NSE का Mega IPO: 30 हजार करोड़ की पेशकश से बाजार में भूचाल, निवेशकों की धड़कनें तेज

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Ankit Jaiswal । Jun 17 2026 7:32PM

भारत के सबसे बड़े एक्सचेंज एनएसई द्वारा सेबी में आईपीओ दस्तावेज दाखिल करने की संभावना ने पूंजी बाजार में हलचल बढ़ा दी है, यह लगभग 30,000 करोड़ रुपये का इश्यू पूरी तरह से बिक्री प्रस्ताव (ओएफएस) हो सकता है।

शेयर बाजार में बुधवार को उस समय हलचल बढ़ गई जब देश के सबसे बड़े शेयर विनिमय राष्ट्रीय शेयर विनिमय (एनएसई) के बहुप्रतीक्षित प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ को लेकर नई जानकारी सामने आई। मौजूद जानकारी के अनुसार, एनएसई बुधवार शाम भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास अपना मसौदा रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) दाखिल कर सकता है। इस खबर के बाद निवेशकों की प्रतिक्रिया बाजार में साफ दिखाई दी और बंबई शेयर विनिमय (बीएसई) के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई है।

दोपहर करीब 1 बजकर 15 मिनट पर बीएसई का शेयर लगभग 3 प्रतिशत से अधिक टूटकर 4,029 रुपये के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। बीएसई उस दिन पूंजी बाजार सूचकांक में सबसे अधिक गिरने वाले शेयरों में शामिल रहा। इसके अलावा आदित्य बिड़ला सन लाइफ एसेट मैनेजमेंट कंपनी, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) और एंजेल वन के शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली है।

बाजार से जुड़े जानकारों का मानना है कि बीएसई के शेयरों पर दबाव की एक बड़ी वजह एनएसई के सूचीबद्ध होने की संभावना है। गौरतलब है कि वर्तमान में बीएसई देश का प्रमुख सूचीबद्ध बड़ा शेयर विनिमय है। ऐसे में एनएसई के बाजार में आने के बाद निवेशकों के पास एक और बड़ा विकल्प उपलब्ध होगा। विश्लेषकों का कहना है कि कुछ निवेशक बीएसई में मुनाफावसूली कर संभावित रूप से एनएसई में निवेश की तैयारी कर रहे हैं।

बता दें कि प्रस्तावित आईपीओ पूरी तरह से बिक्री प्रस्ताव के रूप में लाया जा सकता है। इसका मतलब यह होगा कि कंपनी नए शेयर जारी नहीं करेगी, बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपने हिस्से के शेयर बेचेंगे। जानकारी के अनुसार, एनएसई की कुल हिस्सेदारी का लगभग 6 प्रतिशत हिस्सा इस पेशकश के जरिए बेचा जा सकता है। गैर-सूचीबद्ध बाजार में एनएसई का मूल्यांकन करीब 5 लाख करोड़ रुपये आंका जा रहा है। इसी आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि आईपीओ का आकार लगभग 30 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।

यदि ऐसा होता है तो यह भारतीय पूंजी बाजार के इतिहास के सबसे बड़े आईपीओ में से एक होगा। लंबे समय से निवेशक और बाजार विशेषज्ञ एनएसई के सार्वजनिक निर्गम का इंतजार कर रहे थे।

मर्चेंट बैंकिंग सूत्रों के अनुसार, भारतीय स्टेट बैंक इस आईपीओ में सबसे बड़ा विक्रेता शेयरधारक बन सकता है। बैंक लगभग 2 करोड़ 47 लाख 50 हजार शेयर बेच सकता है। वहीं एमएस स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस) लिमिटेड करीब 1 करोड़ 60 लाख शेयरों की बिक्री कर सकती है। कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड लगभग 1 करोड़ 18 लाख 70 हजार शेयर बेचने की तैयारी में है।

इसके अलावा अरांडा इन्वेस्टमेंट्स (मॉरीशस) प्राइवेट लिमिटेड, बैंक ऑफ बड़ौदा, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड भी अपने हिस्से के शेयर बेच सकती हैं।

मौजूद जानकारी के अनुसार, मसौदा दस्तावेज दाखिल किए जाने से पहले एनएसई की आईपीओ समिति की बैठक हुई थी, जिसमें प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया गया। वहीं एनएसई के निदेशक मंडल ने सोमवार को डीआरएचपी को मंजूरी दे दी थी। अब बाजार की निगाहें सेबी की आगे की प्रक्रिया और इस बहुप्रतीक्षित आईपीओ की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई हैं।

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