Akasa Air के CEO Vinay Dube ने कहा- भारत में और प्रतिस्पर्धा की जरूरत

Akasa Air
प्रतिरूप फोटो
AI Image

अकासा एयर के संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी विनय दुबे ने कहा कि सरकार अगर हवाई अड्डा परिचालकों को विमानन कंपनियों के स्वामित्व की अनुमति देती है तो कंपनी इसका समर्थन करेगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश के विमानन क्षेत्र में उपभोक्ताओं को अधिक विकल्प देने के लिए और अधिक प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए। दुबे ने भरोसा जताया कि सरकार नया कानून बनाते समय इससे जुड़े सभी पहलुओं और संभावित चिंताओं को ध्यान में रखेगी।

नयी दिल्ली, पांच अगस्त अकासा एयर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विनय दुबे ने कहा है कि अगर सरकार हवाई अड्डा परिचालकों को एयरलाइन कंपनियों के स्वामित्व की अनुमति देने के प्रस्ताव पर विचार करती है तो कंपनी इसका समर्थन करेगी। उन्होंने कहा कि भारत के विमानन क्षेत्र में और प्रतिस्पर्धा की जरूरत है। अकासा एयर के संस्थापक एवं सीईओ दुबे की यह टिप्पणी उन खबरों के बीच आई है, जिनमें कहा गया है कि सरकार हवाई अड्डा परिचालकों को विमानन कंपनियां रखने की अनुमति देने पर विचार कर रही है।

दुबे ने बुधवार को ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ साक्षात्कार में कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि सरकार उस स्थिति से जुड़े सभी पहलुओं पर विचार करेगी। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पूरा भरोसा है कि वे (सरकार) इस बारे में जानते हैं और सभी पहलुओं को ध्यान में रखेंगे। इसलिए मैं इस कदम का समर्थन करता हूं।’’ दुबे हवाई अड्डा परिचालकों को एयरलाइन कंपनियां रखने की अनुमति देने के प्रस्ताव से जुड़े सवालों का जवाब दे रहे थे।

देश में विमानन क्षेत्र में ‘‘और अधिक प्रतिस्पर्धा’’ की आवश्यकता पर जोर देते हुए अकासा एयर के संस्थापक ने कहा कि भारत में कई एयरलाइंस होनी चाहिए, हो सकती हैं और इसका समर्थन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब कोई निजी हवाई अड्डा संचालक किसी एयरलाइन कंपनी का भी स्वामित्व रखता है तो सरकार को कुछ पहलुओं पर विचार करना होगा। दुबे ने कहा, ‘‘ मुझे शत-प्रतिशत भरोसा है कि सरकार इन पहलुओं से अवगत है और कानून बनाते समय इन्हें ध्यान में रखेगी।

हालांकि, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि एक देश के तौर पर हम चाहते हैं कि उपभोक्ताओं के पास अधिक विकल्प हों।’’ इससे पहले इंडिगो के सह-संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक राहुल भाटिया ने 23 जुलाई को कहा था कि अगर हवाई अड्डा संचालकों को विमानन कंपनियों के स्वामित्व की अनुमति दी जाती है तो यह ‘‘हितों का बड़ा टकराव’’ होगा। वहीं, अदाणी समूह ने मीडिया की उन खबरों और बाजार की अटकलों को 24 जुलाई को खारिज कर दिया था जिनमें दावा किया गया था कि समूह विमानन कारोबार में उतरने की योजना बना रहा है। अदाणी समूह आठ हवाई अड्डों का परिचालन करता है।

भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते घरेलू विमानन बाजारों में शामिल है। अकासा एयर के पास वर्तमान में 40 बोइंग 737 विमानों का बेड़ा है और शुक्रवार को उसके परिचालन के चार साल पूरे हो जाएंगे। कंपनी ने सात अगस्त, 2022 को उड़ान सेवाएं शुरू की थीं।

नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने तीन अगस्त को राज्यसभा में लिखित जवाब में कहा था कि सरकार मौजूदा एयरलाइन कंपनियों के विस्तार और नए परिचालकों के बाजार में प्रवेश को सुगम बनाने के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने को प्रतिबद्ध है।

All the updates here:

अन्य न्यूज़