आजादी के 75वें अमृत महोत्सव के अवसर पर ऑल इंडिया एमएसएमई फेडरेशन संकल्प के लिए प्रतिबद्ध: मगनभाई पटेल

Maganbhai Patel
ऑल इंडिया एम्एसएम्इ फेडरेशन देश की आजादी के 75वें वर्ष में इस महान राष्ट्रीय पर्व को मनाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और उनकी पूरी टीम को शुभकामनाएं देता है। ऑल इण्डिया एम्एसएम्इ फेडरेशन देश के ६ करोड़ एमएसएमई की ओर से यह संकल्प लेते हैं और हम देश के विभिन्न संघों, मंडलों, महामंडलो और अन्य सरकारी निकायों से इसका सम्मान एव पालन करने का अनुरोध करते हैं।

ऑल इंडिया एमएसएमई फेडरेशन के अध्यक्ष श्री मगनभाई पटेल ने भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ,MSME मंत्री श्री नारायण राणे एव अन्य मंत्रीओ को पत्र लिख कर विशेष जानकारी देते हुए बताया है की दिनांक 12 मार्च, 2021 को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीने 'आजादी का अमृत महोत्सव' का उद्घाटन किया था। दिनांक 12 मार्च, 2021 को महात्मा गांधी ने देश की आत्मनिर्भरता और स्वाभिमान की जागरूकता के लिए साबरमती आश्रम से दांडी यात्रा की शुरुआत की थी और इसी दिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने प्रतिष्ठित दांडी यात्रा को हरी झंडी दिखाकर 'आजादी के अमृत महोत्सव' की शुरुआत की और यह कार्यक्रम गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित किया गया जिसको फिर पूरे देश में त्योहार के रूप से मनाया गया जो हमारे स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता के पुनरुत्थान का प्रतिक है।

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ऑल इंडिया एम्एसएम्इ फेडरेशन देश की आजादी के 75वें वर्ष में इस महान राष्ट्रीय पर्व को मनाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और उनकी पूरी टीम को शुभकामनाएं देता है। ऑल इण्डिया एम्एसएम्इ फेडरेशन देश के ६ करोड़ एमएसएमई की ओर से यह संकल्प लेते हैं और हम देश के विभिन्न संघों, मंडलों, महामंडलो और अन्य सरकारी निकायों से इसका सम्मान एव पालन करने का अनुरोध करते हैं। लगभग ५० वर्षों के अनुभव के आधार पर हमने हमेशा उद्योग और सरकार के बीच एक सेतु के रूप में कार्य करने का प्रयास किया है।

देश में छोटे किसान, खेत मजदूर, १० करोड़ आदिवासी, २ करोड़ विचरती जाति समुदाय के लोग (Nomadic Community), इन सभी को मिलाकर करीब 74 करोड़ मजदूर एवं सूक्ष्म, कुटीर, खादी ग्रामोद्योग और बहुत से छोटे उद्योगो को प्रोत्साहन देकर एमएसएमई को बड़ी कॉर्पोरेट और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ संचार को बढ़ावा देकर देश में 135 करोड़ जनता को जिस चीजों की जरुरत है वह चीजें हमारे देश में बन सकती हैं जिससे विदेशी सामानों की आयात धीरे-धीरे कम 

होगी और आयात-निर्यात के बीच की खाई को निपटने में मददरूप देश में वर्टिकल डेवलपमेन्ट हो रहा है और वह हॉरीजॉन्टल डेवलपमेन्ट हो ऐसे प्रयत्न के लिए सरकार द्वारा सख्ती से उपाय किए जाने चाहिए और देश के एमएसएमई को सुरक्षा मिले ऐसे प्रयत्न किये जाने चाहिए जिसमे विशेष करके समय पर और पर्याप्त वित्त,उचित मूल्य और अंतरराष्ट्रीय गुणवत्तायुक्त कच्चा माल,विलंब भुगतान अधिनियम का कार्यान्वयन,चीन और अन्य देशों से उत्पादों,मशीनरी, उपकरण, कच्चे माल को नियंत्रित करना,कच्चे माल का उत्पादन करनेवाले बड़े संयंत्रों के कार्टेलाइजेशन पर रोक,कच्चा माल लौह तेल, खनन उत्पाद, खनिज जिनका कच्चा माल निर्यात नहीं किया जाना चाहिए, उसके बदले कच्चे माल से तैयार माल का निर्माण किया जाना चाहिए जिससे देश में रोजगार पैदा किया जा शके और मूल्यवर्धन उत्पादों का भी निर्यात किया जा शके और साथ-साथ स्टील, प्लास्टिक, अलौह धातु, विद्युत, फार्मेसी, वस्त्र जैसे उत्पाद देश में बनाए जा शके। इससे सरकार को टैक्स और तकनीशियनों को रोजगार मिलेगा।

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स्वतंत्रता के 75 वें वर्ष के उत्सव के हिस्से के रूप में हम ऑल इंडिया एमएसएमई फेडरेशन निम्नलिखित संकल्पों के लिए प्रतिबद्ध हैं ।

१) हम एमएसएमई इकाइयां खराब और घटिया गुणवत्ता वाले उत्पादों का उत्पादन नहीं करेंगे ।

२) हम वर्ष के दौरान किए गए लाभ का 50% उत्पाद विकास, मशीनरी और संयंत्र में निवेश करेंगे।

३) हम बैंक या वित्तीय संस्थान से जो भी ऋण लेंगे उसकी नीति के अनुसार 25 से 30 प्रतिशत मार्जिन मनी जमा करेंगे और हम इस मार्जिन मनी के लिए मशीनरी, प्लांट या किसी अन्य स्थान पर ओवर इनवॉइसिंग नहीं करेंगे और हम अपना शुद्ध मार्जिन मनी का प्रावधान करेंगे।

४) जो भी ऋण लेंगे हम उसी शीर्षक के तहत ऋण का उपयोग उसी उद्देश्य के लिए करेंगे। उदहारण के तोर पर सावधि ऋण या कार्यशील पूंजी, स्टॉक पर ऋण, बकाया पर ऋण  जो केवल फिज़िकल 

होगा वह दिखाया जाएगा। हम इस कर्ज के पैसो से आलीशान घर, कार, गहने, विदेश यात्रा इत्यादि मे खर्च नहीं करेंगे, जितनी हमारी आय होगी उतना ही खर्च करेंगे।

५ ) हम केंद्र सरकार, राज्य सरकार या स्थानीय निकायों के कानूनी कर का भुगतान समय पर करेंगे।

६ ) हम अपने कारीगरों का शोषण नहीं करेंगे। भविष्य निधि, ईएसआई इत्यादि जैसे सरकारी नियमों के अनुसार हम उनका ध्यान रखेंगे और हम उनके परिवार के स्वास्थ्य उन्मुख, शैक्षिक उन्मुख और सुरक्षा मामलों का भी ध्यान रखेंगे और हम कारखाने के मुनाफे के अनुसार उनकी छोटी और बड़ी जरूरतों को पूरा करने की व्यवस्था करेंगे।

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७ ) यदि हम अन्य सामाजिक संस्थाओ मे दान करे तो हम अपने मजदूरों, कर्मचारियों के बच्चों, शिक्षा, स्कूल की फीस, यूनिफॉर्म, नोटबुक आदि की जरूरतों का भी ध्यान उसी के अनुसार रखेंगे।

८ ) सरकार के निति नियमो के अनुसार न्यूनतम मजदूरी अधिनियम का जरूर पालन करेंगे और हमारे मजदूर और कर्मचारी जो हमारे हाथ है उनकी हम रक्षा करेंगे ।

९ ) झूठे श्रमिक संघों का गठन कारखाने के श्रमिकों को फंसाने की कोशिश करते है और इकाइयों को बंद करने के लिए प्रयत्न करते है ऐसे श्रमिक संघ श्रमिकों से पैसे वसूलते हैं और उद्योगों को बंद करके परेशान करते हैं। एम्एसएम्ई उनकी मांगों का संतोषजनक समाधान करके कारीगरों को काउंसिलिंग द्वारा लेबर कमिश्नर जैसी संस्थाओ की मध्यस्थता के माध्यम से कारीगरों के साथ कोई अन्याय न हो इसी तरह उनकी मांगो का संतोषकारक निराकरण लाएंगे। 

१० ) श्रमिकों के अधिकारों के लिए हम सरकार से परामर्श करेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उनके परिवारों को ईएसआई से अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं मिलें और अच्छे पैनल डॉक्टरों द्वारा इलाज किया जाए।

११) आई.टी.आई, सिपेट, इंडो जर्मन टूल रूम जैसे सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों मे जहां हर क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाली सीएनसी मशीनों और अन्य मशीनों पर प्रशिक्षण दिया जाता है, यदि इस प्रकार की मशीनों का कोई प्रावधान नहीं है, तो उन्हें हमारी इकाइयों का दौरा कराकर फार्मासिस्टों, 

वैज्ञानिकों और इंजीनियर्स के साथ मीटिंग आयोजीत करके हम उनके लिए विस्तृत प्रशिक्षण/मार्गदर्शन की व्यवस्था करेंगे।

१२) अब जब देश में अच्छे इंजीनियर, वैज्ञानिक जो लाखों की संख्या में विदेश जा रहे हैं तो ऐसे शिक्षित बेरोजगार तकनीशियनों को कौशल विकास, स्टार्टअप या नौकरी देकर फेडरेशन, चैंबर्स, एसोसिएशन,FICCI और CIA जैसे बड़े संगठन के साथ मिलकर उन्हें अच्छी नौकरी मिले या उनके अनुभव के आधार पर छोटी-छोटी इकाइयां स्थापित करने का प्रयास करेंगे ताकि देश की शैक्षिक संपदा विदेश जाना बंद हो जाए।

१३) हम ग्राहक को घटिया सामग्री उपलब्ध नहीं कराएंगे और बिक्री के बाद सेवा शुरू करेंगे।

१४) हम घटिया माल बनाकर और इकाइयों के लिए समस्याएँ पैदा करके औद्योगिक दुनिया में कभी भी एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा नहीं करेंगे ।

१५) हम अपने उद्योग या सेवा क्षेत्र के प्रति वफादार रहेंगे और देश के नागरिकों का निष्ठापूर्वक सम्मान करेंगे।

१६) केंद्र या राज्य सरकार के राजनीतिक व्यक्तियों और अधिकारियों का सम्मान करेंगे और उन्हें उद्योग जगत के मुद्दों को समझाने के लिए प्रयत्नशील रहेंगे और सरकार द्वारा एमएसएमई नियमों के संबंध में बनाई गई नीति के कार्यान्वयन के लिए उचित और मजबूत प्रतिनिधित्व करेंगे।

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१७) हम उन राजनीतिक लोगों के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग नहीं करेंगे जो जनता के चुने हुए प्रतिनिधि हैं और देश के विकास के मुद्दों पर उनका सहयोग प्राप्त करने का प्रयास करेंगे।

१८) हम देश की महिलाओं के लिए रोजगारोन्मुखी प्रयास करेंगे। हम सखी मंडल से लेकर महिला उद्यमियों तक और देश के आर्थिक रूप से सक्षम व्यवसायियों के साथ सरकार की विभिन्न योजनाओं में देश के आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े जातियों के परिवारों की बहनों की यथासंभव मदद 

करेंगे ताकि ऐसी महिलाएं घर बैठे रोजगार प्राप्त करके प्रति माह आठ हजार से दस हजार रूपये कमाकर अपने परिवार का पालन कर सके।हम रोजगारोन्मुखी विपणन केंद्र (मार्केटिंग सेन्टर) शुरू करेंगे ताकि देश की महिलाओं को रोजगार मिल सके।

१९) आज जब देश और दुनिया कोरोना की वैश्विक महामारी, युद्ध और अन्य कारणों से बाहर निकल रही है तब हमारे पड़ोसी देश जैसे पाकिस्तान, श्रीलंका, म्यांमार, भूटान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान जो अखंड भारत का एक हिस्सा थे,आज ऐसे देशों की अर्थव्यवस्था गिर गई है और अराजकता फैली है,जबकि १३५ करोड़ की आबादी वाला हमारा भारत देश ऐसी महामारी से बहार निकलकर पूरी दुनिया में एक प्रमुख स्थान हासिल कर चूका है इसमें एमएसएमई का बहुत बड़ा योगदान है। अभी भी देश के एमएसएमई विकास के पथ पर आगे बढ़ रहे हैं और प्रधानमंत्री और उनकी टीम के द्वारा देश के सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि (जीडीपी) को बनाए रखने के भरसक प्रयास किए जा रहे हैं और उसमे काफी हद तक सफलता हासिल हुई है जो बहुत ही सराहनीय है।

२०) रोजबरोज के जीवन के स्वभाव से, संस्कृति से देश की महिलाओ का अपमान करती हरेक समस्या से छुटकारा दिलाने और पुरुष प्रधान समाज की मानसिकता से बाहर निकलने का संकल्प लेते है ताकि देश की महिलाएं घर पर, काम पर या अपने स्थान पर सुरक्षित महसूस करें। नौकरी, कार्यस्थल,व्यापार, बाहर बसों या ट्रेनों में यात्रा करते समय महिलाएं अपने आप को सुरक्षित महसूस करे ऐसा संकल्प लेते है और एमएसएमई रोजगार के साथ-साथ वित्तीय सहायता प्रदान करने का प्रयास करे ऐसा संकल्प लेते है।

स्वतंत्रता के ७५वें वर्ष में अमृत महोत्सव के अवसर पर हम प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा उनके राष्ट्रव्यापी संबोधन के दौरान बुलाए गए पांच संकल्पों का पालन करेंगे और उन्हें लागू करेंगे।

१) विकसित भारत : अब देश को बड़े संकल्प के साथ आगे बढ़ना चाहिए। हमें बड़े संकल्प के साथ चलना है, बड़ा संकल्प है विकसित भारत।

२) गुलामी की विचारधारा से मुक्ति : अगर हमारे मन के किसी कोने में अभी भी गुलामी की कोई विचारधारा हो तो उसे किसी भी हाल में नहीं रखना है। जिसने हमें सैकड़ों वर्षों से गुलामी में रखा है हमें उससे सौ प्रतिशत छुटकारा पाना है ।

३) देश की विरासत पर गर्व : हमें देश की विरासत पर गर्व होना चाहिए। यह वह विरासत है, जिसमें भारत का एक समय स्वर्ण युग था। हमें इस विरासत पर भी गर्व होना चाहिए।

४) एकता और एकजुटता: १३५ करोड़ देशवासियों के बीच एकता हो,न अपना न कोई अजनबी हो एक भारत-श्रेष्ठ भारत के सपने के लिए एकता की शक्ति हमारा चौथा संकल्प है।

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५) नागरिकों के कर्तव्य: जिसमें प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री भी शामिल है क्यूकि वह भी देश के एक नागरिक है। हम ऑल इंडिया एम्एसएम्इ फेडरेशन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्रभाई मोदी के उपरोक्त प्रस्तावों का स्वागत करते हैं और हम उपरोक्त प्रस्तावों के साथ-साथ राष्ट्रगान गाकर इन प्रस्तावों को पढ़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जब भी हमारे एमएसएमई संगठनों, संघों की बैठकें होगी तब चैंबर,औद्योगिक एस्टेट, रोजगार उन्मुख अन्य संगठन और सभी संघो से हम ऐसा करने का अनुरोध करेंगे।

हम ऑल इंडिया एमएसएमई फेडरेशन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और उनकी पूरी टीम के इस ७५वें अमृत महोत्सव के अवसर पर सभी राजनीतिक अधिकारियों, राजनीतिक नेताओं, व्यापार और उद्योग जगत से जुड़े लोगों, कृषि आधारित उद्योगों और कृषि से जुड़े लोगों को शुभकामनाएं देते है। १५ अगस्त,२०२३ तक चलने वाले इस महान राष्ट्रीय पर्व की सफलता की कामना करते है ।

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