Sun Pharma बना देश का Pharma Leader, India Business में 16% की बढ़त के साथ दर्ज किया तगड़ा Net Profit

Sun Pharma
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Ankit Jaiswal । Jul 31 2026 7:29PM

सन फार्मास्युटिकल ने पहली तिमाही में 27 प्रतिशत का शुद्ध लाभ दर्ज किया है, हालांकि यह बाजार विशेषज्ञों के अनुमान से कम रहने के कारण निवेशकों में मिश्रित प्रतिक्रिया रही। कंपनी का भारत में मजबूत प्रदर्शन और नवाचार आधारित दवाओं की बढ़ती मांग भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत है, जबकि अमेरिकी जेनेरिक कारोबार में आई गिरावट रणनीतिक चिंता का विषय है। कीवर्ड्स: सन फार्मास्युटिकल, तिमाही नतीजे, बिजनेस न्यूज, फार्मा सेक्टर।

शेयर बाजार में दवा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज़ ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का प्रदर्शन कई मामलों में मजबूत रहा, हालांकि नेट लाभ बाजार की उम्मीदों से थोड़ा कम रहा। इसके बावजूद कंपनी ने भारत के कारोबार और नवाचार आधारित दवाओं की बिक्री में अच्छी बढ़त दर्ज की है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, जून 2026 को समाप्त तिमाही में कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ 27 प्रतिशत बढ़कर 2,894 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 2,280 करोड़ रुपये के आसपास था। हालांकि बाजार विशेषज्ञों ने करीब 3,051 करोड़ रुपये के नेट लाभ का अनुमान लगाया था, इसलिए वास्तविक आंकड़ा उम्मीद से कम रहा। वहीं, समायोजित नेट लाभ 3.1 प्रतिशत बढ़कर 3,089 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है।

कंपनी की ऑपरेटिंग आय में भी बढ़ोतरी देखने को मिली। पहली तिमाही के दौरान कुल परिचालन आय 10.5 प्रतिशत बढ़कर 15,299 करोड़ रुपये रही। हालांकि यह भी बाजार के अनुमान 15,625 करोड़ रुपये से थोड़ी कम रही। दूसरी ओर, ऑपरेटिंग लाभ 3 प्रतिशत बढ़कर 4,417 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो अनुमान से बेहतर रहा। कंपनी का ऑपरेटिंग लाभ मार्जिन 28.9 प्रतिशत दर्ज किया गया। गौरतलब है कि यह बाजार की अपेक्षा से बेहतर रहा, लेकिन पिछले वर्ष की समान तिमाही के 31 प्रतिशत के मुकाबले इसमें कुछ गिरावट आई है।

कंपनी के प्रबंध निदेशक कीर्ति गणोरकर ने कहा कि तिमाही के दौरान भारत के कारोबार और नवाचार आधारित दवाओं के पोर्टफोलियो में मजबूत वृद्धि ने प्रदर्शन को सहारा दिया है। अमेरिका समेत अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी इन दवाओं की अच्छी मांग बनी हुई है।

बता दें कि भारत में कंपनी की औषधि बिक्री 16 प्रतिशत बढ़कर 5,475 करोड़ रुपये पहुंच गई, जो कुल आय का 36.1 प्रतिशत हिस्सा रही। कंपनी ने दावा किया कि वह देश की सबसे बड़ी दवा कंपनी बनी हुई है। उसकी बाजार हिस्सेदारी भी एक वर्ष पहले के 8.2 प्रतिशत से बढ़कर 8.5 प्रतिशत हो गई है।

नवाचार आधारित दवाओं की वैश्विक बिक्री 12.8 प्रतिशत बढ़कर 35.1 करोड़ अमेरिकी डॉलर रही। यह कुल बिक्री का लगभग 22 प्रतिशत हिस्सा है। कंपनी ने भारत, ब्राज़ील और दक्षिण अफ्रीका में सेमाग्लूटाइड उत्पादों को मिली मंजूरी को जटिल पेप्टाइड दवाओं के विकास में अपनी क्षमता का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया है।

हालांकि अमेरिका के कारोबार में कुछ कमजोरी देखने को मिली। वहां औषधि बिक्री 9.7 प्रतिशत घटकर 42.7 करोड़ अमेरिकी डॉलर रह गई। कंपनी के अनुसार इसका मुख्य कारण जेनेरिक दवा कारोबार में गिरावट और लेनालिडोमाइड दवा की सीमित विशेष बिक्री अवधि समाप्त होना रहा है। वहीं उभरते बाजारों से आय 4.2 प्रतिशत बढ़कर 31.1 करोड़ अमेरिकी डॉलर रही, जबकि अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों से आय लगभग स्थिर रहकर 21.8 करोड़ अमेरिकी डॉलर दर्ज की गई है।

तिमाही परिणामों में 204 करोड़ रुपये का एक विशेष व्यय भी शामिल है। इसमें प्रस्तावित ऑर्गेनॉन अधिग्रहण से जुड़े 167 करोड़ रुपये के खर्च और देश में नए श्रम कानूनों को लागू करने से जुड़े 37 करोड़ रुपये शामिल हैं। कंपनी ने बताया कि ऑर्गेनॉन के शेयरधारक इस सौदे को मंजूरी दे चुके हैं और आवश्यक स्वीकृतियां मिलने के बाद यह अधिग्रहण वित्त वर्ष 2026-27 की चौथी तिमाही में पूरा होने की उम्मीद है।

गौरतलब है कि सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज़ लंबे समय से भारतीय दवा उद्योग की लीडिंग कंपनियों में शामिल रही है। कंपनी घरेलू बाजार के साथ-साथ अमेरिका, यूरोप, उभरते देशों और नवाचार आधारित दवाओं के क्षेत्र में लगातार अपनी मौजूदगी मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। हालांकि अमेरिकी जेनेरिक कारोबार की चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं, लेकिन भारत और विशेष दवाओं की मजबूत मांग कंपनी के लिए आगे भी सकारात्मक संकेत मानी जा रही हैं। तिमाही नतीजों के बाद कंपनी के शेयर कारोबार के दौरान करीब 1.5 प्रतिशत गिरकर 1,972 रुपये पर कारोबार करते दिखाई दिए ।

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