• वॉरेन बुफे ने गेट्स फाउंडेशन से इस्तीफा दिया, नेतृत्व ढांचे को लेकर जुलाई में होगी योजना की घोषणा

वॉरेन बुफे ने बुधवार को बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन (बीएमजी) के ट्रस्टी के पद से इस्तीफा दे दिया। बिल एण्ड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के संस्थापकों के बीच तलाक की कार्रवाई चल रही है।

न्यूयॉर्क। वॉरेन बुफे ने बुधवार को बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन (बीएमजी) के ट्रस्टी के पद से इस्तीफा दे दिया। बिल एण्ड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के संस्थापकों के बीच तलाक की कार्रवाई चल रही है। वारेन की तरफ से यह बयान उस समय आया है, जब कुछ सप्ताह पहले बिल और मेलिंडा गेट्स ने शादी के 27 साल बाद तलाक लेने की घोषणा की है। हालांकि, उन्होंने कहा है कि मिलकर फाउंडेशन का कामकाज करते रहेंगे। बिल एण्ड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन दुनिया की सबसे बड़ी परोपकारी संस्था है। वॉरेन बुफे ने बुधवार को एक बयान में कहा, ‘‘चार साल से मैं ट्रस्टी रहा हूं -- एक निष्क्रिय ट्रस्टी -- मेरे कोष को पाने वाले इस फाउंडेशन का, बिल एण्ड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन।

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मैं अब इस पद से इस्तीफा दे रहा हूं, जैसा कि मैंने बर्कशायर के अलावा अन्य सभी कॉर्पोरेट बोर्ड के संबंध में किया है।’’ बीएमजी के सीईओ मार्क सुजमैन हैं, उन्हें मेरा पूर्ण समर्थन है, हाल में उन्हें चुना गया है। मेरा लक्ष्य शत प्रतिशत फाउंडेशन के लोगों के साथ है। इन लक्ष्यों को पाने के लिये मेरा शारीरिक तौर पर यहां होना जरूरी नहीं है। बर्कशायर हाथवे के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी बुफे ने कहा कि वह समूह में अपने पूरे हिस्से को देने के अपने लक्ष्य तक पहुंचने के आधे रास्ते पर है। वह 4.1 अरब डॉलर के शेयर पांच न्यासों को दान में दे रहे हैं। इसमें 3.2 अरब डालर से अधिक बीएमजी फाउंडेशन को दिये गये हैं। इसके साथ ही इस फाउंडेशन को उन्होंने कुल 33 अरब डालर दे दिये हैं। सुजमैन ने एक बयान में यह कहा। सुजमैन ने कहा, ‘‘मुझे पता है कि वारेन के जाने से फाउंडेशन के संचालन को लेकर सवाल खड़े होंगे।’’

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उन्होंने कहा कि वह उनके (वारेन), बिल और मेलिंडा के साथ फाउंउेशन के संचालन को लेकर सक्रिय तौर पर विचार करते रहे हैं। फाउंडेशन के संचालन में दीर्घकालिक तौर पर स्थिरता और निरंतरता तथा निर्णय के लिये विचार विमर्श करते रहे हैं। बिल और मेलिंडा के हाल में तलाक की घोषणा के परिपेक्ष में यह बातचीत होती रही है। मैं इस बारे में अतिरिक्त जानकारी जुलाई में साझा करूंगा।’’ कुछ लोगों ने इस परोपकारी संस्था के निदेशक मंडल में बदलाव की बात कही है जिससे कि फाउंडेशन को दिशा देने के लिये इसमें और लोगों को शामिल किया जा सके।