Crude Oil वायदा में गिरावट, आपूर्ति की चिंताएं घटने से दाम 7,811 रुपये पर आए

कमजोर हाजिर मांग और आपूर्ति की चिंताएं कम होने से मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में 31 जुलाई को कच्चे तेल का अगस्त अनुबंध 226 रुपये टूटकर 7,811 रुपये प्रति बैरल रह गया। कारोबारियों के अनुसार होर्मुज और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से तेल निर्यात में सुधार के संकेतों से भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम कम हुआ है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट और ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।
कमजोर हाजिर मांग के बाद कारोबारियों द्वारा अपने सौदों की कटान करने से वायदा कारोबार में शुक्रवार को कच्चा तेल की कीमत 0.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 7,811 रुपये प्रति बैरल रह गयी। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में कच्चे तेल का अगस्त माह में डिलिवरी होने वाला अनुबंध 226 रुपये या 2.81 प्रतिशत की गिरावट के साथ 7,811 रुपये प्रति बैरल रह गया। इसी प्रकार, कच्चे तेल के सितंबर माह में डिलिवरी होने वाला अनुबंध 190 रुपये या 2.43 प्रतिशत की गिरावट के साथ 7,616 रुपये प्रति बैरल रह गया।
कारोबारियों का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से तेल की निर्यात खेप में सुधार के संकेतों से कच्चे तेल में भू-राजनीतिक जाोखिम प्रीमियम कम हुआ है, जिससे घरेलू वायदा में बिकवाली हुई है। वैश्विक स्तर पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट कच्चा तेल 1.80 डॉलर या 2.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ 81.79 डॉलर प्रति बैरल रह गया जबकि ब्रेंट क्रूड का दाम 1.80 डॉलर या 2.03 प्रतिशत की गिरावट के साथ 87.22 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
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