World Federation for Mental Health और UN की पहल से 1992 में शुरू हुआ World Mental Health Day

हर साल 10 अक्तूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 1992 में संयुक्त राष्ट्र और वर्ल्ड फेडरेशन फॉर मेंटल हेल्थ की पहल पर हुई थी। इसका उद्देश्य डिप्रेशन और तनाव जैसी समस्याओं के प्रति लोगों को जागरूक करना और समय पर डॉक्टरी सहायता लेने के लिए प्रेरित करना है।
हर साल 10 अक्तूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। आज के समय में दुनियाभर में बड़ी संख्या में लोग मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या का सामना कर रहे हैं। कई बार लोगों को अपनी समस्या के बारे में जानकारी नहीं होती है। तो वहीं कुछ लोग शर्मिंदगी और डर के कारण अपनी परेशानी को किसी दूसरे के साथ शेयर नहीं करते हैं। ऐसे में मानसिक सेहत के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिहाज से हर साल 10 अक्तूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है।तो आइए जानते हैं विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस का इतिहास, महत्व और साल 2026 की थीम के बारे में...
इतिहास
साल 1992 में पहली बार संयुक्त राष्ट्र के उप महासचिव रिचर्ड हंटर और वर्ल्ड फेडरेशन फॉर मेंटल हेल्थ की पहल पर विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया गया था। फिर साल 1994 में संयुक्त राष्ट्र के तत्कालीन महासचिव यूजीन ब्रॉडी के कहने पर हर साल एक खास थीम के साथ मनाया जाने लगा। तब से लेकर हर साल 10 अक्तूबर को मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाने लगा। इस दिन दुनियाभर में लोगों को जागरुक करने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
महत्व
इस दिन को मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरुक करना है। आज भी कई लोग डिप्रेशन, तनाव और चिंता जैसी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेते हैं। वहीं कुछ लोग मेंटल हेल्थ की समस्या होने पर डॉक्टर से भी बात करने या मदद लेने से बचते हैं। इसलिए लोगों को मेंटल हेल्थ का महत्व समझाने और समय पर सहायता लेने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से मनाया जाता है।
थीम
इस बार यानी की साल 2026 की थीम 'लोगों के अनुभवों को सुनें, उनकी आवाज से बदलाव लाएं।' रखी गई है।
अन्य न्यूज़













