• आस्ट्रेलियाई, कनाडाई कोष एनआईआईएफ के जरिये करेंगे 2 अरब डालर तक निवेश

एनआईआईएफ ने एक बयान में कहा,‘‘...आस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा सेवानिवृत्ति फंड आस्ट्रेलियन सुपर और कनाडा का ओंटारियो टीचर्स पेंशन प्लान ने एनआईआईएफ मास्टर फंड में एक-एक अरब डालर के निवेश को लेकर समझौते पर हस्ताक्षर किये।’’

नयी दिल्ली। राष्ट्रीय निवेश एवं अवसंरचना कोष (एनआईआईएफ) ने मंगलवार को कहा कि आस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा सेवानिवृत्ति कोष आस्ट्रेलियन सुपर और कनाडा के ओंटारियो टीचर्स पेंशन प्लान ने एनआईआईएफ मास्टर फंड में 2 अरब डॉलर तक के निवेश को लेकर समझौते पर हस्ताक्षर किये। एनआईआईएफ परिवहन, ऊर्जा और शहरी ढांचागत सुविधाओं पर जोर देने के साथ देश के प्रमुख बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में निवेश करता है। 

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एनआईआईएफ ने एक बयान में कहा,‘‘...आस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा सेवानिवृत्ति फंड आस्ट्रेलियन सुपर और कनाडा का ओंटारियो टीचर्स पेंशन प्लान ने एनआईआईएफ मास्टर फंड में एक-एक अरब डालर के निवेश को लेकर समझौते पर हस्ताक्षर किये।’’

बयान के अनुसार समझौते के तहत दोनों मास्टर फंड में 25-25 करोड़ डालर निवेश की प्रतिबद्धता जतायी है। इसके अलावा ‘को-इनवेस्टमेंट’ के अंतर्गत भविष्य के अवसरों में 75-75 करोड़ डॉलर के निवेश की भी बात कही है।

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 इस फंड में निवेश करने वालों में आस्ट्रेलियन सुपर और ओंटारियो टीचर्स अब भारत सरकार, अबु धाबी इनवेस्टमेंट आथोरिटी, तेमासेक, एचडीएफसी ग्रुप, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योरेंस और एक्सिस बैंक के साथ शामिल हो गयी हैं।

इसके साथ आस्ट्रेलियन सुपर और ओंटारियो टीचर्स एनआईआईएफ की निवेश प्रबंधन कंपनी नेशनल इनवेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड लि. में शेयरधारक होगी।कोष ने यह भी कहा कि घरेलू निवेशक एचडीएफसी लाइफ और कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योंरेस ने तीसरे दौर में 60 करोड़ डालर के निवेश की और प्रतिबद्धता जतायी है।

इसके साथ एनआईआईएफ भारत में मास्टर फंड सबसे बड़ा निवेश कोष हो गया है। इसमें प्रबंधन अधीन परिसपंत्ति 1.8 अरब डालर तथा सभी का मिलाकर निवेश (को-इनवेस्टमेंट पूल) 2.5 अरब डालर है। इससे फंड देश में जरूरत के अनुसार बड़े बुनियादी ढांचे में निवेश कर सकता है। मास्ट फंड की अवधि 15 साल है और यह रुपये में जारी किया जाता है।