दमनकारी राज ही काल्पनिक आदर्शवाद है, जिसे लोगों को बेचा जाता है: हुमा कुरैशी

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Jun 14 2019 11:50AM
दमनकारी राज ही काल्पनिक आदर्शवाद है, जिसे लोगों को बेचा जाता है: हुमा कुरैशी
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अभिनेत्री ने एक साक्षात्कार के दौरान बताया, ‘‘कभी-कभी दमन ही काल्पनिक आदर्श होता है जिसे हमें बेचा जाता है। हम सब बिके हुए सपने हैं और सोचते हैं, ‘वाह, यह तो एक बेहतरीन भविष्य है जिसे हम प्राप्त करने जा रहे हैं।"

नयी दिल्ली। क्या होता है जब आपके बेहतर भविष्य की कल्पना एक भयावह अनुभव में बदल जाए! कुछ इसी तरह की कहानी वाले नेटफ्लिक्स के एक शो ‘लीला’ में अभिनेत्री हुमा कुरैशी नज़र आ रही हैं। इस शो में सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक, उत्पीड़न वाले एक दमनकारी भविष्य की कहानी बुनी गई है। अभिनेत्री पहली बार नेटफ्लिक्स के किसी शो में नजर आ रही हैं। इस शो की कहानी प्रयाग अकबर की इसी नाम से लिखी गई एक चर्चित किताब पर आधारित है। अभिनेत्री ने कहा कि लोग हमेश एक अच्छे भविष्य की इच्छा रखते हैं और इस दौरान वे यह नहीं सोचते कि वे जिसकी इच्छा रख रहे हैं, उसके उलट भी चीजें हो सकती हैं।



अभिनेत्री ने एक साक्षात्कार के दौरान बताया, ‘‘कभी-कभी दमन ही काल्पनिक आदर्श होता है जिसे हमें बेचा जाता है। हम सब बिके हुए सपने हैं और सोचते हैं, ‘वाह, यह तो एक बेहतरीन भविष्य है जिसे हम प्राप्त करने जा रहे हैं। लेकिन क्या वास्तव में वह अच्छा होने जा रहा है?’’ उन्होंने कहा कि अलग-अलग विषय वाली कहानियों में खुद को ले जाना हमेशा उन्हें उत्साहित करता है और ‘लीला’ में भी ऐसा ही है। इसमें जो कल्पना वाली दमनकारी स्थिति की कहानी है, वही उन्हें आकर्षित करती है।

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इस शो की कहानी आर्यवर्त नाम की काल्पनिक दुनिया में बुनी गई है। इसमें एक ऐसी मां शालिनी (हुमा) की कहानी है जिसकी बेटी खो जाती है और वह अपनी बेटी की तालश के दौरान कई तरह की समस्याओं का सामना करती है। अभिनेत्री ने कहा कि इस शो का मुख्य हिस्सा ‘खो जाने वाला तत्व’ है। ‘लीला’ का प्रसारण 14 जून से नेटफ्लिक्स पर हो रहा है। 

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