26 नवम्बर को क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय कानून दिवस, जानें कुछ बड़ी बातें

National Law Day
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संविधान दिवस को विधि दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। आम जन का न्याय पालिका के प्रति विश्वास मजबूत करने के लिए भी विधि दिवस मनाया जाता है। 1979 तक कानून दिवस नहीं मनाया जाता था। पहली बार डॉ. लक्ष्मी मल्ल सिंघवी के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने 26 नवंबर को राष्ट्रीय कानून दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था।

26 नवम्बर का दिन हमारे लिए खास है क्योकि इसी दिन हमें एक विधिवत संविधान की प्राप्ति हुयी थी संविधान सभा ने इसी दिन देश के नागरिकों को उनके मौलिक अधिकार दिलाये और उनके मौलिक कर्तव्यों का एहसास दिलाया। संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया। 26 नवंबर को राष्ट्रीय कानून दिवस (National Law Day) के रूप में भी जाना जाता है। 

न्याय पालिका के महत्व को दर्शाता है विधि दिवस

संविधान दिवस को विधि दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। आम जन का न्याय पालिका के प्रति विश्वास को मजबूत करने के लिए भी विधि दिवस मनाया जाता है। 1979 तक कानून दिवस नहीं मनाया जाता था।  पहली बार डॉ. लक्ष्मी मल्ल सिंघवी के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने 26 नवंबर को राष्ट्रीय कानून दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था।

आजादी के 30 सालों के बाद सुप्रीम कोर्ट ने विधि दिवस मनाने का निर्णय लिया। देश में क़ानूनी पेशे से जुड़ें लोग इस दिन को विधिक स्वतन्त्रता का उत्सव मानते है। क़ानूनी पेशे से जुड़े लोग कानून के नियमों की स्थापना करने के साथ ही लोकतंत्र की भी रक्षा करते है। आम जनता के अधिकारों की रक्षा करते हैं 

विधि दिवस को संविधान दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। 

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क्यों मनाया गया संविधान दिवस 

संविधान के निर्माता बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर की जयंती को संविधान दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया। सामाजिक आधिकारिता और न्याय मंत्रालय ने 2015 में बाबा साहेब की जयंती को संविधान दिवस घोषित किया। संविधान में नागरिको के मौलिक कर्तव्यों, मूल अधिकारों का वर्णन है। सरकार के काम, राज्यपाल, राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री के कर्तव्यों और अधिकारों का वर्णन किया गया है। बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर को श्रद्धांजलि देने के लिए संविधान दिवस मनाया जाता है। डॉ अम्बेडकर को भारतीय संविधान का जनक भी कहा जाता है।


विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान 

हमारे देश का संविधान दुनियां का सबसे लम्बा लिखित संविधान है। इसमें न्याय पालिका, विधायिका और कार्यपालिका के कर्तव्यों और अधिकारों का वर्णन किया गया है। भारतीय संविधान के बहुत से अंश कई देशों के संविधान से लिए गए है। इसमें जापान, कनाडा, अमेरिका, जर्मनी, आयरलैंड,ऑस्ट्रेलिया शामिल है इसमें12 सूचियां, 25 भाग और 448 अनुच्छेद है।    

कितना समय लगा संविधान निर्माण में 

संविधान की मूलप्रति को प्रेम बिहारी नारायण द्वारा लिखी गयी थी। यह इटैलिक अक्षरों में लिखा हुआ है। शांति निकेतन के कलाकारों द्वारा इसकी सजावट की गयी। भारतीय संविधान तैयार करने में कुल 2 साल, 11 महीने, 18 दिन लगे थे  इस हस्तलिखित संविधान को आज भी भारत की संसद में सुरक्षित रखा गया है।

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कब लागू किया गया संविधान 

भारतीय संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया। ऐसे गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है।

कितने सदस्य थे संविधान सभा में 

संविधान सभा में 284 सदस्य थे जिनमें 15 महिलायें थी। सभी ने संविधान लागू होने से पहले 24 जनवरी को हस्ताक्षर किये थे।    

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