Stock Market में बड़ी गिरावट, Midcap-Smallcap शेयरों में सुनामी, Investors के लाखों करोड़ स्वाहा

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में तेज गिरावट से बाजार का माहौल बिगड़ा, जिसमें जेएसडब्ल्यू एनर्जी और केनेस टेक्नोलॉजी जैसे शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई। हालांकि, इस गिरावट के बीच ऑयल इंडिया और बायोकॉन जैसे कुछ शेयरों में मजबूती भी दर्ज की गई।
भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को कारोबार के दौरान मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। कमजोर वैश्विक संकेतों और निवेशकों की सतर्कता के बीच व्यापक बाजार पर दबाव बना रहा। बाजार की शुरुआत से ही कई सेक्टरों में गिरावट देखने को मिली, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
मौजूद जानकारी के अनुसार निफ्टी मिडकैप 100 सूचकांक कारोबार के दौरान करीब 2.03 प्रतिशत टूट गया, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 2.54 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। गौरतलब है कि पिछले एक महीने में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली थी, लेकिन मंगलवार को अचानक आई बिकवाली ने बाजार का रुख बदल दिया।
सेंसेक्स भी कारोबार के दौरान 74,943.42 के निचले स्तर तक पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 सूचकांक 23,508.35 तक फिसल गया है। बाजार में सबसे ज्यादा दबाव सूचना प्रौद्योगिकी यानी आईटी सेक्टर पर दिखाई दिया, जहां निफ्टी आईटी सूचकांक करीब 3.6 प्रतिशत तक टूट गया।
बताया जा रहा है कि बाजार की कमजोरी के पीछे वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव एक बड़ा कारण रहा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद निवेशकों की चिंता बढ़ गई, जिसमें उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की स्थिति को बेहद कमजोर बताया है।
मिडकैप शेयरों की बात करें तो जेएसडब्ल्यू एनर्जी में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। कंपनी का शेयर करीब 5.75 प्रतिशत टूट गया है। कंपनी के मार्च तिमाही नतीजे निवेशकों को प्रभावित नहीं कर सके। कंपनी का शुद्ध मुनाफा घटकर 371 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 408 करोड़ रुपये था।
इसके अलावा कोचिन शिपयार्ड, यूपीएल, कल्याण ज्वेलर्स, ग्रो और द फीनिक्स मिल्स जैसे शेयरों में भी चार प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है। वहीं प्रेस्टीज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स, पर्सिस्टेंट सिस्टम्स, एलएंडटी फाइनेंस और डिक्सन टेक्नोलॉजीज के शेयर भी दबाव में रहे हैं।
हालांकि गिरते बाजार के बीच कुछ शेयरों में मजबूती भी दिखाई दी है। ऑयल इंडिया के शेयर में करीब 7.75 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा बायोकॉन, पॉलीकैब इंडिया, लॉरस लैब्स और कोरोमंडल इंटरनेशनल के शेयरों में भी बढ़त देखने को मिली है।
स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली का दबाव साफ नजर आया। केनेस टेक्नोलॉजी इंडिया, नेटवेब टेक्नोलॉजीज इंडिया, करूर वैश्य बैंक, मीशो और एंजेल वन के शेयरों में पांच प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
इसके अलावा अनंत राज, ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, क्रेडिटएक्सेस ग्रामीण, बीईएमएल और आदित्य बिड़ला रियल एस्टेट के शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली है। दूसरी तरफ ब्रेनबीज सॉल्यूशंस, अफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर, टाटा केमिकल्स, कोहांस लाइफसाइंसेज और वेलस्पन कॉर्प जैसे कुछ शेयरों में हल्की तेजी बनी रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण आने वाले दिनों में बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। ऐसे में निवेशकों को सतर्कता के साथ निवेश करने की सलाह दी जा रही है।
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