Jio Platforms का IPO खुलने के 100 मिनट में पूरी तरह सब्सक्राइब

Jio Platforms का IPO खुलने के 100 मिनट में पूरी तरह सब्सक्राइब
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जियो प्लेटफॉर्म्स के 30,213 करोड़ रुपये के सार्वजनिक निर्गम को निवेशकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। बुधवार को बोली शुरू होने के 100 मिनट के भीतर ही यह पूरा भर गया। संस्थागत निवेशकों के लिए तय कोटा महज 10 मिनट में पूरा सब्सक्राइब हो गया था।

जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (जेपीएल) के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को बुधवार को खुलने के 100 मिनट के भीतर ही पूर्ण अभिदान मिल गया। इसके साथ ही यह अब तक का सबसे तेजी से पूर्ण अभिदान पाने वाला आईपीओ बन गया है। बीएसई की वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 30,213 करोड़ रुपये के इस निर्गम का मूल्य दायरा 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर है।

इसमें संस्थागत निवेशकों ने बेहद दिलचस्पी दिखाई। पात्र संस्थागत निवेशकों (क्यूआईबी) के लिए आरक्षित हिस्सा पहले 10 मिनट में ही पूर्ण अभिदान पा गया और 30 मिनट से भी कम समय में इसके लिए मांग लगभग दोगुनी हो गई। आंकड़ों के अनुसार, इसके बाद क्यूआईबी के लिए आरक्षित हिस्से को 2.86 गुना अभिदान मिला, जबकि कुल निर्गम को 0.83 गुना अभिदान मिला।

खुलने के 100 मिनट के भीतर ही कुल निर्गम को पूर्ण अभिदान मिल गया। जियो प्लेटफॉर्म्स का यह सार्वजनिक निर्गम 2024 में हुंदै मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपये के आईपीओ को पीछे छोड़कर मूल्य के लिहाज से देश का सबसे बड़ा निर्गम बन जाएगा। जियो के शेयर के लिए 1,065 से 1,119 रुपये के मूल्य दायरे के ऊपरी स्तर पर कंपनी का मूल्यांकन करीब 108 अरब डॉलर बैठता है।

इस निर्गम के तहत 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जा रहे हैं। बिक्री पेशकश का हिस्सा नहीं होने का मतलब है कि मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर नहीं बेच रहे हैं। सार्वजनिक निर्गम से पहले कंपनी ने सोमवार को 212 बड़े (एंकर) निवेशकों को 1,119 रुपये प्रति शेयर की दर से करीब 8,110 करोड़ रुपये के शेयर आवंटित किए थे।

एंकर निवेशकों के लिए आरक्षित शेयरों के मुकाबले 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां मिलीं। जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी ने मंगलवार को कहा कि कंपनी की प्रौद्योगिकी, कृत्रिम मेधा (एआई) और क्लाउड क्षेत्र में विस्तार की योजनाएं दूरसंचार कारोबार से आगे उसकी वृद्धि को गति देंगी। उन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज की इस इकाई को देश के अब तक के सबसे बड़े आईपीओ से पहले एक प्रौद्योगिकी कंपनी के रूप में पेश किया।

अंबानी ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ साक्षात्कार में कहा, ‘‘जियो में ऐसा नहीं है कि हमें दोनों में से किसी एक को चुनना है। हमारा नेटवर्क ही हमारी प्रौद्योगिकी है।’’ यह आईपीओ ऐसे समय आ रहा है, जब निवेशक यह आकलन कर रहे हैं कि क्या देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी अपने विशाल ग्राहक आधार के जरिये डिजिटल सेवाओं, उद्यम प्रौद्योगिकी और एआई से अधिक मुनाफे वाला राजस्व जुटा सकती है। ऐसा इसलिए भी है, क्योंकि केवल ग्राहकों की संख्या में वृद्धि अब कारोबार के विस्तार को गति देने वाला उतना प्रभावी कारक नहीं रह गई है।

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