India-US के बीच मजबूत होंगे आर्थिक रिश्ते, व्यापक Bilateral Trade Agreement पर बातचीत तेज।

भारत-अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के लिए वार्ता तेज हो गई है, जिसके तहत 1 जून को एक उच्चस्तरीय अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भारत का दौरा करेगा। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देना है, जिसमें बाजार पहुंच और निवेश जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।
भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों को और मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार अमेरिका का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल 1 जून से 4 जून तक भारत दौरे पर रहेगा, जहां दोनों देशों के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने पर चर्चा की जाएगी।
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक इस बैठक में कई अहम मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना हैं। इनमें बाजार पहुंच, गैर-शुल्क बाधाएं, सीमा शुल्क प्रक्रिया को आसान बनाना, निवेश को बढ़ावा देना और आर्थिक सुरक्षा सहयोग जैसे विषय शामिल रहेंगे।
बता दें कि भारत और अमेरिका ने इसी साल 7 फरवरी को जारी संयुक्त बयान में अंतरिम व्यापार समझौते के लिए एक प्रारंभिक ढांचे पर सहमति जताई थी। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच पारस्परिक और लाभकारी व्यापार को बढ़ावा देना बताया गया था।
गौरतलब है कि दोनों देश सिर्फ अंतरिम समझौते तक सीमित नहीं रहना चाहते हैं। इसके साथ-साथ व्यापक भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते यानी बीटीए को लेकर भी बातचीत लगातार आगे बढ़ाई जा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना हैं कि अगर यह समझौता सफल होता हैं तो दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश के नए अवसर खुल सकते हैं।
इससे पहले अप्रैल 2026 में भारतीय प्रतिनिधिमंडल भी अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी गया था। वहां 20 से 23 अप्रैल के बीच अमेरिकी अधिकारियों के साथ आमने-सामने की बैठकें हुई थीं। अब बातचीत का अगला दौर भारत में होने जा रहा हैं, जहां अमेरिकी टीम का नेतृत्व उसका मुख्य वार्ताकार करेगा।
मौजूद जानकारी के अनुसार आने वाली बैठक में अंतरिम समझौते की शर्तों को अंतिम रूप देने की कोशिश की जाएगी। साथ ही व्यापक व्यापार समझौते के तहत लंबी अवधि के आर्थिक सहयोग पर भी चर्चा आगे बढ़ाई जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना हैं कि मौजूदा वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और बदलते व्यापारिक माहौल में भारत और अमेरिका दोनों ही अपने आर्थिक संबंधों को ज्यादा मजबूत और स्थिर बनाना चाहते हैं। ऐसे में यह वार्ता दोनों देशों के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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