India और GCC के बीच Free Trade Agreement की राह खुली, 178 अरब डॉलर के Trade को मिलेगा बूस्ट

भारत और खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) ने मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बातचीत फिर से शुरू करने के लिए नियम-शर्तों पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसका उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना है। यह कदम 2008 के बाद रुकी हुई वार्ता को पुनर्जीवित करता है, जो दोनों क्षेत्रों के बीच बढ़ते आर्थिक संबंधों का संकेत है।
भारत और पश्चिमी एशियाई देशों के समूह खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) ने मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू करने के लिए नियम एवं शर्तों पर बृहस्पतिवार को हस्ताक्षर कर दिए। नियम एवं शर्तों में प्रस्तावित व्यापार समझौते का दायरा और तौर-तरीके बताए गए हैं। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जीसीसी के साथ बातचीत को लेकर नियम एवं शर्तों पर हस्ताक्षर समारोह की अध्यक्षता की। जीसीसी, खाड़ी क्षेत्र के छह देशों सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, कुवैत, ओमान और बहरीन का समूह है। गोयल ने कहा कि यह समझौता दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने में सहायक होगा।
उन्होंने कहा कि करीब एक करोड़ भारतीय जीसीसी क्षेत्र में रह रहे हैं और काम कर रहे हैं। भारत ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के साथ एक मुक्त व्यापार समझौता मई, 2022 में पहले ही लागू कर दिया था। भारत और ओमान ने 18 दिसंबर, 2025 को मस्कट में एक व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) पर हस्ताक्षर किए थे। जीसीसी के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर एक तरह से बातचीत फिर से शुरू हो रही है। इससे पहले दो दौर की बातचीत 2006 और 2008 में में हुई थी। जीसीसी द्वारा सभी देशों और आर्थिक समूहों के साथ वार्ता स्थगित करने के कारण तीसरे दौर की वार्ता नहीं हो पाई थी। भारत मुख्य रूप से सऊदी अरब तथा कतर जैसे खाड़ी देशों से कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस आयात करता है और इन देशों को मोती, कीमती एवं अर्ध-कीमती पत्थर, धातु, विद्युत मशीनरी, लोहा व इस्पात तथा रसायन निर्यात करता है। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का जीसीसी देशों को निर्यात सालाना आधार पर लगभग एक प्रतिशत बढ़कर लगभग 57 अरब अमेरिकी डॉलर रहा जो एक साल पहले 2023-24 में 56.32 अरब अमेरिकी डॉलर था।
वहीं आयात 2024-25 में 15.33 प्रतिशत बढ़कर 121.7 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। द्विपक्षीय व्यापार 2023-24 में 161.82 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2024-25 में 178.7 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। संयुक्त अरब अमीरात गत वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार था। इस सूची में सऊदी अरब पांचवें, कतर 22वें, ओमान 28वें, कुवैत 29वें और बहरीन 65वें स्थान पर रहा।
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