इस तरह 96 से 46 किलो की हो गयीं अभिनेत्री सारा अली खान

  •  कंचन सिंह
  •  जनवरी 22, 2019   11:49
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इस तरह 96 से 46 किलो की हो गयीं अभिनेत्री सारा अली खान

सारा अली खान बचपन में पीसीओडी (PCOD) नामक बीमारी से पीड़ित थी, जिसकी वजह से वजन बहुत ही जल्दी बढ़ जाता है। इस बीमारी की वजह से सारा को वजन घटाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी थी।

सारा अली खान की पहली फिल्म केदारनाथ के बाद दूसरी फिल्म सिम्बा भी अच्छा बिज़नेस कर रही है। हर कोई सारा की एक्टिंग की तारीफ कर रहा है। सारा का लुक हर किसी को अट्रैक्ट कर रहा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि छरहरी काया वाली सारा कभी 96 किलो की थी। जानिए आखिर कैसे हुईं सारा 96 से 46 किलो की।

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- सारा ने डायटिंग के साथ ही योगा और डांसिग के ज़रिए वज़न कम किया।

- सारा ने फास्ट फूड पूरी तरह से बंद दिया और सिर्फ हेल्दी फूड पर फोकस किया।

- सारा एक अच्छी कथक डासंर भी है और वज़न घटाने के लिए उन्होंने डांस का सहारा भी लिया।

- सारा दिन की शुरुआत ग्रीन कॉफी से करती हैं। रिसर्च के अनुसार भी ग्रीन कॉफी वजन घटाने में बहुत सहायक होती है।

- सारा ने डाइटिशियन के डाइट चार्ट को बहुत स्ट्रिक्टली फॉलो किया और फैटी फूड से परहेज किया। शरीर को डिटॉक्स करने के लिए वो हफ्ते में एक दिन उपवास भी करती थी।

- सारा का कहना है कि अगर आप किसी चीज़ को ठान लेंगे तो आप उसे अवश्य ही डालेंगे, उनके वजन घटाने में इस सूत्र का भी बहुत योगदान रहा है। 

- इसके अलावा सारा ने योग के ज़रिए भी वज़न घटाया। वज़न घटाने में कई योगासन बहुत मददगार होते हैं।

- भुजंगासन से बाजू मज़बूत होते हैं और अतिरिक्त चर्बी भी कम होती है। भुजंगासन के अभ्यास से पेट की चर्बी भी कम होती है और रीढ़ की हड्डी मजबूत बनती है। 

- नियमित सूर्य नमस्कार करने से भी बाजुएं मजबूत बनती हैं और चर्बी कम होती है। सूर्य नमस्कार से न सिर्फ बाजू सुडौल होते हैं, बल्कि शरीर की रोग प्रतिरोधी क्षमता भी बढ़ती है।

- शलाभासन और वीरभद्रासन भी वज़न घटाने में मददगार है।

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सारा अली खान बचपन में पीसीओडी (PCOD) नामक बीमारी से पीड़ित थी, जिसकी वजह से वजन बहुत ही जल्दी बढ़ जाता है। इस बीमारी की वजह से सारा को वजन घटाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी थी।

-कंचन सिंह 







‘‘लव जिहाद’’ पर नसीरुद्दीन शाह ने दिया बड़ा बयान, मुस्लिम समुदाय के समर्थन में कही ये बात

  •  रेनू तिवारी
  •  जनवरी 18, 2021   13:25
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‘‘लव जिहाद’’ पर  नसीरुद्दीन शाह ने दिया बड़ा बयान, मुस्लिम समुदाय के समर्थन में कही ये बात

बॉलीवुड अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने ‘‘लव जिहाद’’ के नाम पर देश में हिंदू और मुसलमान के बीच विभाजन पैदा किये जाने पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने जन अभियान, कारवां-ए-मोहब्बत इंडिया को दिये एक वीडियो इंटरव्यू में यह टिप्पणी की है।

मुंबई। दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह (Naseeruddin Shah) ने 'लव जिहाद (love jihad)' के नाम भारत के अंदर पड़ रही धार्मिक फूट पर अपनी चिंता व्यक्त की है। अगर नसीरुद्दीन शाह के निजी जिंदगी की बात करें तो उन्होंने खुद एक हिंदू एक्ट्रेस रतना पाठक के साथ शादी की है। रतना बॉलीवुड की जानी मानी एक्ट्रेस है। वह ज्यादातर सबजेक्टिव फिल्में करती है। एक बयान ममें सामने आया था कि जब नसीरुद्दीन शाह रतना के साथ शादी कर रहे है तब ही उन्होंने साफ शब्दों में कह दिया था कि वह रतना पाठक का मजहब नहीं बदलेंगे। शाह और रतना की शादी 1982 में हुई थी। दोनों की शादी काफी कामयाब रही है। इस लिए उन्होंने अब हिंदू-मुस्लिम विवाह को लव जिहाद कहने पर चिंता जताई है।

 नसीरुद्दीन शाह  ने ‘‘लव जिहाद’’ पर दिया बयान

 बॉलीवुड अभिनेता नसीरुद्दीन शाह  ने ‘‘लव जिहाद’’ के नाम पर देश में हिंदू और मुसलमान के बीच विभाजन पैदा किये जाने पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने जन अभियान, कारवां-ए-मोहब्बत इंडिया को दिये एक वीडियो इंटरव्यू में यह टिप्पणी की है। वीडियो रविवार को इसके यूट्यूब चैनल पर साझा किया गया। नसीरूद्दीन (70) ने कहा , ‘‘उत्तर प्रदेश में लव जिहाद तमाशे की तरह जिस प्रकार से विभाजन पैदा किया जा रहा है, उसे लेकर मैं सचमुच गुस्से में हूं। जिन लोगों ने भी यह मुहावरा दिया है वे जिहाद शब्द का मतलब नहीं जानते हैं।’’

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 मुस्लिम आबादी हिंदुओं से दो गुणा हो जाएगी ये धारणा गलत है- शाह

उन्होंने इंटरव्यू में कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि कोई भी व्यक्ति इतना बेवकूफ होगा कि वह सचमुच में इस बात पर यकीन कर लेगा कि मुसलमानों की आबादी हिंदुओं से अधिक हो जाएगी, यह अकल्पनीय है। इसलिए यह पूरी धारणा ही अवस्ताविक है। ’’ गौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में उत्तर प्रदेश सरकार ने जबरन धर्मांतरण के खिलाफ एक अध्यादेश जारी किया था और ऐसा करने वाला वह देश का पहला राज्य था। पिछले कुछ महीनों में हरियाणा और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों ने भी शादी की आड़ में हिंदू महिलाओं को इस्लाम में धर्मांतरित करने की कथित कोशिशों को रोकने के लिए कानून लागू करनेकी योजना का खुलासा कियाहै। इस तरह की शादी का राजनीतिक दलों के नेता अक्सर ही ‘‘लव जिहाद’’ के रूप में जिक्र करते हैं।

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हिंदुओं और मुसलमानों के बीच सामाजिक मिलाप रोकने की चाल है  ‘‘लव जिहाद’’ शब्द

अभिनेता का मानना है कि ‘‘लव जिहाद’’ शब्द अंतर-धार्मिक विवाहों को कलंकित करने और हिंदुओं और मुसलमानों के बीच सामाजिक मिलाप रोकने के विचार से निकला है। उन्होंने कहा, ‘‘वे लोग न सिर्फ अंतर-धार्मिक विवाहों को हतोत्साहित कर रहे हैं बल्कि हिंदुओं और मुसलमानों के बीच सामाजिक मिलाप पर भी पाबंदी लगा रहे हैं। ’’ नसीरूद्दीन ने थियेटर-फिल्म कलाकार रत्ना पाठक शाह से शादी की है। अभिनेता ने कहा कि उनका हमेशा ही मानना रहा है कि हिंदू महिला से शादी एक स्वस्थ उदाहरण स्थापित करेगा। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि यह गलत है।’’ अभिनेता ने कहा कि जब वह रत्ना से शादी करने जा रहे थे तब उनकी (नसीरूद्दीन की) मां ने उनसे कहा था कि क्या वह चाहते हैं कि उनकी होने वाली पत्नी अपना धर्म परिवर्तन करे, ‘‘इस पर मेरा जवाब ना था।’’ उन्होंने कहा कि आजकल लव जिहाद के नाम पर युवा जोड़ों को प्रताड़ित किये जाते देख उन्हें दुख होता है। उन्होंने कहा, ‘‘यह वो दुनिया नहीं है जिसकी वह कल्पना करते थे। ’’

 अपने  इंटरव्यू के कारण ट्रोल हो रहे हैं नसीरुद्दीन शाह 

उल्लेखनीय है कि कारवां-ए-मोहब्बत को 2018 में दिये एक इंटरव्यू में अभिनेता ने कहा था कि कई स्थानों पर गो हत्या को किसी पुलिसकर्मी की हत्या से अधिक महत्व दिया जा रहा है। उनका यह इंटरव्यू ऑनलाइन जारी होने के बाद अभिनेता की टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने नाराजगी प्रकट की। वहीं, नसीरूद्दीन ने अपने नये इंटरव्यू में कहा, ‘‘इसका गलत मतलब निकाला गया कि मैं डर महसूस कर रहा हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं बार-बार कहा है कि मैं नहीं डर रहा। मैं भला क्यूं डरूं? यह मेरा देश है, मैं अपने घर में हूं। मेरे परिवार की पांच पीढ़ियों को इसी मिट्टी में दफन किया गया है। मेरे पूर्वज यहां 300 से साल से रह रहे हैं।







महान भारतीय शास्त्रीय संगीतकार उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान का निधन

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 18, 2021   12:54
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महान भारतीय शास्त्रीय संगीतकार उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान का निधन

महान भारतीय शास्त्रीय संगीतकार और पद्म विभूषण से सम्मानित उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान का रविवार की दोपहर यहां उनके आवास पर निधन हो गया। वह 89 वर्ष के थे। खान की पुत्रवधू नम्रता गुप्ता खान ने बताया कि उनका निधन दोपहर 12 बजकर 37 मिनट पर उनके बांद्रा स्थित आवास पर हुआ।

मुंबई। महान भारतीय शास्त्रीय संगीतकार और पद्म विभूषण से सम्मानित उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान का रविवार की दोपहर यहां उनके आवास पर निधन हो गया। वह 89 वर्ष के थे। खान की पुत्रवधू नम्रता गुप्ता खान ने  बताया कि उनका निधन दोपहर 12 बजकर 37 मिनट पर उनके बांद्रा स्थित आवास पर हुआ। नम्रता ने बताया, ‘‘आज सुबह वह ठीक थे। हमने उनकी देखरेख के लिए घर पर 24 घंटे नर्स रखी हुई थी। मालिश के दौरान उन्हें उल्टी हो गई और मैं तुरंत आई तो उनकी आंखे बंद थीं और वह धीरे-धीरे सांस ले रहे थे। मैंने डॉक्टरों से संपर्क करने की कोशिश की और जब तक वे आये तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी।’’ उन्होंने कहा कि खान के अचानक निधन से परिवार सदमे में है क्योंकि वह बेहतर दिख रहे थे। संगीतकार तीन मार्च को 90 साल के होने वाले थे। खान को 2019 में ब्रेन स्ट्रोक हुआ था और उनके शरीर का बायां हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया था।

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नम्रता ने अपने फेसबुक पेज पर खान के निधन की खबर भी साझा की। खान को आज शाम सांताक्रुज कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक किया जाएगा। नम्रता ने सोशल मीडिया मंच पर पोस्ट किया, ‘‘बहुत भारी मन से, मैं आप सभी को सूचित करती हूं कि मेरे ससुर और हमारे परिवार के स्तंभ पद्म विभूषण उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान साहब ने कुछ मिनट पहले इस दुनिया को अलविदा कह दिया।’’ खान का जन्म उत्तर प्रदेश के बदायूं में तीन मार्च, 1931 को हुआ था। वह चार भाइयों और तीन बहनों के परिवार में सबसे बड़े बेटे थे। उनके पिता, उस्ताद वारिस हुसैन खान, प्रसिद्ध संगीतकार उस्ताद मुर्रेद बख्श के बेटे थे जबकि उनकी मां सबरी बेगम, उस्ताद इनायत हुसैन खान की बेटी थीं, जिन्हें संगीत के रामपुर-सहसवान घराने के संस्थापक के रूप में श्रेय दिया जाता है। उन्हें 1991 में पद्म श्री, 2006 में पद्म भूषण और 2018 में पद्म विभूषण से नवाजा गया था।

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वर्ष 2003 में उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। महान गायिका लता मंगेशकर और संगीतकार एआर रहमान ने खान के निधन पर शोक जताया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। लता मंगेशकर ने कहा कि वह खान के निधन की खबर सुनकर ‘‘बहुत दुखी’’ है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, ‘‘मुझे उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान साहब के निधन की खबर मिली। मैं बहुत दुखी हूं। वह न केवल एक बहुत अच्छे गायक थे, बल्कि बहुत अच्छे इंसान भी थे।’’ रहमान ने खान को सबसे प्यारे गुरू के रूप में याद किया। उस्ताद अमजद अली खान ने कहा कि खान के निधन से उनका दिल टूट गया है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘वह हमारे देश के सबसे सम्मानित और बहुमुखी संगीतकार थे। उनके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। उनकी आत्मा को शांति मिले।





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तांडव विवाद: सैफ अली खान की वेब सीरीज पर क्यों हो रहा 'तांडव', जानें पूरा मामला

  •  रेनू तिवारी
  •  जनवरी 18, 2021   12:32
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तांडव विवाद: सैफ अली खान की वेब सीरीज पर क्यों हो रहा 'तांडव', जानें पूरा मामला

लॉकडाउन के दौरान ओटीटी प्लेटफॉर्म मनोरंजन के क्षेत्र में तीसरे पर्दे के तौर पर उभरा है। इस प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने वाली फिल्मों या वेब सीरीजों का सेंसर नहीं किया जाता, यानी कि ओटीटी के लिए किसी तरह का कोई सेंसर बोर्ड नहीं है जिसके कारण ओटीटी के काफी कंटेंट विवादों में घिरे रहते हैं।

लॉकडाउन के दौरान ओटीटी प्लेटफॉर्म मनोरंजन के क्षेत्र में तीसरे पर्दे के तौर पर उभरा है। इस प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने वाली फिल्मों या वेब सीरीजों का सेंसर नहीं किया जाता, यानी कि ओटीटी के लिए किसी तरह का कोई सेंसर बोर्ड नहीं है जिसके कारण ओटीटी के काफी कंटेंट विवादों में घिरे रहते हैं। पिछले साल अनुष्का शर्मा के प्रोडक्शन हाउस में बनीं वेब सीरीज पाताल लोक अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई थी। जिसमें पालतू कुतिया का नाम सावित्री रखा गया था जिसे लेकर काफी विवाद हो गया था। अब सैफ अली खान की हाल ही में रिलीज हुई वेब सीरीज 'तांडव' को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कुछ हिंदू संगठनों ने सैफ अली खान की फिल्म 'ताडंव' पर पूजनीय देवी-देवताओं का अपमान करने का आरोप लगाया है। 

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क्या है विवाद की जड़

वेब सीरीज के अंदर एक यूनिवर्सिटी में स्टेज पर होने वाले नाटक का सीन दिखाया गया है जिसमें भगवान श्री राम के बढ़ते सोशल मीडिया फैंस की बात कही गयी है। इसके अलावा यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट इलेक्शन में एक छात्र द्वारा ताडंव नाम से पॉलिटिकल पार्टी बनाये जाने जैसी चीजें दिखाई गयी है। इसी तरह की चीजों को लेकर हिंदू संगठन काफी ज्यादा नाराज है। उन्होंने वेब सीरीज के मेकर्स पर हिंदू भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया है। 

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तांडव के खिलाफ दर्ज की गयी शिकायत

वेब सीरीज ‘तांडव’ में धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में इसके निर्माता-निर्देशक, लेखक और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इंडिया ओरिजिनल कंटेंट (अमेजन) की प्रमुख अपर्णा पुरोहित, निर्देशक अली अब्बास जफर, प्रोड्यूसर हिमांशु कृष्ण मेहरा, लेखक गौरव सोलंकी और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। हजरतगंज के वरिष्ठ उपनिरीक्षक अमरनाथ यादव ने इस संबंध में मामला दर्ज कराया है। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म अमेजन प्राइम वीडियो पर 16 जनवरी को रिलीज हुई वेब सीरीज ‘तांडव’ को लेकर कई लोगों ने आपत्ति जतायी है। 

शिकायत में क्या लगाए गये आरोप

थाने में रविवार रात दर्ज प्राथमिकी में कहा गया कि वेब सीरीज के पहले एपिसोड में हिंदू देवी-देवताओं का गलत चित्रण किया गया है जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। इसमें 'अमर्यादित' शब्द का इस्तेमाल भी किया गया है, जिससे लोगों में काफी आक्रोश है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने वेब सीरीज के निर्माता-निर्देशक, लेखक समेत अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने भी वेब सीरीज तांडव में हिंदू देवी-देवताओं का उपहास उड़ाने संबंधी शिकायतों का संज्ञान लिया है और अमेजन प्राइम वीडियो से इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण मांगा है।

तांडव पर शुरू हुई राजनीति

शिकायत के बात वेब सीरीज को लेकर राजनीति भी शुरू हो गयी है। मुंबई उत्तर-पूर्व से भाजपा सांसद कोटक ने भी तांडव की अलोचना की है। उन्होंने सीरीज के निर्माताओं को आंडे हाथ लेते हुए आरोप लगाया की पिछले काफी समय से देखा जा रहा है कि हमेशा इस तरह की फिल्मों और सीरीजों में हिंदूओं को लेकर काफी टारगेट किया जाता है। हमारे भगवान को गलत तरीके से दिखाने का प्रयास किया जाता है। हम ऐसी चीजें और बर्दाश्त नहीं करेंगे। कोटक ने कहा है कि अभिनेताओं, निर्माता और निर्देशक को भावनाओं को आहत करने के लिए माफी मांगनी चाहिए।

इसके अवाला बीजेपी विधायक राम कदम ने भी तांडव की काफी कड़ी आलोचना की। वह काफी ज्यादा नाराज दिखाई पड़े। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ काल से लगातार फिल्म जगत के कुछ लोग हिंदू -देवी देवताओं को टारगेट कर रहे हैं। अगर उन्होंने ऐसा करना बंद नहीं किया तो उन्हें चौराहें पर जूते से मारने की आवश्यकता है। साथ ही वेब सीरीज को बैन करने की मांग की। उन्नाव के बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने भी वेब सीरीज़ 'ताडंव' पर प्रतिक्रिया दी। साक्षी महाराज ने वेब श्रृंखला पर प्रतिबंध लगाने की मांग की।

भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने अमेजन प्राइम वीडियो को कानूनी नोटिस भेजकर मांग की है कि वेब सीरीज तांडव को उनके मंच से तुरंत हटा दिया जाए अन्यथा उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू की जाएगी। 

कौन कौन है तांडव में

सैफ अली खान, डिंपल कपाड़िया, सुनील ग्रोवर, तिग्मांशु धूलिया, डिनो मोरिया, कुमुद मिश्रा, मोहम्मद जीशान अय्यूब, गौहर खान और कृतिका कामरा अभिनीत ‘तांडव’ का शुक्रवार को स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर प्रीमियर हुआ। फिल्मकार अली अब्बास ज़फर ने हिमांशु किशन मेहरा के साथ मिलकर राजनीति पर आधारित इस सीरीज का निर्माण एवं निर्देशन किया है। इसकी कहानी गौरव सोलंकी ने लिखी है।







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