बच्चों की privacy पर Google/YouTube की नज़र, क्या आपका भी निजी डा़टा हो रहा है शेयर?

अमेरिका के फेडरल ट्रेड कमीशन ने गूगल पर 12.24 लाख करोड़ का जुर्माना लगाया है। वजह यह है कि कपंनी ने यूट्यूब पर बच्चों की प्राइवेसी का उल्लंघन किया है। कंपनी ने बच्चों के निजी डा़टा को गैरकानूनी तरीके से इकट्ठा किया फिर इस डा़टा को किसी अन्य कपंनी पर शेयर किया है।
दिल्ली। अमेरिका के फेडरल ट्रेड कमीशन ने गूगल पर 12.24 लाख करोड़ का जुर्माना लगाया है। वजह यह है कि कपंनी ने यूट्यूब पर बच्चों की प्राइवेसी का उल्लंघन किया है। कंपनी ने बच्चों के निजी डा़टा को गैरकानूनी तरीके से इकट्ठा किया फिर इस डा़टा को किसी अन्य कपंनी पर शेयर किया है।
Breaking News: Google will pay $170 million for illegally collecting children’s data on YouTube and profiting from it. Critics said the fine was too small.https://t.co/nB0U5B7eM3
— The New York Times (@nytimes) September 4, 2019
माता-पिता की सहमति के बिना ही कंपनी ने बच्चों के निजी डाटा को कलेक्ट कर अलग जगह शेयर किया है और अब कंपनी इस जुर्माने का भुगतान करने के लिए तैयार हो चुकी है। गूगल पर लगा यह जुर्माना अब तक की सबसे बडी राशि मानी जा रही है।
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गूगल ने चिल्ड्रेंस ऑनलाइन प्राइवेसी प्रोटेक्शन एक्ट (Childrens online privacy protection act) का उल्लंघन किया हैं। बता दें कि इससे पहले टिक टॉक और फेसबुक पर भी निजी डाटा के गलत इस्तेमाल का जुर्माना लगाया जा चुका है।
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नियम के अनुसार कपंनियों को यह जानकारी देना आवश्यक है कि वह बच्चों से जुड़ी प्राइवेसी का किस तरह इस्तेमाल करते हैं और साथ ही 13 साल से छोटे बच्चों की निजी जानकारी जुटाने के लिए अधिकारियों से सहमति लेना जरूरी होता है।
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