Airtel और Jio के आरोपों के बाद Vodafone Idea पर TRAI की नजर, होगी जांच

भारती एयरटेल और रिलायंस जियो ने वोडाफोन आइडिया पर ग्राहकों को नेटवर्क बदलने के लिए प्रोत्साहित करने का आरोप लगाया है। ट्राई के अध्यक्ष ए.के. लाहोटी ने कहा कि नियामक को मिली इन शिकायतों की जांच की जाएगी। वहीं वोडाफोन आइडिया ने कहा है कि वह कानून के मुताबिक कारोबार कर रही है।
दूरसंचार बाजार में प्रतिस्पर्धा को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। भारती एयरटेल और रिलायंस जियो की ओर से वोडाफोन आइडिया पर ग्राहकों को अपना मोबाइल नेटवर्क अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के आरोप लगाए गए हैं। मामले को लेकर दूरसंचार नियामक ट्राई के अध्यक्ष ए.के. लाहोटी ने सोमवार को कहा कि नियामक को दूरसंचार कंपनियों से जो भी शिकायतें और आपत्तियां मिली हैं, उनकी जांच की जाएगी।
ए.के. लाहोटी ने दूरसंचार उद्योग से जुड़े एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि जब भी किसी दूरसंचार कंपनी की ओर से कोई मामला नियामक के सामने रखा जाता है तो उसकी समीक्षा की जाती है। उन्होंने बताया कि कंपनियों ने एक-दूसरे के खिलाफ कुछ चिंताएं सामने रखी हैं और नियामक को प्राप्त सभी मामलों को देखा जाएगा।
हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि क्या भारती एयरटेल और रिलायंस जियो की ओर से वोडाफोन आइडिया के खिलाफ उठाए गए मुद्दे पर ट्राई अलग से कार्रवाई कर रहा है, तो उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि तीनों कंपनियों को आगे की चर्चा के लिए बुलाया जाएगा या उनसे अतिरिक्त जानकारी मांगी जाएगी।
मौजूद जानकारी के अनुसार, विवाद की जड़ वोडाफोन आइडिया की ओर से कथित तौर पर चलाए गए ऐसे प्रचार और ग्राहक संपर्क अभियानों से जुड़ी है, जिनमें दूसरे नेटवर्क से अपना मोबाइल नंबर वोडाफोन आइडिया में स्थानांतरित कराने वाले ग्राहकों को विशेष शुल्क लाभ देने की बात कही गई थी। एक दूरसंचार कंपनी ने हाल में इस मामले को ट्राई के सामने उठाया है।
शिकायत करने वाली कंपनी ने अपने पत्र में ट्राई के पुराने रुख का भी हवाला दिया है। उसका कहना है कि किसी दूसरे नेटवर्क से नंबर स्थानांतरित कराकर आने वाले ग्राहकों को ही अलग या विशेष शुल्क लाभ देना उचित नहीं है। कंपनी के मुताबिक इस तरह की पेशकश ग्राहकों को अपना मौजूदा नेटवर्क छोड़कर दूसरे नेटवर्क पर जाने के लिए प्रोत्साहित करने के समान हो सकती है।
इस कंपनी ने नियामक से वोडाफोन आइडिया को ऐसी प्रचार सामग्री तुरंत बंद करने का निर्देश देने की मांग भी की है। साथ ही, कंपनी ने कथित तौर पर ऐसे विज्ञापनों, प्रचार अभियानों और बिक्री गतिविधियों को वापस लेने की पुष्टि करने वाली अनुपालन रिपोर्ट जमा कराने की मांग की है, जिनमें नंबर स्थानांतरण के बदले विशेष शुल्क लाभ की बात कही गई हो।
गौरतलब है कि भारत के दूरसंचार बाजार में मोबाइल ग्राहकों को अपने नेटवर्क से जोड़ने की होड़ काफी तेज है। मोबाइल नंबर स्थानांतरण की सुविधा के कारण ग्राहक अपना नंबर बदले बिना एक कंपनी से दूसरी कंपनी की सेवा ले सकते हैं। ऐसे में कंपनियां नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए अलग-अलग शुल्क योजनाएं और प्रचार प्रस्ताव पेश करती हैं। यही वजह है कि किसी खास नेटवर्क से आने वाले ग्राहकों को विशेष लाभ देने की नीति प्रतिस्पर्धा और नियामकीय नियमों के लिहाज से महत्वपूर्ण हो जाती है।
वोडाफोन आइडिया ने आरोपों पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि कंपनी निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा, अपने उत्पादों की मजबूती और ग्राहकों को दिए जाने वाले मूल्य में विश्वास करती है। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि वोडाफोन आइडिया हमेशा कानून के अनुरूप अपना कारोबार करती है।
भारती एयरटेल और रिलायंस जियो से इस मामले पर प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी ओर से तत्काल कोई टिप्पणी उपलब्ध नहीं हो सकी। ऐसे में फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ट्राई की जांच किस दिशा में आगे बढ़ेगी और क्या नियामक तीनों कंपनियों के बीच औपचारिक बातचीत कराएगा।
बता दें कि ट्राई के सामने मामला पहुंचने के बाद अब मुख्य सवाल यह है कि वोडाफोन आइडिया की कथित प्रचार गतिविधियां मौजूदा दूरसंचार नियमों के दायरे में आती हैं या नहीं। यदि नियामक को किसी नियम का उल्लंघन मिलता है तो आगे की कार्रवाई उसी आधार पर तय हो सकती है। फिलहाल ट्राई की समीक्षा पूरी होने का इंतजार है और इस मामले में नियामक का अगला कदम दूरसंचार क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा के लिए अहम संकेत हैं।
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