Elon Musk की हार से Sam Altman की राह साफ, अब IPO लाने की तैयारी में OpenAI

Sam Altman
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Ankit Jaiswal । May 19 2026 9:28PM

एलन मस्क द्वारा ओपनएआई और सैम ऑल्टमैन पर संस्था के गैर-लाभकारी मिशन को धोखा देने और मुनाफाखोरी का आरोप लगाने वाले मुकदमे को अमेरिकी जूरी ने खारिज कर दिया है। अदालत ने मस्क के दावों को देर से दायर किया गया मानते हुए ओपनएआई के पक्ष में फैसला सुनाया, जिससे एआई तकनीक के भविष्य को लेकर चल रही यह चर्चित कानूनी लड़ाई समाप्त हो गई।

अमेरिका में कृत्रिम बुद्धिमत्ता को लेकर चल रही सबसे चर्चित कानूनी लड़ाइयों में से एक में उद्योगपति एलन मस्क को बड़ा झटका लगा है। कैलिफोर्निया के ओकलैंड स्थित संघीय अदालत की जूरी ने ओपनएआई के खिलाफ दायर उनके मुकदमे में कंपनी को जिम्मेदार मानने से इनकार कर दिया है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, जूरी ने सर्वसम्मति से फैसला देते हुए कहा कि एलन मस्क ने यह मामला काफी देर से अदालत में दायर किया था। बताया जा रहा है कि जूरी ने करीब दो घंटे से भी कम समय में अपना फैसला सुना दिया।

गौरतलब है कि इस मुकदमे को कृत्रिम बुद्धिमत्ता की दुनिया के लिए बेहद अहम माना जा रहा था। इस मामले में यह सवाल भी जुड़ा हुआ था कि भविष्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीक का इस्तेमाल किस तरह होगा और इसका फायदा आखिर किसे मिलेगा।

बता दें कि एलन मस्क ने वर्ष 2024 में ओपनएआई, उसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी सैम ऑल्टमैन और अध्यक्ष ग्रेग ब्रॉकमैन के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। मस्क का आरोप था कि उन्होंने उनसे करीब तीन करोड़ अस्सी लाख डॉलर की मदद ली और बाद में संस्था के मूल गैर-लाभकारी उद्देश्य से हटकर इसे मुनाफा कमाने वाले कारोबार में बदल दिया।

एलन मस्क ने यह भी आरोप लगाया था कि ओपनएआई ने माइक्रोसॉफ्ट समेत कई निवेशकों से अरबों डॉलर का निवेश हासिल किया और मानवता के हित के बजाय आर्थिक लाभ को प्राथमिकता दी हैं। उन्होंने इस पूरे मामले को “चैरिटी की चोरी” तक बताया था।

दरअसल, ओपनएआई की स्थापना वर्ष 2015 में सैम ऑल्टमैन, एलन मस्क और कुछ अन्य लोगों ने मिलकर की थी। उस समय संस्था का उद्देश्य सुरक्षित कृत्रिम बुद्धिमत्ता विकसित करना और मानव समाज के हित में उसका उपयोग करना बताया गया था। हालांकि एलन मस्क ने वर्ष 2018 में संस्था का बोर्ड छोड़ दिया था और इसके अगले ही वर्ष ओपनएआई ने लाभ आधारित कारोबार मॉडल शुरू कर दिया था।

वहीं ओपनएआई की तरफ से अदालत में कहा गया कि एलन मस्क खुद भी कृत्रिम बुद्धिमत्ता के कारोबार में आर्थिक अवसर देख रहे थे और उन्होंने बहुत देर से यह दावा किया कि कंपनी ने अपने मूल समझौते का उल्लंघन किया है।

मुकदमे के दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए। एलन मस्क के वकील स्टीवन मोलो ने अदालत में कहा कि कई गवाहों ने सैम ऑल्टमैन की सच्चाई पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं ओपनएआई के वकील विलियम सेविट ने तर्क दिया कि एलन मस्क हर क्षेत्र की तरह कृत्रिम बुद्धिमत्ता में भी बड़ा आर्थिक अवसर देख रहे थे।

मामले में माइक्रोसॉफ्ट पर भी ओपनएआई की मदद करने के आरोप लगाए गए थे। हालांकि फैसले के बाद माइक्रोसॉफ्ट ने अदालत के निर्णय का स्वागत किया और कहा कि मामले की सच्चाई और समयरेखा पहले से स्पष्ट थी।

गौरतलब है कि आज दुनिया भर में कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीक का इस्तेमाल शिक्षा, चिकित्सा, कानूनी सलाह, पत्रकारिता, वित्तीय सेवाओं और चेहरे की पहचान जैसी कई जगहों पर हो रहा हैं। वहीं दूसरी तरफ लोगों में यह चिंता भी लगातार बढ़ रही है कि यह तकनीक नौकरियों और समाज पर बड़ा असर डाल सकती है।

बताया जा रहा है कि ओपनएआई भविष्य में अपना आईपीओ लाने की तैयारी कर रही है, जिसकी संभावित कीमत करीब एक लाख करोड़ डॉलर तक पहुंच सकती हैं। वहीं एलन मस्क की कृत्रिम बुद्धिमत्ता कंपनी एक्सएआई अब उनकी अंतरिक्ष कंपनी स्पेसएक्स का हिस्सा बन चुकी है और वह भी बड़े सार्वजनिक निर्गम की तैयारी में जुटी हुई है।

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