कॉमर्स से की है 12वीं तो इन कोर्सेज में ले सकते हैं दाखिला, कॅरियर के लिए हैं बेहतरीन संभावनाएं

commerce
unsplash

किसी भी कॉमर्स बैकग्राउंड वाले छात्र के लिए कॅरियर में बेहतर प्लेसमेंट के कई विकल्प मौजूद होते हैं। लेकिन फिर भी 12वीं के बाद कॉमर्स के छात्रों के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि वे 12वीं के बाद कौन सा कोर्स चुनें। अगर आप भी इसी सवाल से परेशान हैं तो आज का यह लेख जरूर पढ़ें।

12वीं के बाद एक अच्छा कोर्स और कॅरियर ऑप्शन चुनना काफी कठिन होता है। किसी भी कॉमर्स बैकग्राउंड वाले छात्र के लिए कॅरियर में बेहतर प्लेसमेंट के कई विकल्प मौजूद होते हैं। लेकिन फिर भी 12वीं के बाद कॉमर्स के छात्रों के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि वे 12वीं के बाद कौन सा कोर्स चुनें। अगर आप भी इसी सवाल से परेशान हैं तो आज का यह लेख जरूर पढ़ें। आज के इस लेख में हम आपको बताएंगे कि कॉमर्स स्ट्रीम से इंटर करने के बाद आप कौन से कोर्सेस चुन सकते हैं - 

इसे भी पढ़ें: नीट यूजी का रजिस्ट्रेशन शुरू! जानें कब होगी परीक्षा, इस लिंक के जरिए करें आवेदन

बीकॉम (Bcom)

Bcom का फुल फॉर्म बैचलर ऑफ कॉमर्स होता है। इस कोर्स की अवधि सभी काॅलेजों में 3 साल की होती है। भारत के अधिकतर विश्वविद्यालयों में यह कोर्स करवाया जाता है। आप बीकॉम के बाद एमकॉम में पोस्ट ग्रेजुएशन कर सकते हैं।  


चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA)

कॉमर्स के छात्रों द्वारा चार्टर्ड अकाउंटेंट का कोर्स करने की होड़ सबसे ज्यादा देखी जाती है। इसलिए भारत के अलग-अलग हिस्सों में सीए की तैयारी कराने के लिए कोचिंग इंस्टिट्यूट भी चलाए जा रहे हैं। सीए का कोर्स कॉमर्स के तमाम छात्रों द्वारा किया जा सकता है। लेकिन सीए फाइनल परीक्षा पास करने तक कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने से पहले काॅमन प्रोफिशिएंसी टेस्ट की परीक्षा पास करनी होती है। सीए कोर्स में मर्केटाइल लॉ, क्वांटिटेटिव, जनरल इकोनॉमी, अकाउंट जैसे सब्जेक्ट होते हैं। किसी भी काॅमर्स के छात्र को सीए बनने के लिए 12वीं कक्षा में कम से कम 50 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण होना अनिवार्य होता है।

इसे भी पढ़ें: CTET एग्जाम की तैयारी कर रहे हैं तो फॉलो करें ये टिप्स, जरूर मिलेगी सफलता

कंपनी सेक्रेटरी (CS)

12वीं के बाद कंपनी सेक्रेटरी कोर्स छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय है। किसी कंपनी का सेक्रेटरी बनने के लिए आपको सीएस का कोर्स करना होगा। लेकिन सीएस में प्रवेश की पात्रता के लिए किसी भी विषय से स्नातक की डिग्री होनी अनिवार्य है। आईसीएमआई यानी इंस्टिट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेट्रीज ऑफ इंडिया के द्वारा पूरे भारत में सेक्रेटरी प्रोग्राम का संचालन किया जाता है। CS कोर्स के तीनों चरणों - एग्जीक्यूटिव, प्रोफेशनल व फाउंडेशन के कोर्स को करने के बाद किसी एक्सपीरियंसधारी कंपनी सेक्रेटरी के साथ बतौर असिस्टेंट सेक्रेटरी रहकर 1।5 साल की ट्रेनिंग करना भी अनिवार्य होता है।                                   

बैचलर इन कंप्यूटर एप्लीकेशन (BCA) 

बैचलर इन कंप्यूटर एप्लीकेशन (BCA) का कोर्स 12वीं के बाद केवल कॉमर्स के छात्र ही नहीं बल्कि अन्य कई स्ट्रीमों के छात्र भी करते हैं। लेकिन यह कोर्स विशेषत: कॉमर्स स्ट्रीम के छात्रों के लिए मददगार साबित होता है। 3 साल की इस कोर्स की अवधि के दौरान आप सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग जैसी कई अन्य चीजें भी सीखते हैं। BCA की डिग्री हासिल करने के बाद आप किसी भी आईटी कंपनी में जॉब के हकदार हो जाते हैं। BCA के बाद कंप्यूटर एप्लीकेशन में मास्टर डिग्री भी की जा सकती है। जिसे आप किसी भी सॉफ्टवेयर कंपनी में बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर नौकरी पा सकते हैं।


बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA )

12वीं के बाद छात्र बीबीए यानी बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन का कोर्स भी कर सकते है। इस कोर्स की अवधि 3 साल होती हैं। BBA करने के बाद आप बिजनेस मैनेजमेंट में कॅरियर बनाने की ओर बढ़ सकते हैं। इसके बाद आप एमबीए कोर्स में भी दाखिला ले सकते हैं।

- प्रिया मिश्रा 

We're now on WhatsApp. Click to join.
All the updates here:

अन्य न्यूज़