Reliance Industries की Jio Platforms को IPO में मिला 20 अरब डॉलर से अधिक का निवेश प्रस्ताव

Jio
प्रतिरूप फोटो
social media
Ankit Jaiswal । Oct 13 2026 6:36PM

रिलायंस इंडस्ट्रीज की जियो प्लेटफॉर्म्स को अपने प्रस्तावित आईपीओ के लिए 20 अरब डॉलर से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। कंपनी करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये के मूल्यांकन का लक्ष्य रख रही है। आकाश अंबानी फिडेलिटी और एलियांज जैसे बड़े निवेशकों के साथ बैठकें कर रहे हैं, हालांकि आईपीओ की शर्तें अभी तय नहीं हुई हैं।

रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रस्तावित आईपीओ को लेकर निवेशकों में काफी दिलचस्पी दिखाई दे रही है। कंपनी के शेयर बाजार में उतरने से पहले ही उसे 20 अरब डॉलर से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिलने की जानकारी सामने आई है। जानकार लोगों के मुताबिक, यह आईपीओ भारत के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक शेयर निर्गम बन सकता है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, फिडेलिटी, एलियांज और कैपिटल ग्रुप जैसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय निवेश कंपनियों ने जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में रुचि दिखाई है। इनके अलावा भारत और विदेश की कई अन्य कंपनियां भी निवेश की संभावनाएं तलाश रही हैं। हालांकि, निवेशकों की अंतिम सूची अभी तैयार नहीं हुई है। जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में आईपीओ में प्रमुख निवेशकों की सूची तय हो सकती है, लेकिन फिलहाल कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।

जियो प्लेटफॉर्म्स की संभावित बाजार कीमत को लेकर भी चर्चा जारी है। पहले कंपनी का मूल्यांकन 170 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद जताई गई थी, लेकिन अब कंपनी करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये यानी 108 अरब डॉलर तक के मूल्यांकन का लक्ष्य रख रही है। यह अंतर दिखाता है कि कंपनी के शेयरों की कीमत तय करने में निवेशकों की राय और बाजार की परिस्थितियां अहम भूमिका निभा सकती हैं।

इस बड़े सौदे की जिम्मेदारी रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के बेटे और जियो प्लेटफॉर्म्स के 34 वर्षीय प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी संभाल रहे हैं। बीते कुछ हफ्तों में उन्होंने हांगकांग, लंदन और न्यूयॉर्क में निवेशकों के साथ बैठकें की हैं। इन बैठकों में निवेशकों ने कंपनी के प्रस्तावित मूल्यांकन के साथ-साथ उसके डिजिटल कारोबार से कमाई करने की योजनाओं पर भी सवाल पूछे।

निवेशकों की दिलचस्पी का एक बड़ा कारण जियो प्लेटफॉर्म्स का दूरसंचार और डिजिटल सेवाओं में व्यापक कारोबार है। कंपनी की सेवाओं का इस्तेमाल बड़ी संख्या में भारतीय ग्राहक करते हैं। ऐसे में निवेशक यह समझना चाहते हैं कि कंपनी अपने डिजिटल मंचों से आने वाले समय में कितनी कमाई कर सकती है और उसकी विकास योजनाएं किस तरह आगे बढ़ेंगी।

बता दें कि आईपीओ में निवेशकों की रुचि दिखना इस बात की गारंटी नहीं है कि कंपनी को उतनी ही रकम का निवेश मिल जाएगा। अंतिम मांग, शेयरों की कीमत और निवेशकों की भागीदारी निर्गम की शर्तों पर निर्भर करेगी। रिलायंस इंडस्ट्रीज और फिडेलिटी ने इस मामले पर पूछे गए सवालों का जवाब नहीं दिया, जबकि एलियांज और कैपिटल ग्रुप ने टिप्पणी करने से इनकार किया है। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि जियो प्लेटफॉर्म्स का अंतिम मूल्यांकन कितना तय होता है और भारत के संभावित सबसे बड़े आईपीओ में निवेशकों की भागीदारी कैसी रहती है।

All the updates here:

अन्य न्यूज़