा है।
 
चौकोरी कैसे जाएं
उत्तराखंड के बड़े शहरों से चौकारी के लिए बसों की सुविधा उपलब्ध है।
 
काठगोदाम रेलवे स्टेशन सबसे नजदीक रेलवे स्टेशन है। यहां से चौकोरी के लिए टैक्सी सेवा उपलब्ध है।
 
पंत नगर हवाई अड्‌डा चौकारी के सबसे नजदीक है। यहां से निजी तौर पर टैक्सी बुक की जा सकती है।
 
- सुषमा तिवारी

रहना है हर खबर से अपडेट तो तुरंत डाउनलोड करें प्रभासाक्षी एंड्रॉयड ऐप   



Disclaimer: The views expressed here are solely those of the author in his/her private capacity and do not necessarily reflect the opinions, beliefs and viewpoints of Prabhasakshi and do not in any way represent the views of Prabhasakshi.

Related Story