Samsung Solve for Tomorrow: छोटे शहरों के Innovations को बड़ा मंच, 100 टीमों का हुआ चयन

सैमसंग की सॉल्व फॉर टुमॉरो पहल भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों में उभरती तकनीकी प्रतिभाओं को सशक्त बना रही है। चयनित 100 दल एआई और स्वास्थ्य देखभाल जैसे क्षेत्रों में नवाचार कर रहे हैं, जो देश के व्यापक स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र के विस्तार का विश्लेषण करता है। शीर्ष विजेताओं को 2 करोड़ रुपये का अनुदान देना तकनीकी नवाचार के प्रति रणनीतिक निवेश को दर्शाता है।
दक्षिण कोरियाई उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी सैमसंग ने शनिवार को कहा कि उसने भारत में अपनी राष्ट्रव्यापी नवाचार और शिक्षा प्रतियोगिता सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो पहल के पांचवें संस्करण के लिए 100 दलों का चयन किया है। इसमें शीर्ष चार दलों को दो करोड़ रुपये मूल्य का इनक्यूबेशन अनुदान दिया जाएगा।
कंपनी ने एक बयान में कहा कि अंतिम सूची में शामिल आधे से अधिक दल टियर-2 और टियर-3 शहरों से आते हैं, जिससे पता चलता है कि प्रतिभा और उद्यमशीलता की महत्वाकांक्षा देश के महानगरों से बहुत आगे तक फल-फूल रही है।
इस समूह में बिहार के बक्सर, असम के कामरूप से लेकर हरियाणा के कैथल और तेलंगाना के मेडचल मल्काजगिरी तक के युवा नवप्रवर्तक शामिल हैं। बयान के मुताबिक इस साल सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो (एसएफटी) के लिए पिछले साल की तुलना में 85 प्रतिशत अधिक आवेदन आए। चुने गए आवेदन कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा, खेल और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों से जुड़े हैं, जो दिखाते हैं कि तकनीक कैसे रोजमर्रा की ज़िंदगी को बेहतर बना सकती है।
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