Bajaj Finance Q1 Results: रिकॉर्ड मुनाफे के साथ Share Price ने छुआ नया शिखर, निवेशकों की हुई चांदी

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Ankit Jaiswal । Jul 31 2026 8:05PM

बजाज फाइनेंस ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 28 प्रतिशत की शुद्ध लाभ वृद्धि के साथ बाजार के अनुमानों को पीछे छोड़ दिया है, जिससे इसके शेयरों ने 52-सप्ताह का नया शिखर छुआ। कंपनी की मजबूत परिसंपत्ति गुणवत्ता और स्वर्ण ऋण पोर्टफोलियो में रिकॉर्ड विस्तार इसकी रणनीतिक पकड़ और परिचालन दक्षता को दर्शाता है। बजाज फाइनेंस शेयर प्राइस, तिमाही नतीजे और गोल्ड लोन ग्रोथ जैसे कीवर्ड्स निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण हैं।

शेयर बाजार में शुक्रवार का कारोबारी सत्र बजाज फाइनेंस के निवेशकों के लिए काफी उत्साहजनक रहा। कंपनी के जून 2026 तिमाही के वित्तीय नतीजे उम्मीद से बेहतर आने के बाद इसके शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। मजबूत मुनाफा, बेहतर लोन क्वालिटी और लगातार बढ़ते कारोबार ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया, जिसके चलते कंपनी का शेयर नया 52 सप्ताह का उच्च स्तर छूने में सफल रहा है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी बजाज फाइनेंस का समेकित नेट लाभ वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 28 प्रतिशत बढ़कर 6,081 करोड़ रुपये हो गया है। पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 4,762 करोड़ रुपये के आसपास था। कंपनी की कुल शुद्ध आय भी 22 प्रतिशत बढ़कर 15,224 करोड़ रुपये रही, जबकि एक वर्ष पहले यह 12,460 करोड़ रुपये थी। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी ने प्रमुख वित्तीय मानकों पर अनुमान से बेहतर प्रदर्शन किया है।

नतीजों के बाद राष्ट्रीय शेयर बाजार में कंपनी का शेयर करीब 8.68 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,145 रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले 52 सप्ताह का सबसे ऊंचा स्तर है। गौरतलब है कि हाल के महीनों में बढ़ती ब्याज लागत के बावजूद कंपनी अपने लाभ मार्जिन को स्थिर बनाए रखने में सफल रही है।

कंपनी की कुल प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां 24 प्रतिशत बढ़कर 5 लाख 46 हजार 944 करोड़ रुपये हो गई हैं। पहली तिमाही के दौरान लगभग 36 हजार 969 करोड़ रुपये के नए ऋण वितरित किए गए। वहीं कंपनी ने 51 लाख नए ग्राहक भी जोड़े हैं, जिसके बाद कुल ग्राहक संख्या बढ़कर 12 करोड़ 44 लाख 30 हजार से अधिक हो गई है।

बता दें कि अतिरिक्त प्रावधान को अलग रखने पर वास्तविक लोन हानि में पिछले वर्ष की तुलना में 14 प्रतिशत की कमी आई है। इससे यह संकेत मिलता है कि ग्राहकों की ऋण चुकाने की क्षमता में सुधार हुआ है। इसी अवधि में कंपनी का इक्विटी पर प्रतिफल बढ़कर 20.4 प्रतिशत हो गया है।

हालांकि सभी कारोबारी क्षेत्रों में समान वृद्धि देखने को नहीं मिली है। कंपनी का स्वर्ण ऋण पोर्टफोलियो दोगुने से अधिक बढ़कर 21 हजार 152 करोड़ रुपये पहुंच गया है। कंपनी ने इसका श्रेय देशभर में शाखाओं के विस्तार और बढ़ती मांग को दिया है। दूसरी ओर दोपहिया और तिपहिया वाहन लोन कारोबार में 64 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम क्षेत्र को दिए जाने वाले ऋण में केवल 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जहां भुगतान चूक के मामले अपेक्षाकृत अधिक रहे हैं।

इस तिमाही के दौरान एआई आधारित तकनीक और नई शाखाएं खोलने पर निवेश बढ़ने से ऑपरेटिंग खर्च में भी वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि कंपनी प्रबंधन का कहना है कि आने वाली तिमाहियों में परिचालन दक्षता बेहतर होने की उम्मीद है।

गौरतलब है कि वैश्विक ब्रोकरेज संस्थाओं ने भी कंपनी के प्रदर्शन को सकारात्मक बताया है। सीएलएसए के अनुसार, नए फिसलन अनुपात में पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। वहीं यूबीएस का कहना है कि पिछले तीन तिमाहियों में पहली बार कंपनी की प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियों में सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई है, जिसमें उपभोक्ता वित्त और गोल्ड लोन कारोबार की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय के निवेशकों के लिए कंपनी की विकास संभावनाएं मजबूत बनी हुई हैं। हालांकि हालिया तेज उछाल के बाद नए निवेशकों को किसी संभावित मूल्य सुधार का इंतजार करने की सलाह दी जा रही है।

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