Sensex 685 अंक उछला, Brent Crude में गिरावट और बैंकिंग शेयरों से शेयर बाजार गुलजार

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वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आने के बाद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार लिवाली देखी गई। बीएसई सेंसेक्स 685 अंक से अधिक चढ़कर 73,067.81 पर और एनएसई निफ्टी 220 अंक की बढ़त के साथ 22,776.10 अंक पर बंद हुआ। ट्रेंट, रिलायंस इंडस्ट्रीज और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयरों ने बाजार की तेजी में प्रमुख भूमिका निभाई।

मुंबई, छह अक्टूबर कच्चे तेल के दाम घटकर 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आने और बैंकों एवं रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में जोरदार लिवाली से स्थानीय शेयर बाजार मंगलवार को लगातार दूसरे दिन चढ़कर बंद हुए। सेंसेक्स में 685 अंक और निफ्टी में 220 अंक की तेजी रही। विश्लेषकों के मुताबिक, वैश्विक बाजारों के मजबूत संकेतों और कच्चे तेल में नरमी से निवेशक धारणा बेहतर हुई।

बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 685.34 अंक यानी 0.95 प्रतिशत चढ़कर 73,067.81 अंक पर बंद हुआ। एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी भी 220.35 अंक यानी 0.98 प्रतिशत बढ़कर 22,776.10 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में ट्रेंट का शेयर सबसे अधिक 12.78 प्रतिशत उछल गया।

कोटक महिंद्रा बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), इटर्नल और एशियन पेंट्स के शेयर भी बढ़त में रहे। दूसरी तरफ, टेक महिंद्रा, टाइटन, बजाज फाइनेंस और आईटीसी के शेयर नुकसान में रहे। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.70 प्रतिशत गिरकर 98.59 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर. ने कहा, ‘‘कच्चे तेल की कीमतों में और गिरावट आने से व्यापक आर्थिक दबाव कुछ कम हुआ है, जिससे घरेलू शेयर बाजार में लगातार दूसरे सत्र तेजी रही।’’ व्यापक बाजार में छोटी कंपनियों का बीएसई स्मालकैप सेलेक्ट सूचकांक 1.25 प्रतिशत चढ़ गया जबकि मझोली कंपनियों का मिडकैप सेलेक्ट एक प्रतिशत की तेजी पर रहा। क्षेत्रवार सूचकांक में दूरसंचार खंड में सर्वाधिक 2.33 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई जबकि पूंजीगत उत्पाद खंड में 1.79 प्रतिशत, औद्योगिक खंड में 1.62 प्रतिशत और एफएमसीजी खंड में 1.57 प्रतिशत की तेजी रही। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘जी7 देशों के रणनीतिक तेल भंडार से बड़ी मात्रा में तेल जारी होने और पाइपलाइन के जरिये वैकल्पिक आपूर्ति बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गईं।

इससे होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते जहाजों की आवाजाही में आई बाधाओं का असर कुछ कम हुआ।’’ उन्होंने कहा कि वित्तीय एवं खुदरा क्षेत्र की कंपनियों के दूसरी तिमाही के मजबूत कारोबारी ‘अपडेट’ तथा वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के साथ तेल की कीमतों में गिरावट ने निवेशकों की धारणा को बेहतर किया। एशिया के अन्य बाजारों में जापान का निक्की और हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त में बंद हुए, जबकि दक्षिण कोरिया का कॉस्पी गिरावट में रहा। यूरोपीय बाजार दोपहर के समय बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।

अमेरिकी बाजार सोमवार को बढ़त में बंद हुए थे। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 4,699.14 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे। सोमवार को सेंसेक्स 472.77 अंक चढ़कर 72,382.47 अंक और निफ्टी 133.80 अंक बढ़कर 22,555.75 अंक पर बंद हुआ था।

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