India-EU Trade Deal ने दी शेयर बाजार को रफ्तार, Midcap-Smallcap स्टॉक्स में आई बहार

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ANI
Ankit Jaiswal । Jan 27 2026 10:56PM

भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) ट्रेड डील की सकारात्मक उम्मीदों के चलते शेयर बाजार को मजबूती मिली, जिससे मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई। यह समझौता जहां लंबी अवधि में भारतीय निर्यात और निवेश के लिए फायदेमंद माना जा रहा है, वहीं इसने बाजार में सेक्टर-विशेष उतार-चढ़ाव को भी जन्म दिया है।

शेयर बाजार में आज कुल मिलाकर सकारात्मक माहौल देखने को मिला, जहां ज्यादातर सेक्टर हरे निशान में बंद हुए। कारोबार की शुरुआत भले ही सतर्क रही हो, लेकिन दिन चढ़ने के साथ निवेशकों का भरोसा मजबूत होता गया और व्यापक बाजार ने भी साथ दिया।

बता दें कि प्रमुख 16 सेक्टरों में से 11 में बढ़त दर्ज की गई हैं। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी रौनक रही, जहां मिडकैप इंडेक्स करीब 0.6 फीसदी और स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग 0.4 फीसदी मजबूत हुआ है। बाजार की इस मजबूती के पीछे भारत और यूरोपीय संघ के बीच लंबे समय से लंबित ट्रेड डील को अहम वजह माना जा रहा है।

गौरतलब है कि इस समझौते के तहत भारत 96.6 फीसदी व्यापारिक वस्तुओं पर टैरिफ को या तो पूरी तरह खत्म करेगा या उसमें बड़ी कटौती करेगा, जबकि यूरोपीय संघ अगले सात वर्षों में भारत से आयात होने वाले 99.5 फीसदी सामान पर शुल्क घटाएगा। मौजूद जानकारी के अनुसार, इससे भारत के निर्यात आधार को विविधता मिलने, अलग-अलग सेक्टरों की ग्रोथ तेज होने और वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

मास्टर कैपिटल सर्विसेज के चीफ रिसर्च ऑफिसर रवि सिंह के मुताबिक यह डील भारत के लिए संरचनात्मक रूप से सकारात्मक है, जो ट्रेड और निवेश के आउटलुक को मजबूत करेगी और शेयर बाजार के लिए भी लंबे समय में अच्छा संकेत मानी जा रही है। उनका मानना है कि इससे नीति स्थिरता का संदेश जाएगा और भारत वैश्विक सप्लाई चेन में और गहराई से जुड़ेगा।

हालांकि, बाजार की इस तेजी के बीच ऑटो सेक्टर दबाव में नजर आया हैं। ऑटो इंडेक्स में करीब 0.9 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, क्योंकि यूरोपीय संघ से आने वाली कारों पर अगले पांच वर्षों में टैरिफ में तेज कटौती होगी। इससे वोक्सवैगन, रेनो, मर्सिडीज-बेंज और बीएमडब्ल्यू जैसी यूरोपीय कंपनियों को फायदा मिलने की संभावना है, जिसका असर घरेलू ऑटो कंपनियों की सेंटिमेंट पर पड़ा।

महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में 4.2 फीसदी की गिरावट आई, जबकि मारुति सुजुकी और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के शेयर क्रमशः 1.5 फीसदी और 1.1 फीसदी फिसले है। निवेश विशेषज्ञों का कहना है कि यह दबाव फिलहाल बिक्री से ज्यादा प्रीमियम सेगमेंट में कीमतों और धारणा को लेकर बना हुआ है।

दूसरी ओर, मेटल सेक्टर में मजबूती देखने को मिली हैं। जेएसडब्ल्यू स्टील के बेहतर तिमाही नतीजों और वैश्विक स्तर पर बेस मेटल कीमतों में तेजी के चलते मेटल इंडेक्स करीब 3.1 फीसदी चढ़ गया है। वहीं, अदाणी समूह के शेयरों में भी शुक्रवार की बिकवाली के बाद कुछ हद तक रिकवरी देखने को मिली।

बैंकिंग और सीमेंट शेयरों में भी मिलाजुला रुख रहा है। एक्सिस बैंक और अल्ट्राटेक सीमेंट ने मजबूत नतीजों के दम पर क्रमशः 4.6 फीसदी और 1.8 फीसदी की बढ़त दर्ज की, जबकि कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर अनुमान से कमजोर मुनाफे के चलते 3.3 फीसदी टूट गए है। कुल मिलाकर, बाजार में सकारात्मक संकेत बने हुए हैं, लेकिन सेक्टर आधारित उतार-चढ़ाव आगे भी देखने को मिल सकता है।

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