कोरोना ने बदला हलवा रस्म का कार्यक्रम, पहली बार नहीं होगी बजट कागज पर प्रिंटिंग

कोरोना ने बदला हलवा रस्म का कार्यक्रम, पहली बार नहीं होगी बजट कागज पर प्रिंटिंग

आमतौर पर, बजट मुद्रण प्रक्रिया वित्त मंत्री, मंत्रालय में सचिवों, बजट डिवीजन के अधिकारियों और दो टैक्स विंग और कर्मचारियों के सदस्यों द्वारा हलवा समारोह के साथ किया जाता है, जो वित्त मंत्री के भाषण पूरा होने तक बजट प्रेस के अंदर बंद रहते हैं। उनके पास अपने परिवार के सदस्यों तक पहुंच भी नहीं होती है।

हर साल संसद में पेश किए जाने वाले बजट को इस बार कोरोना महामारी की नज़र लग गई है। बता दें कि हर साल की तरह इस हलवा रस्म में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर, वित्त मंत्रालय के सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। लेकिन कोरोना के खतरे को देखते हुए इस साल बजट कागज पर प्रिंटिग नहीं हो पाएगी। 1 फरवरी को पेश किया जाने वाला बजट इस साल हर दस्तावेज इलेक्ट्रोनिक के माध्यम से सांसदों को पेश किए जाएंगे। 

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आमतौर पर, बजट मुद्रण प्रक्रिया वित्त मंत्री, मंत्रालय में सचिवों, बजट डिवीजन के अधिकारियों और दो टैक्स विंग और कर्मचारियों के सदस्यों द्वारा हलवा समारोह के साथ किया जाता है, जो वित्त मंत्री के भाषण पूरा होने तक बजट प्रेस के अंदर बंद रहते हैं। उनके पास अपने परिवार के सदस्यों तक पहुंच भी नहीं होती है। बजट टीम के केवल प्रमुख अधिकारियों को इस अवधि के दौरान प्रेस में प्रवेश करने की अनुमति होती है। लेकिन इस बार कोरोना प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए बडट प्रेस में काम करने वालों की संख्या में कमी होगी। इस साल 100 के बजाय केवल 40 लोगों को ही बजट प्रेस में रहने की अनुमति होगी। इसके साथ ही बजट डॉक्यमेंट भी इस साल प्रिंट नहीं किए जाएंगे बल्कि इन्हें अधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे जिनको केवल कानून निर्माता और सरकारी अधिकारी ऑनलाइन एक्सेस कर पाएंगे। इसके अलावा जो लोग संख्याओं और पृष्ठ को तैयार करते हैं वहीं केवल प्रेस के अंदर होंगे।