शेयर बाजार में लगातार छठे दिन गिरावट, सेंसेक्स 509 अंक टूटकर 57,000 अंक से नीचे फिसला

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घरेलू शेयर बाजारों में गिरावट का सिलसिला बुधवार को लगातार छठे कारोबारी सत्र में भी जारी रहा और बीएसई सेंसेक्स 509 अंक से अधिक लुढ़क कर 57,000 अंक के नीचे बंद हुआ। वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख के बीच धातु, बैंक और वित्तीय शेयरों में बिकवाली से बाजार नुकसान में रहा।

मुंबई। घरेलू शेयर बाजारों में गिरावट का सिलसिला बुधवार को लगातार छठे कारोबारी सत्र में भी जारी रहा और बीएसई सेंसेक्स 509 अंक से अधिक लुढ़क कर 57,000 अंक के नीचे बंद हुआ। वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख के बीच धातु, बैंक और वित्तीय शेयरों में बिकवाली से बाजार नुकसान में रहा। कारोबारियों के अनुसार डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट और लगातार पूंजी निकासी से भी बाजार धारण प्रभावित हुई। तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 509.24 अंक यानी 0.89 प्रतिशत की गिरावट के साथ 56,598.28 अंक पर बंद हुआ।

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कारोबार के दौरान एक समय यह 621.85 अंक तक नीचे आ गया था। इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 148.80 अंक यानी 0.87 प्रतिशत की गिरावट के साथ 16,858.60 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स के तीस शेयरों में से आईटीसी सबसे ज्यादा 2.97 प्रतिशत नीचे आया। इसके अलावा एक्सिस बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील, इंडसइंड बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, एचडीएफसी लि. और एचडीएफसी बैंक भी नुकसान में रहे। दूसरी तरफ लाभ में रहने वाले शेयरों में एशियन पेंट्स, सन फार्मा, डॉ. रेड्डीज और पावरग्रिड शामिल हैं। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लि. के खुदरा शोध प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा, ‘‘वैश्विक शेयर बाजारों की तरह घरेलू बाजार नुकसान में रहे। दुनिया भर के बाजारों में विकसित देशों में आर्थिक मंदी की आशंका को लेकर उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।

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इसका असर निवेशकों की धारणा पर पड़ रहा है। घरेलू स्तर पर हाल के सत्रों में एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशकों) की आक्रामक रूप से बिकवाली, भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक और बृहस्पतिवार को वायदा एवं विकल्प खंड में सौदों के निपटान के आखिरी दिन से निवेशक सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘निफ्टी को 17,000 के आसपास समर्थन था लेकिन अब वह नीचे आ गया है। निकट भविष्य में बाजार में दबाव बना रह सकता है। हालांकि विभिन्न क्षेत्रों में मिले-जुले रुख को देखते हुए त्योहार आने के साथ खासकर वाहन, खपत जैसे क्षेत्रों में शेयर आधारित अवसर उपलब्ध होंगे।’’ जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘वैश्विक स्तर पर मंदी को लेकर चिंता के बीच घरेलू बाजार में ऊंचे मूल्य को लेकर निवेशक आशंकित हैं। वहीं विदेशी निवेशक निवेश के लिये सुरक्षित जगह की तलाश में उभरते बाजारों से निकल रहे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, घरेलू अर्थव्यवस्था में मजबूत बुनियाद के साथ तेजी है, लेकिन वैश्विक स्तर पर मंदी को लेकर चिंता बढ़ने से शेयर बाजार में जोखिम लेने से निवेशक बच रहे हैं।’’ एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में रहे। यूरोप के प्रमुख बाजारों में शुरुआती कारोबार में गिरावट का रुख रहा। अमेरिकी बाजार में मंगलवार को मिला-जुला रुख रहा। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.08 प्रतिशत घटकर 86.20 डॉलर प्रति बैरल रहा। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 40 पैसे टूटकर 81.93 पर आ गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को 2,823.96 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।

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