साक्षात्कारः हास्य विधा नकल-उपहास पर ही टिकी है- कीकू शारदा

साक्षात्कारः हास्य विधा नकल-उपहास पर ही टिकी है- कीकू शारदा

हास्य कलाकारों का मुख्य मकसद दर्शकों को हंसाना मात्र होता है। कलाकार भी इंसान होता है, उसे भी दूसरों के मान-सम्मान का ख्याल होता है। हम फिल्मी कलाकारों की भी बराबर नकल करते हैं उनको कोई आपत्ति नहीं होती।

कपिल शर्मा शो में एक न्यूज़ चैनल के एंकर की नकल करने पर बड़ा बखेड़ा खड़ा हुआ। मामला इस कदर बढ़ा कि लोगों ने शो का बहिष्कार करना भी शुरू कर दिया। सोशल मीडिया पर एक तरह से युद्व ही छिड़ गया। एंकर की नकल करने वाले कॉमेडियन कीकू शारदा को लोगों ने चारों तरफ से घेर लिया। उनके लिए भद्दे कमेंटों की बौछार कर दी। मामला ज्यादा बढ़ा तो खुद कीकू शारदा को सामने आना पड़ा और सफाई देनी पड़ी। क्या है पूरा मामला और क्यों खड़ा हुआ विवाद को लेकर डॉ. रमेश ठाकुर ने उनसे विस्तृत बातचीत की। पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश। 

प्रश्न- अमूमन आप किसी विवाद में नहीं पड़ते, लेकिन इस बार चपेट में आ गए?

उत्तर- ये कोई विवाद नहीं है। लोग बे वजह बखेड़ा खड़ा कर रहे हैं। विवाद प्लानिंग के तहत किया गया था। देखिए, नेताओं, अभिनेताओं और अन्य प्रसिद्व लोगों की नकल करना ही तो हमारा काम होता है। न्यूज चैनल भी उसी का हिस्सा हैं। जो चीजें प्रचलन में होती हैं हम उसी पर ज्यादा फोकस करते हैं। कार्यक्रम उसी पर रेखांकित होता है। पिछले दिनों न्यूज चैनलों पर सुशांत मामले को जिस तरह से उछाला गया, लोग बोर हो रहे थे देखदेख कर, हमारी टीम ने उसी पर केंद्रित शो प्रस्तुत किया।

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प्रश्न- एक समाचार वाचक का उपहास उड़ाने पर आपकी आलोचना भी हुई? 

उत्तर- नाटक और असलियत में फर्क होता है? प्रधानमंत्री की भी नकल की जाती है। रही बात दर्शकों की जिन्होंने मेरी आलोचना की तो उनको मेरे हास्य विधा को सिर्फ मनोरंजन तक ही सीमित रखना चाहिए। मेरा मकसद किसी एंकर या मीडिया क्षेत्र में काम करने वाले लोगों की खिलाफत करना नहीं था। हमें जो स्क्रिप्ट में बोलने को कहा गया था उसे ईमानदारी से बोला। लेकिन, हां प्रोड्यूसर-डॉरेक्टर स्क्रिप्ट में इस बात का ख्याल रखते हैं कि किसी की भावनाए आहत न हों। हमारे द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम को किसी एंकर या व्यक्ति विशेष से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। 

प्रश्न- हँसाने के चक्कर में कभी-कभी नुकसान भी हो जाता है?

उत्तर- हास्य कलाकारों का मुख्य मकसद दर्शकों को हंसाना मात्र होता है। कलाकार भी इंसान होता है, उसे भी दूसरों के मान-सम्मान का ख्याल होता है। हम फिल्मी कलाकारों की भी बराबर नकल करते हैं उनको कोई आपत्ति नहीं होती। अमिताभ बच्चन जैसे महान कलाकारों और उनके कार्यक्रम ‘कौन बनेगा करोडपति’ की भी नकल करते हैं लेकिन मात्र उससे मनोरंजन ही होता है। बिलावजह का बखेड़ा खड़ा नहीं करना चाहिए।

प्रश्न- कॉमेडी व्यक्ति विशेष पर ही क्यों होती है?

उत्तर- देखिए, बदलाव प्रकृति का नियम है। हास्य विधा भी बदल गई है और बदलना भी चाहिए। कॉमेडी का फ़ॉर्मेट दर्शकों के स्वाद से चलता है। ऐसी फीड हमें दर्शकों की प्रतिक्रियाओं से मिलती हैं। यदि दर्शकों को कुछ पसंद नहीं आया है, तो स्पष्ट है वह उस विषय में बात करेंगे। लेकिन अब चलन कुछ ऐसा चल पड़ा है जिसमें लोग राजनीति खोजने लगते हैं। ऐसा नहीं करना चाहिए। आर्टिस्ट का काम दर्शकों को मनोरंजन करना मात्र होता है जिसे हम सदैव अच्छा करने का प्रयास करते हैं। 

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प्रश्न- आपको नहीं लगता कि 'कपिल शर्मा शो' में कुछ बदलाव करना चाहिए?

उत्तर- जरूरत ही नही? कार्यक्रम हिट जा रहा है। कोरोना काल में भी दर्शक पसंद कर रहे हैं और क्या चाहिए। कपिल शर्मा शो की पूरी टीम को उस ही फ़ॉर्मेट में दर्शकों का प्यार मिल रहा है तो हम बदलाव क्यों करें? कार्यक्रम हिंदुस्तान में ही नहीं, बल्कि दूसरे मुल्कों में सराहा जा रहा है। कार्यक्रम की टीआरपी नंबर एक पर है। जबकि, दूसरे शो हमारे कार्यक्रम का मुकाबला तक नहीं कर पा रहे। पिछली बार जब शो बंद हुआ था तो उसमें कुछ और दिखाया जा रहा था। जब दोबारा कार्यक्रम शुरू हुआ तो उसमें काफी चेंज किया गया। वह दर्शकों की डिमांड पर किया गया। 

प्रश्न- दर्शक क्या देखना चाहते हैं उसे नापने का पैमाना क्या होता है आप लोगों के पास?

उत्तर- कार्यक्रम की सफलता और उसकी टीआरपी सब कुछ बयां कर देती है। कपिल शर्मा शो की प्रशंसा में रोजाना खत, वीडियो संदेश, मैसेज इस बात के प्रमाण हैं कि शो सफल है। दर्शकों से यही गुज़ारिश है कि हमें यूं ही प्यार देते रहिए और यदि हमारे काम में कोई कमी लगे तो जरुर बताएं। आपकी तालियां हमारा हौसला बढाती है। हमें उर्जा देती हैं। शो सलमान खान का है इसलिए हमें ज्यादा कुछ करना नहीं पड़ता। उनकी अपनी पहचान हैं। वह जो भी करते हैं लोग पसंद करते हैं।

प्रश्न- कार्यक्रम क्या दिखाना है क्या नहीं, ये तय सलमान खान ही करते हैं?

उत्तर- बिल्कुल भी नहीं? उन्होंने आजतक हमारे काम में हस्तक्षेप नहीं किया। क्या दिखाना है क्या नहीं? इसके लिए भारी भरकम टीम है। सभी को अलग-अलग काम सौंपा हुआ है। कार्यक्रम में अपनी फिल्मों का प्रोमोशन करने वाले कलाकारों को बुलाना दर्शकों की मांग है। रिलीज होने से पहले फिल्म में अभिनय करने वाले आर्टिस्टों को लोग हमारे शो में देखने चाहते हैं। इसके लिए हमें कितनी मेहनत करनी पड़ती है, बता नहीं सकते।

डॉ. रमेश ठाकुर

- जैसा रमेश ठाकुर से बातचीत में कीकू शारदा ने कहा।