IndiGo Global Ambitions: ए350 विमानों से अंतरराष्ट्रीय बाजार में विस्तार करेंगे Willie Walsh और राहुल भाटिया

इंडिगो अपने बेड़े में ए321 एक्सएलआर और ए350 विमानों को शामिल कर अंतरराष्ट्रीय विमानन क्षेत्र में खाड़ी देशों के प्रभुत्व को चुनौती देने की तैयारी कर रही है। कंपनी का लक्ष्य भारतीय प्रवासियों को सीधे जोड़ना और अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात के माध्यम से होने वाली आर्थिक आय को देश में वापस लाना है।
इंडिगो एयरलाइन अपने परिचालन के 20 वर्ष पूरे होने पर अब एक ‘लंबी दूरी की उड़ान’ शुरू करने की तैयारी कर रही है और बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय विस्तार की योजना बना रही है। इसके तहत एयरलाइन दुनिया भर में बसे प्रवासी भारतीयों को उनके देश से जोड़ने, खाड़ी देशों के केंद्र से होकर जाने वाले अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात को वापस अपनी उड़ानों में लाने और भविष्य में भारत के रास्ते विदेशों के बीच यात्रियों को ले जाने का लक्ष्य रखेगी।
घरेलू बाजार में 66 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी रखने वाली देश की यह प्रमुख एयरलाइन कंपनी जल्द ही एयरबस ए321 एक्सएलआर विमान अपने बेड़े में शामिल करने जा रही है और 2028 से ए350 बड़े आकार के विमानों की आपूर्ति शुरू होने की उम्मीद है। इंडिगो के प्रबंध निदेशक राहुल भाटिया ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए साक्षात्कार में कहा कि व्यापक घरेलू नेटवर्क के दम पर कंपनी अब ‘लंबी दूरी की उड़ानों’ की दिशा में बड़ा कदम उठाने को तैयार है और ए321 एक्सएलआर तथा बाद में ए350 विमानों के जरिये अधिक अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों को जोड़ा जाएगा।
हालांकि, भाटिया ने कहा कि चार अगस्त को कंपनी की 20वीं वर्षगांठ है, लेकिन अब भी इंडिगो को वैश्विक एयरलाइन कहना जल्दबाजी होगी। प्रबंध निदेशक के साथ ही कंपनी के सह-संस्थापक भाटिया ने कहा, “क्या हम वहां पहुंचना चाहते हैं? हां, हमारी आकांक्षा है, लेकिन कंपनी का मूल अब भी घरेलू नेटवर्क ही है। बड़े विमानों के साथ कुछ प्रयोग हो रहे हैं, लेकिन हमें वैश्विक कहना अभी कल्पना को बढ़ाना होगा।” भाटिया ने कहा कि लंबी दूरी की रणनीति का मुख्य केंद्र भारतीय यात्रियों और वैश्विक भारतीय प्रवासी समुदाय को सेवा देना होगा।
उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में खाड़ी देशों की एयरलाइन ने अपने केंद्र के जरिये भारत से जाने वाले अंतरराष्ट्रीय यातायात का बड़ा हिस्सा अपने कब्जे में ले लिया, जिससे आर्थिक मूल्य विदेश चला गया। भाटिया ने कहा, “इंडिगो और एयर इंडिया जैसी एयरलाइन कंपनियों की जिम्मेदारी है कि इस आर्थिक मूल्य को वापस लाया जाए और भारतीय यात्रियों को दुनिया तक भारतीय एयरलाइंस के जरिये पहुंचाया जाए।”
एयरलाइन की वर्षगांठ पर नेतृत्व परिवर्तन भी किया जा रहा है और विमानन क्षेत्र के अनुभवी विली वॉल्श तीन अगस्त को इंडिगो के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) का पदभार संभालेंगे। वॉल्श ने 31 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ (आईएटीए) के महानिदेशक का पद छोड़ा था।
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