Reliance Jio और T-Mobile के बीच करार, शुरू होगी दुनिया की पहली 5G Standalone Roaming

रिलायंस जियो और अमेरिकी दूरसंचार कंपनी टी-मोबाइल ने अपने ग्राहकों को एक-दूसरे के नेटवर्क पर 5जी स्टैंडअलोन रोमिंग सुविधा देने के लिए साझेदारी की है। सिनिवर्स के तकनीकी सहयोग से तैयार इस व्यवस्था से दोनों देशों के यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बिना रुकावट केवल 5जी नेटवर्क का अनुभव मिलेगा।
अमेरिका की टी-मोबाइल और रिलायंस जियो ने अपने ग्राहकों के लिए एक-दूसरे के 5जी ‘स्टैंडअलोन नेटवर्क’ पर रोमिंग सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए समझौता किया है। दोनों कंपनियों ने सोमवार को एक संयुक्त बयान में यह जानकारी दी। बयान के अनुसार, यह दुनिया की पहली 5जी ‘स्टैंडअलोन रोमिंग’ सेवा है।
इसका मतलब है कि रोमिंग के दौरान दोनों नेटवर्क के ग्राहकों को केवल 5जी सिग्नल ही मिलेंगे। इस रोमिंग कनेक्शन को संभव बनाने में सिनिवर्स के मंच की अहम भूमिका रही है, जिसने जियो और टी-मोबाइल के नेटवर्क को सुरक्षित तरीके से आपस में जोड़ने में मदद की। बयान में कहा गया, ‘‘टी-मोबाइल और जियो ने आज दूरसंचार क्षेत्र में इतिहास रचते हुए सिनिवर्स के साथ तकनीकी तालमेल के जरिये दुनिया का पहला 5जी स्टैंडअलोन रोमिंग सुविधा स्थापित की।’’ इससे टी-मोबाइल के ग्राहक विदेश यात्रा के दौरान पहली बार वास्तविक 5जी ‘स्टैंडअलोन रोमिंग’ सेवा का अनुभव कर सकेंगे।
टी-मोबाइल के मुख्य नेटवर्क अधिकारी अंकुर कपूर ने कहा, ‘‘हमने 2020 में 5जी स्टैंडअलोन की दिशा में काम शुरू किया था और आज वैश्विक स्तर पर भारत की जियो के साथ साझेदारी के जरिये इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि एक देश से दूसरे देश जाने पर ग्राहकों को बिना किसी रुकावट के 5जी सेवा मिल सकेगी, चाहे वे वीडियो देख रहे हों, यात्रा से जुड़े वीडियो साझा कर रहे हों या बिजनेस ऐप चला रहे हों। जियो के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, साझेदारी और सेवा मामलों के प्रमुख मार्क यारकोस्की ने कहा कि टी-मोबाइल और जियो नेटवर्क के बीच नई पीढ़ी की क्षमताओं और सेवाओं की नींव रख रहे हैं। इसमें उपभोक्ताओं और उद्यमों के लिए अलग-अलग सेवाओं के साथ-साथ कृत्रिम मेधा आधारित सेवाएं भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि 5जी ‘स्टैंडअलोन’ का भविष्य निर्बाध और एक-दूसरे के नेटवर्क के साथ आसानी से काम करने वाली सेवाओं का है, जिससे नई संभावनाएं पैदा होंगी।
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