BRICS Summit: नयी दिल्ली घोषणा में NDB को सतत विकास और बुनियादी ढांचे के लिए अहम बताया

नयी दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में जारी घोषणापत्र में नव विकास बैंक को ग्लोबल साउथ और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए महत्वपूर्ण माध्यम बताया गया। सदस्य देशों ने एनडीबी से स्थानीय मुद्राओं में वित्तपोषण बढ़ाने और सदस्यता के विस्तार पर तेजी से विचार करने का आह्वान किया। साथ ही बेहतर शासन व्यवस्था के लिए सर्वोच्च लेखापरीक्षा संस्थानों की भूमिका को भी रेखांकित किया गया।
ब्रिक्स देशों ने शनिवार को नव विकास बैंक (एनडीबी) को टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने, असमानता कम करने और उभरती अर्थव्यवस्थाओं में मजबूती बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण संस्था बताया। 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान जारी ‘नयी दिल्ली घोषणा’ में सदस्य देशों ने कहा कि एनडीबी उभरते बाजारों और विकासशील देशों की विकास प्राथमिकताओं तथा बुनियादी ढांचे की जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। घोषणापत्र में कहा गया, ‘‘एनडीबी अपने विकास के दूसरे दशक में प्रवेश कर रहा है।
हम सभी शेयरधारक देशों और ग्लोबल साउथ में विकास एवं आधुनिकीकरण के एक मजबूत और रणनीतिक माध्यम के रूप में उसकी बढ़ती भूमिका को मान्यता देते हैं और उसका समर्थन करते हैं।’’ ब्रिक्स देशों ने एनडीबी से संसाधन जुटाने की अपनी क्षमता लगातार बढ़ाने, नवाचार को बढ़ावा देने, स्थानीय मुद्राओं में वित्तपोषण का विस्तार करने और वित्तपोषण के स्रोतों में विविधता लाने के प्रयास जारी रखने को कहा। उन्होंने ऐसी प्रभावी परियोजनाओं को समर्थन देने पर भी जोर दिया जो टिकाऊ विकास को आगे बढ़ाएं, असमानता कम करें, बुनियादी ढांचे में निवेश को बढ़ावा दें और आर्थिक एकीकरण में मदद करें। घोषणापत्र में कहा गया, ‘‘हम एनडीबी को सतत विकास को बढ़ावा देने, असमानताओं को कम करने और उभरती अर्थव्यवस्थाओं में मजबूती का समर्थन करने वाली महत्वपूर्ण ब्रिक्स संस्था के रूप में मान्यता देते हैं।’’ ब्रिक्स ने एनडीबी को सदस्य देश की अगुवाई और मांग-आधारित सिद्धांत पर काम करने तथा संस्थागत मजबूती और परिचालन प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए उसके शासन ढांचे को मजबूत करने के लिए भी कहा।
ब्रिक्स ने एनडीबी की सदस्यता के विस्तार के लिए समर्थन दोहराया और इच्छुक देशों के सदस्यता आवेदनों पर एनडीबी की सामान्य रणनीति तथा संबंधित नीतियों के अनुरूप तेजी से विचार करने को कहा। वर्ष 2015 में ब्रिक्स देशों द्वारा स्थापित एनडीबी एक बहुपक्षीय विकास बैंक है। इसका उद्देश्य ब्रिक्स और अन्य उभरते बाजारों एवं विकासशील देशों में बुनियादी ढांचे तथा सतत विकास परियोजनाओं के लिए संसाधन जुटाना है।
नयी दिल्ली घोषणा में सार्वजनिक प्रशासन में जवाबदेही, पारदर्शिता, प्रभावशीलता और सुशासन को बढ़ावा देने में सर्वोच्च लेखापरीक्षा संस्थानों (एसएआई) की महत्वपूर्ण भूमिका को भी रेखांकित किया गया। सदस्य देशों ने कहा कि एसएआई अब वित्तीय और अनुपालन लेखापरीक्षा के साथ अधिक परिणाम-उन्मुख, आंकड़ा-आधारित और प्रभाव-केंद्रित तरीकों को भी अपना रहे हैं। उन्होंने ब्रिक्स एसएआई प्रमुखों की पांचवीं बैठक में अपनाई गई बेंगलुरु घोषणा का उल्लेख करते हुए एसएआई की प्रासंगिकता, प्रभाव और विश्वसनीयता बढ़ाने के प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि इससे ब्रिक्स देशों में बेहतर शासन और नागरिकों के लिए जीवन सुगम बनाने में योगदान मिलेगा। ब्रिक्स देशों के नेता 12-13 सितंबर को राष्ट्रीय राजधानी में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। इस वर्ष सम्मेलन की विषयवस्तु ‘मजबूती, नवाचार, सहयोग और निरंतरता के लिए निर्माण’ है।
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