अडाणी एंटरप्राइजेज ने अमेरिका की कंपनी एजकॉनेक्स के साथ किया करार

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 23, 2021   12:18
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अडाणी एंटरप्राइजेज ने अमेरिका की कंपनी एजकॉनेक्स के साथ किया करार

अडाणी एंटरप्राइजेज ने कंपनी एजकॉनेक्स के साथ करार किया है।संयुक्त उपक्रम अडाणीकॉनेक्स जेवी भारत में हाइपरस्केल डेटा सेंटर का नेटवर्क तैयार करने पर ध्यान देगी। इसकी शुरुआत चेन्नई, नवी मुंबई, नोएडा, विशाखापत्तनम और हैदराबाद के बाजारों से की जायेगी।

नयी दिल्ली।अडाणी एंटरप्राइजेज ने मंगलवार को कहा कि उसने देश भर में डेटा केंद्र विकसित करने और संचालित करने के लिये अमेरिका की कंपनी एजकॉनेक्स के साथ संयुक्त उपक्रम बनाने का करार किया है। अडाणी एंटरप्राइजेज ने शेयर बाजारों को दी गयी सूचना में कहा कि यह समझौता उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी डीसी डेवलपमेंट चेन्नई और एजकॉनेक्स की सहयोगी कंपनी एजकॉनेक्स यूरोप के बीच हुआ है। संयुक्त उपक्रम का लक्ष्य अगले एक दशक में एक जीडब्ल्यू डेटा केंद्र क्षमता विकसित करना है।

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संयुक्त उपक्रम अडाणीकॉनेक्स जेवी भारत में हाइपरस्केल डेटा सेंटर का नेटवर्क तैयार करने पर ध्यान देगी। इसकी शुरुआत चेन्नई, नवी मुंबई, नोएडा, विशाखापत्तनम और हैदराबाद के बाजारों से की जायेगी। दोनों कंपनियों ने कहा कि इन स्थानों पर विकास और निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। हालांकि कंपनियों ने निवेश के आंकड़ों की जानकारी नहीं दी। अडाणी समूह के चेयरमैन गौतम अडाणी ने कहा कि भारत में अभी डेटा सब्सक्राइब करने वाली दुनिया की सबसे बड़ी आबादी है। ऐसे में क्लाउड, कंटेट, नेटवर्क, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), 5जी, कृत्रिम मेधा (एआई) और उपक्रमों की जरूरतों को पूरा करने के लिये देश में डेटा केंद्र बुनियादी आवश्यकता हैं।





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भारत अगले दो साल में रेशम उत्पादन में आत्मनिर्भर हो जाएगा: स्मृति ईरानी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 8, 2021   08:11
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भारत अगले दो साल में रेशम उत्पादन में आत्मनिर्भर हो जाएगा: स्मृति ईरानी

कपड़ा और महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य रेशम क्षेत्र में एक करोड़ से अधिक लोगों को कृषि विज्ञान केंद्र कार्यक्रम के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराना है।

नयी दिल्ली। केद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने रविवार को विश्वास जताया कि भारत अगले दो साल में रेशम उत्पादन में आत्मनिर्भर हो जाएगा।

कपड़ा और महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य रेशम क्षेत्र में एक करोड़ से अधिक लोगों को कृषि विज्ञान केंद्र कार्यक्रम के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि भारत का कच्चा रेशम उत्पादन पिछले छह साल में 35 फीसद बढ़ गया है।





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लचीलापन, अनुसंधान, से भारत को कोविड-19 से लड़ाई की अगुवाई करने में मदद मिली: नायडू

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 7, 2021   18:12
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लचीलापन, अनुसंधान, से भारत को कोविड-19 से लड़ाई की अगुवाई करने में मदद मिली: नायडू

उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू महामारी की चुनौतियों का तकनीकी समाधान खोजने के लिये भारतीय शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों के प्रयासों की भी सराहना की। उपराष्ट्रपति यहां आयोजित कर्मचारी राज्य बीमा निगम मेडिकल कॉलेज (फरीदाबाद) के पहले स्नातक दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे।

नयी दिल्ली। उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने रविवार को कहा कि लचीलापन, अनुसंधान और पुनर्खोज ने भारत को कोविड-19 के खिलाफ वैश्विक लड़ाई का अगुवा बनने में मदद की है। उन्होंने महामारी की चुनौतियों का तकनीकी समाधान खोजने के लिये भारतीय शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों के प्रयासों की भी सराहना की। उपराष्ट्रपति यहां आयोजित कर्मचारी राज्य बीमा निगम मेडिकल कॉलेज (फरीदाबाद) के पहले स्नातक दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने वायरस के खिलाफ लड़ाई के लिये डॉक्टरों, वैज्ञानिकों और नीति निर्माताओं की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, ‘‘मैं डॉक्टरों से लेकर नर्सों, पैरा मेडिकल स्टाफ और गांवों में सैनिटरी वर्कर्स, तकनीकी लोगों और आशा कार्यकर्ताओं की पूरी मेडिकल बिरादरी को सलाम करता हूं, जो टीम इंडिया के साथ मिलकर महामारी से लड़ने के लिये आगे आये।’’

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नायडू ने पीपीई किट, सर्जिकल दस्ताने, फेस मास्क, वेंटिलेटर और टीके जैसी आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन के लिये भारतीय उद्योग की सराहना की। उन्होंने कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में भूमिका के लिये ईएसआईसी द्वारा चलाये जा रहे चिकित्सा और पैरामेडिकल संस्थानों की भी सराहना की। समारोह के दौरान उपराष्ट्रपति यह देखकर खुश हुए कि सभी पदक विजेता लड़कियां थीं। उन्होंने उन्हें बधाई दी और हर क्षेत्र में महिलाओं को समान अवसर प्रदान करने की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने हमेशा माना है कि यदि आप नि:स्वार्थ समर्पण की भावना के साथ मानवता की सेवा करते हैं, तो आप असीम संतुष्टि प्राप्त करेंगे।’’ भारत में जारी दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान का जिक्र करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि महामारी का सबसे बुरा दौर खत्म होता दिख रहा है। हालांकि, उन्होंने लोगों को सतर्क रहने और सभी आवश्यक सावधानी बरतने की आदतों को तब तक बनाये रखने के लिये कहा, जब तक कि देश निर्णायक तौर पर महामारी को हरा नहीं देता है।





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बैंकिंग प्रणाली में अत्यधिक तरलता, कई बैंकों की आवास ऋण दर एक दशक के निचले स्तर पर

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 7, 2021   17:14
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बैंकिंग प्रणाली में अत्यधिक तरलता, कई बैंकों की आवास ऋण दर एक दशक के निचले स्तर पर

केयर रेटिंग्स के अनुसार पिछले सप्ताह तक बैंकों के पास 6.5 लाख करोड़ रुपये की नकदी थी। अत्यधिक नकदी से बैंकों का मुनाफा प्रभावित होता है, क्योंकि उन्हें जमाकर्ताओं को इसके लिए ब्याज देना होता है।

मुंबई। अत्यधिक तरलता के बीच सामान्य कर्ज की मांग वांछित स्तर से नीचे रहने के बीच देश के प्रमुख बैंकों ने अपनी आवास ऋण दरों को घटाकर एक दशक के निचले स्तर पर ला दिया है। इनमें भारतीय स्टेट बैंक, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक शामिल हैं। इससे ग्राहकों के पास अपने घर के सपने को पूरा करने के लिए कर्ज के कई विकल्प उपलब्ध हो गए हैं। अत्यधिक तरलता की स्थिति के बीच बैंकों में ब्याज दर युद्ध छिड़ा हुआ है। केयर रेटिंग्स के अनुसार पिछले सप्ताह तक बैंकों के पास 6.5 लाख करोड़ रुपये की नकदी थी। अत्यधिक नकदी से बैंकों का मुनाफा प्रभावित होता है, क्योंकि उन्हें जमाकर्ताओं को इसके लिए ब्याज देना होता है। हालांकि, इसकी ब्याज दर अभी 2.5 प्रतिशत के निचले स्तर पर है। इसके अलावा भारतीय रिजर्व बैंक भी बैंकों से ब्याज दरों में नीतिगत दरों में आई कमी के अनुरूप कटौती के लिए दबाव बना रहा है। मार्च, 2020 से रिजर्व बैंक ने रेपो दर को दो प्रतिशत घटाकर चार प्रतिशत कर दिया है। हालांकि, इसके बावजूद ऋण की मांग छह प्रतिशत से कम है। रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, बीते वित्त वर्ष में महामारी की वजह से आवास ऋण की वृद्धि घटी है। इसकी शुरुआत मार्च, 2020 से हो गई थी। जनवरी, 2020 में आवास ऋण की वृद्धि 17.5 प्रतिशत थी, जो जनवरी, 2021 में घटकर 7.7 प्रतिशत रह गई है। मौजूदा परिदृश्य में आवास ऋण बैंकों के लिए सबसे सुरक्षित दांव है। इसमें गैर-निष्पादित आस्तियां (एनपीए) कम होती हैं। एसबीआई का आवास ऋण एनपीए सिर्फ 0.67 प्रतिशत है। आवास ऋण के मामले में महामारी की वजह से ग्राहक भी लाभ की स्थिति में हैं। संपत्ति के दाम घटे हैं। वहीं कई राज्यों ने स्टाम्प शुल्क भी घटाया है। हालांकि, इसके बावजूद बैंक ऋण के लिए दरों में भिन्नता रख रहे हैं। ग्राहकों को कर्ज देने से पहले उनका ‘क्रेडिट स्कोर’ देखा जाता है। एसबीआई और कोटक महिंद्रा बैंक ने अपने आवास ऋण की दर घटाकर क्रमश- 6.7 प्रतिशत ओर 6.65 प्रतिशत कर दी है। 

हालांकि, इस दर पर सिर्फ उन्हीं ग्राहकों को कर्ज मिलेगा, जिनका क्रेडिट स्कोर 800 या अधिक होगा। इसके अलावा एचडीएफसी को छोड़कर अन्य बैंकों की नयी दरें सिर्फ 31 मार्च तक हैं। ब्याज दर युद्ध की शुरुआत देश के सबसे बड़े भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने की थी। एसबीआई का आवास ऋण पांच लाख करोड़ रुपये है। कुल 14.17 लाख करोड़ रुपये के ऋण बाजार में एसबीआई की हिस्सेदारी 34 प्रतिशत है। एसबीआई ने अपनी आवास ऋण दर को 0.10 प्रतिशत घटाकर 6.7 प्रतिशत कर दिया है। साथ ही उसने प्रोसेसिंग शुल्क में भी छूट दी है। एसबीआई की उप प्रबंध निदेशक (खुदरा कारोबार) सलोनी नारायण ने कहा कि बैंक 31 मार्च तक 75 लाख रुपये का ऋण 6.7 प्रतिशत तथा इससे ऊपर का कर्ज 6.75 प्रतिशत ब्याज पर देगा। साथ ही इसपर कोई प्रोसेसिंग शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके अलावा यदि महिलाएं मोबाइल ऐप योनो के जरिये आवेदन करेंगी तो उन्हें अतिरिक्त 0.05 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। कोटक महिंद्रा बैंक ने भी अपनी आवास ऋण दर को 0.10 प्रतिशत घटाकर 6.65 प्रतिशत कर दिया है। कोटक महिंद्रा बैंक द्वारा ऋण दर को घटाने के दो दिन बाद एचडीएफसी ने भी अपने नए और मौजूदा ग्राहकों के लिए आवास ऋण दर को असीमित अवधि के लिए 0.05 प्रतिशत घटाकर 6.75 प्रतिशत कर दिया था। बाद में एचडीएफसी ने आवास ऋण दर में 0.05 प्रतिशत की और कटौती की। साथ ही प्रोसेसिंग शुल्क को 3,000 रुपये निश्चित कर दिया। इन बैंकों के बाद आईसीआईसीआई बैंक ने भी पांच मार्च को 75 लाख रुपये तक के आवास ऋण पर ब्याज दर को घटाकर 6.7 प्रतिशत कर दिया। 75 लाख रुपये से अधिक के कर्ज के लिए ब्याज दर 6.75 प्रतिशत होगी।





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